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Mahoba News: खाद न मिलने से नाराज किसानों ने जैतपुर-नौगांव मार्ग किया जाम
Tue, 04 Nov 2025 12:10 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Tue, 04 Nov 2025 12:10 AM IST
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फोटो 03 एमएएचपी 05 परिचय-जैतपुर-नौगांव मार्ग पर जाम लगाए किसान व फंसे वाहन। संवाद
बेलाताल (महोबा)। जिले में खाद की कमी लगातार बनी हुई है। 10 दिन से खाद के लिए चक्कर लगा रहे किसानों का धैर्य सोमवार को जवाब दे गया। टोकन लेने के लिए घंटों लाइन में लगने के बाद भी खाद न मिलने पर करीब एक हजार किसानों ने जैतपुर-नौगांव मार्ग पर एसके महाविद्यालय के पास जाम लगा दिया। दो घंटे तक जाम लगा रहने से सड़क के दोनोंं ओर सैकड़ों वाहन फंसे रहे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसानों को शांत कराया। तब आवागमन बहाल हो सका।
खाद वितरण की भनक लगते ही ब्लॉक जैतपुर क्षेत्र के दस से अधिक गांवों के किसान सुबह चार बजे से एसके महाविद्यालय में टोकन लेने के लिए लंबी-लंबी कतारों में लग गए। आठ बजे तक कोई भी अधिकारी व कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। इससे टोकन वितरण शुरू नहीं हो सका। घंटों इंतजार के बाद भी टोकन और खाद न मिलने से किसान भड़क गए। उन्होंंने एसके महाविद्यालय के सामने जैतपुर-नौगांव मार्ग पर जाम लगा दिया। देखते ही देखते सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतारेंं लग गईं। किसान जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करते रहे।
रामप्रताप, दिनेश, दीपक, पंकज, प्रमोद आदि का कहना कि प्रशासन अगर समय से खाद वितरण की सही सूचना दे और पारदर्शी तरीके से वितरण कराया जाए तो उन्हें भूखे-प्यासे लाइन में न लगना पड़े और न ही सड़कों पर जाम की नौबत आए। जाम लगने के बाद एक एंबुलेंस व कुछ स्कूली वाहन भी फंस गए लेकिन किसानों ने मानवता दिखाते हुए स्कूली बच्चों और एंबुलेंस को रास्ता दे दिया। सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी सुजीत जायसवाल व एसआई रमेशकांत त्रिपाठी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाकर शांत कराया। तब दो घंटे बाद सुबह 11 बजे जाम खुल सका।
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सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता विनय कुमार तिवारी का कहना है कि जिले में भरपूर खाद है। डीएपी का 1,316 एमटी स्टॉक बिक्री केंद्रों पर है जबकि पीसीएफ बफर गोदाम में 1,996 एमटी डीएपी और 4,217 एमटी यूरिया का स्टॉक उपलब्ध है। बताया कि सहकारी समितियों में पहले समितियों के सदस्योंं और फिर फार्मर रजिस्ट्री कराने वालों को नकद पर खाद दी जा रही है।
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किसानों ने बयां की हकीकत
टोकन वितरण में हो रहा पक्षपात
किसान लाली ने आरोप लगाया कि खाद टोकन वितरण में भारी पक्षपात हो रहा है। अधिकारी व कर्मचारी कुछ टोकन बचाकर अपने चहेतों को दे देते हैं जबकि किसान एक पखवाड़े से समिति के चक्कर काट रहे हैं। उन्हें न तो टोकन मिल रहा है और न ही खाद।
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10 दिन से लगा रहे चक्कर
किसान राहुल का कहना है कि दस दिन से खाद के लिए परेशान हैं। बोआई का समय सिर पर है लेकिन खाद नहीं मिल रही। सुबह तीन बजे ही टोकन वितरण स्थल आ गए थे। घंटों लाइन में लगे रहे लेकिन खाद नहीं मिली। एक बार फिर खाली हाथ लौटना पड़ा।
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खाद कब आएगी कोई नहीं बताता
