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लंबे समय से चला रहा था अवैध कारोबार
Updated Mon, 25 May 2015 12:10 AM IST
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समाजवादी पार्टी ब्राह्मण सभा का जिलाध्यक्ष बनने के बाद रामनिहोर मिश्रा की तूती बोलने लगी। वह मादक पदार्थों के कारोबार में लंबे समय से जुड़ा था, लेकिन पुलिस उस पर हाथ डालने से बचती रही। इस वजह से दिनोंदिन उसका कारोबार बढ़ता गया। सूत्रों की मानें तो इलाके के लाइसेंसी शराब कारोबारियों ने ऐतराज जताया तब जाकर पुलिस ने आबकारी विभाग की टीम के साथ मिलकर छापेमारी की योजना बनाई। छापेमारी में सपा नेता की करतूत खुलकर सामने आ गई।
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खरेला निवारी रामनिहोर मिश्रा लंबे समय से मादक पदार्थों के कारोबार में जुटा था। सूत्रों की मानें तो वह शराब बनाकर गांवों के बीच सप्लाई करवाता था। इसके अलावा अफीम एवं गांजा का कारोबार भी लंबे समय से कर रहा था। कई बार इलाकाई पुलिस ने उस पर शिकंजा कसने की योजना बनाई, लेकिन उसकी पहुंच के आगे सारे प्रयास बौने साबित हुए। इस बीच उसने सत्तापक्ष के नेताओं से अपनी नजदीकी बढाई और सपा के अनुषांगिक संगठन ब्राह्मण महासभा का जिलाध्यक्ष बन बैठा।
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जिलाध्यक्ष बनने के बाद उसका कारोबार बेखौफ चलने लगा। इसी बीच पार्टी के एक नेता की शिकायत पर उसे जिलाध्यक्ष पद से हटाया गया, लेकिन वह अपनी ऊंची पहुंच और सत्ता की धौंस देकर बेखौफ होकर कारोबार चलाता रहा। मामला सत्तापक्ष से जुड़ा होने की वजह से इलाके की पुलिस ने भी अपने काम से ही मतलब रखा। सूत्रों की मानें तो रामनिहोर की फैक्ट्री में तैयार हो रही शराब काफी सस्ती पड़ती थी। ऐसी स्थिति में इलाके के गांवों में नकली शराब पहुंचने लगी और लाइसेंसी दुकानों का कारोबार प्रभावित होने लगा।
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आखिरकार लाइसेंसी दुकानदारों ने इसकी शिकायत आला अफसरों से की। तब जाकर स्थानीय पुलिस एवं आबकारी विभाग ने संयुक्त रणनीति बनाई। रविवार को सीओ चरखारी धनंजय सिंह कुशवाहा, आबकारी अधिकारी मनोज कुमार, आबकारी निरीक्षक राजदीप सिंह, नायब तहसीलदार संजीव कुमार ने पुलिस फोर्स रामनिहोर मिश्रा के घर पर घेराबंदी कर दी। जैसे ही रामनिहोर को पता चला कि पुलिस एवं आबकारी टीम के साथ नायब तहसीलदार भी हैं। उसे माजरा समझने में देर नहीं लगी और वह पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। इलाकाई पुलिस रिपोर्ट दर्ज कर जल्द ही उसे गिरफ्तार करने का दावा कर रही है।
अवैध असलहा बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़
अवैध शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़ करने पहुंची पुलिस ने सपा नेता के दूसरे घर में चल रही अवैध असलहा फैक्ट्री का भी भंडाफोड़ कर दिया। मौके से अधबने तमंचे व अवैध असलहे बनाने वाले उपकरण, चार कारतूस के खोके भी पुलिस ने बरामद किए हैं।
पुलिस ने अवैध असलहा बनाने के उपकरण कब्जे में लेकर सीज कर दिए हैं। राजू मिश्रा पर महोबा के अलावा पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश के छतरपुर के गढ़ीमलहरा में भी मुकदमे दर्ज हैं। उस पर यूपी और एमपी में गैंगस्टर, एससीएसटी एक्ट, जानलेवा हमला, हत्या सहित 35 मुकदमे दर्ज हैं।