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लिखित आदेश के बाद रोडवेज परिचालक का आमरण अनशन खत्म
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महोबा। परिवहन निगम के अधिकारियों के उत्पीड़न और ड्यूटी से बाहर किए जाने से परेशान संविदा परिचालक ने शुक्रवार से रोडवेज परिसर में अनिश्चितकालीन आमरण अनशन समाप्त हो गया है।
मुख्यालय निवासी संविदा परिचालक कपिल कश्यप ने दो दिन पहले सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक को पत्र भेजकर समस्या से अवगत कराया था। पत्र में आरोप लगाया था कि वरिष्ठ केंद्र प्रभारी द्वारा उन्हें ड्यूटी पर लेने से मना कर दिया गया है।
कारण जानने पर उसके खिलाफ 20 फरवरी 2011 का कथित रूप से 16 यात्री बिना टिकट का प्रकरण विचाराधीन होना बताया गया। दो माह से ड्यूटी पर न रखे जाने से उसके सामने भरण-पोषण की समस्या पैदा हो गई है। जिससे वह अनशन को मजबूर होगा।
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शुक्रवार को सुबह दस बजे संविदा परिचालक रोडवेज परिसर में आमरण अनशन पर बैठ गया। सूचना पर एसडीएम मोहम्मद अवेश व सीओ सदर रामप्रवेश राय मौके पर पहुंच गए और उन्होंने समस्या का निस्तारण कराया। बाद में परिचालक व एआरएम के साथ कार्यालय में वार्ताकर ड्यूटी पर वापस लिए जाने का एआरएम ने लिखित आदेश दिया।
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मुख्यालय निवासी संविदा परिचालक कपिल कश्यप ने दो दिन पहले सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक को पत्र भेजकर समस्या से अवगत कराया था। पत्र में आरोप लगाया था कि वरिष्ठ केंद्र प्रभारी द्वारा उन्हें ड्यूटी पर लेने से मना कर दिया गया है।
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कारण जानने पर उसके खिलाफ 20 फरवरी 2011 का कथित रूप से 16 यात्री बिना टिकट का प्रकरण विचाराधीन होना बताया गया। दो माह से ड्यूटी पर न रखे जाने से उसके सामने भरण-पोषण की समस्या पैदा हो गई है। जिससे वह अनशन को मजबूर होगा।
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शुक्रवार को सुबह दस बजे संविदा परिचालक रोडवेज परिसर में आमरण अनशन पर बैठ गया। सूचना पर एसडीएम मोहम्मद अवेश व सीओ सदर रामप्रवेश राय मौके पर पहुंच गए और उन्होंने समस्या का निस्तारण कराया। बाद में परिचालक व एआरएम के साथ कार्यालय में वार्ताकर ड्यूटी पर वापस लिए जाने का एआरएम ने लिखित आदेश दिया।