{"_id":"5e6e61e98ebc3ea7e75c4399","slug":"bajrang-dal-activists-created-uproar-due-to-death-of-anna-animals-mahoba-news-knp5505232146","type":"story","status":"publish","title_hn":"महोबा: अन्ना पशुओं की मौत से बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने काटा हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महोबा: अन्ना पशुओं की मौत से बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने काटा हंगामा
विज्ञापन
महोबा। कबरई में बनी अस्थाई गोशाला में 24 घंटे में आधा दर्जन अन्ना पशुुओं की मौत से नाराज बजरंग दल और भाजपा कार्यकर्ताओं ने हंगामा काटा। साथ ही अन्ना पशुओं का पोस्टमार्टम कराने की मांग कर नपं के अधिशासी अधिकारी पर अन्ना पशुओं को खान-पान की बेहतर व्यवस्था न करने का आरोप लगाया।
शनिवार रात और रविवार सुबह नगर पंचायत कबरई की गोशाला में आधा दर्जन गोवंशों की मौत हो गई। खबर फैलते ही बजरंग दल के बउआ सिंह, विपिन वर्मा, धर्मेंद्र प्रजापति, भाजपा के सेक्टर प्रभारी संतोष कुशवाहा, प्रकाश मिश्रा, सभासद नीरज सोनी, अवधेश कुमार, पुष्पेंद्र सिंह, लखन कुमार, कुलदीप सिंह सहित तमाम लोग गोशाला पहुंचकर हंगामा करने लगे।
बजरंग दल और भाजपा कार्यकर्ताओं ने गोवंशों का बिना पोस्टमार्टम कराए कबरई बांध के पास फेंकने पर नाराजगी जताई। कहा कि अन्ना पशुओं का पोस्टमार्टम कराया जाए। हंगामे पर भी नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी और चेयरमैन मौके पर नहीं पहुंचे।
विज्ञापन
कार्यकर्ताओं ने पशुओं के भूसा और चारे में गड़बड़ी का आरोप लगाया। गोशाला पहुंचे डॉ. शैलेंद्र कुमार ने बताया कि गोवंशों में कमजोरी बहुत है। अधिशासी अधिकारी वेदप्रकाश का कहना है बजट का पूरा रुपया अन्ना पशुओं को खान-पान में लगा दिया जाता है।
विज्ञापन
शनिवार रात और रविवार सुबह नगर पंचायत कबरई की गोशाला में आधा दर्जन गोवंशों की मौत हो गई। खबर फैलते ही बजरंग दल के बउआ सिंह, विपिन वर्मा, धर्मेंद्र प्रजापति, भाजपा के सेक्टर प्रभारी संतोष कुशवाहा, प्रकाश मिश्रा, सभासद नीरज सोनी, अवधेश कुमार, पुष्पेंद्र सिंह, लखन कुमार, कुलदीप सिंह सहित तमाम लोग गोशाला पहुंचकर हंगामा करने लगे।
विज्ञापन
बजरंग दल और भाजपा कार्यकर्ताओं ने गोवंशों का बिना पोस्टमार्टम कराए कबरई बांध के पास फेंकने पर नाराजगी जताई। कहा कि अन्ना पशुओं का पोस्टमार्टम कराया जाए। हंगामे पर भी नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी और चेयरमैन मौके पर नहीं पहुंचे।
विज्ञापन
कार्यकर्ताओं ने पशुओं के भूसा और चारे में गड़बड़ी का आरोप लगाया। गोशाला पहुंचे डॉ. शैलेंद्र कुमार ने बताया कि गोवंशों में कमजोरी बहुत है। अधिशासी अधिकारी वेदप्रकाश का कहना है बजट का पूरा रुपया अन्ना पशुओं को खान-पान में लगा दिया जाता है।