किसान शिवम कहते हैं कि एक माह से खाद लेने के लिए चक्कर काट रहे हैं। कोई सही जानकारी नहीं देता। दिनभर भूखे-प्यासे लाइन में लगते हैं और खाली हाथ लौटना पड़ता है। एक बोरी खाद के लिए किसानों को कई दिनों तक भटकना पड़ रहा है।
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खाद के चक्कर में स्कूल नहीं जा पा रहे
छात्रा निशा ने बताया खाद के टोकन के चक्कर में स्कूल भी नहीं जा पाए। पिता घंटों लाइन में खड़े रहने में असमर्थ है लेकिन यहां न तो टोकन मिलता है न ही खाद। घंटों इंतजार के बाद बैरंग लौटना पड़ा।
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खाद वितरण की भनक लगते ही ब्लॉक जैतपुर क्षेत्र के दस से अधिक गांवों के किसान सुबह चार बजे से एसके महाविद्यालय में टोकन लेने के लिए लंबी-लंबी कतारों में लग गए। आठ बजे तक कोई भी अधिकारी व कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। इससे टोकन वितरण शुरू नहीं हो सका। घंटों इंतजार के बाद भी टोकन और खाद न मिलने से किसान भड़क गए। उन्होंंने एसके महाविद्यालय के सामने जैतपुर-नौगांव मार्ग पर जाम लगा दिया। देखते ही देखते सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतारेंं लग गईं। किसान जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करते रहे।
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रामप्रताप, दिनेश, दीपक, पंकज, प्रमोद आदि का कहना कि प्रशासन अगर समय से खाद वितरण की सही सूचना दे और पारदर्शी तरीके से वितरण कराया जाए तो उन्हें भूखे-प्यासे लाइन में न लगना पड़े और न ही सड़कों पर जाम की नौबत आए। जाम लगने के बाद एक एंबुलेंस व कुछ स्कूली वाहन भी फंस गए लेकिन किसानों ने मानवता दिखाते हुए स्कूली बच्चों और एंबुलेंस को रास्ता दे दिया। सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी सुजीत जायसवाल व एसआई रमेशकांत त्रिपाठी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाकर शांत कराया। तब दो घंटे बाद सुबह 11 बजे जाम खुल सका।
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सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता विनय कुमार तिवारी का कहना है कि जिले में भरपूर खाद है। डीएपी का 1,316 एमटी स्टॉक बिक्री केंद्रों पर है जबकि पीसीएफ बफर गोदाम में 1,996 एमटी डीएपी और 4,217 एमटी यूरिया का स्टॉक उपलब्ध है। बताया कि सहकारी समितियों में पहले समितियों के सदस्योंं और फिर फार्मर रजिस्ट्री कराने वालों को नकद पर खाद दी जा रही है।
किसानों ने बयां की हकीकत
टोकन वितरण में हो रहा पक्षपात
किसान लाली ने आरोप लगाया कि खाद टोकन वितरण में भारी पक्षपात हो रहा है। अधिकारी व कर्मचारी कुछ टोकन बचाकर अपने चहेतों को दे देते हैं जबकि किसान एक पखवाड़े से समिति के चक्कर काट रहे हैं। उन्हें न तो टोकन मिल रहा है और न ही खाद।
10 दिन से लगा रहे चक्कर
किसान राहुल का कहना है कि दस दिन से खाद के लिए परेशान हैं। बोआई का समय सिर पर है लेकिन खाद नहीं मिल रही। सुबह तीन बजे ही टोकन वितरण स्थल आ गए थे। घंटों लाइन में लगे रहे लेकिन खाद नहीं मिली। एक बार फिर खाली हाथ लौटना पड़ा।
खाद कब आएगी कोई नहीं बताता
किसान शिवम कहते हैं कि एक माह से खाद लेने के लिए चक्कर काट रहे हैं। कोई सही जानकारी नहीं देता। दिनभर भूखे-प्यासे लाइन में लगते हैं और खाली हाथ लौटना पड़ता है। एक बोरी खाद के लिए किसानों को कई दिनों तक भटकना पड़ रहा है।
खाद के चक्कर में स्कूल नहीं जा पा रहे
छात्रा निशा ने बताया खाद के टोकन के चक्कर में स्कूल भी नहीं जा पाए। पिता घंटों लाइन में खड़े रहने में असमर्थ है लेकिन यहां न तो टोकन मिलता है न ही खाद। घंटों इंतजार के बाद बैरंग लौटना पड़ा।

फोटो 03 एमएएचपी 05 परिचय-जैतपुर-नौगांव मार्ग पर जाम लगाए किसान व फंसे वाहन। संवाद