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आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने मांगा राज्य कर्मचारी का दर्जा
अमर उजाला ब्यूरो, महोबा
Updated Fri, 02 Sep 2016 11:04 PM IST
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तहसील में धरना देती आंगनबाड़ी कार्यकत्री
- फोटो : अमर उजाला
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मांगों को लेकर आंदोलित आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों व सहायिकाओं ने शुक्रवार को सदर तहसील में धरना देकर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को राज्य कर्मचारी देने की मांग बुलंद की। इसके बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। साथ ही मांगें पूरी न होने पर कलमबंद हड़ताल की चेतावनी भी दी। तहसील में धरने पर बैठी संघ की जिलाध्यक्ष शबीना बेगम ने कहा
कि भीषण महंगाई के इस दौर में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को मनरेगा के मजदूरों से भी कम मानदेय दिया जा रहा है। कार्यकत्रियों को 100 रुपये जबकि सहायिकाओं को 50 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से पैसा दिया जा रहा है। जिला मंत्री सविता रैकवार ने कहा कि कार्यकत्रियों को राज्य कर्मचारी घोषित कर न्यूनतम मानदेय 15000 रुपये प्रतिमाह दिलाया जाए। इसके बाद
एसडीएम नंहकू को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग पूरी न होने पर एक सप्ताह बाद कलमबंद हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है। धरने में जीवनलाल चौरसिया, मंजू चौरसिया, फूलवती, आशमीन खातून, मधु चतुर्वेदी, माधुरी, नीलम, कमला, शांति, राजकुमारी, अंजना सहित सैकड़ों की संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां रही।
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कि भीषण महंगाई के इस दौर में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को मनरेगा के मजदूरों से भी कम मानदेय दिया जा रहा है। कार्यकत्रियों को 100 रुपये जबकि सहायिकाओं को 50 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से पैसा दिया जा रहा है। जिला मंत्री सविता रैकवार ने कहा कि कार्यकत्रियों को राज्य कर्मचारी घोषित कर न्यूनतम मानदेय 15000 रुपये प्रतिमाह दिलाया जाए। इसके बाद
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एसडीएम नंहकू को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग पूरी न होने पर एक सप्ताह बाद कलमबंद हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है। धरने में जीवनलाल चौरसिया, मंजू चौरसिया, फूलवती, आशमीन खातून, मधु चतुर्वेदी, माधुरी, नीलम, कमला, शांति, राजकुमारी, अंजना सहित सैकड़ों की संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां रही।
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