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Mahoba News: इंट्री व लोकेशन के खेल में सभी नियम फेल
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कबरई (महोबा)। जिले की पत्थरमंडी कबरई में इंट्री व लोकेशन के खेल में सभी नियम फेल हैं। कबरई से लखनऊ तक एक ट्रक गिट्टी ले जाने में ट्रक मालिकों को पांच हजार रुपये तक कमीशन देना पड़ता है। इसमें इंट्री फीस से लेकर लोकेटरों तक का हिस्सा शामिल है। कभी-कभार ही वाहनों की चेकिंग होती है।
जिले में 310 पहाड़ और 200 से अधिक क्रशर प्लांट स्थापित है। पत्थरमंडी कबरई में प्रतिदिन एक से डेढ़ हजार ट्रक गिट्टी लेने आते हैं। नियम के अनुसार 18 चक्का डंपर में अधिकतम 40 टन गिट्टी ले जाने की अनुमति है और उतनी ही मात्रा के अनुरूप 25 घनमीटर रॉयल्टी अनिवार्य है। कबरई से लखनऊ तक 40 टन गिट्टी ले जाने पर करीब 50 हजार का खर्च आता है जबकि यह माल 56 हजार में बिकता है लेकिन लोकेशन के खेल में यह आंकड़े पूरी तरह बदल जाते हैं। लोकेशन माफिया की मिलीभगत से 18 चक्का डंपर 52 टन तक ओवरलोड गिट्टी लेकर लखनऊ भेजा जाता है। इस दौरान 40 टन के हिसाब से रॉयल्टी ली जाती है। माल अधिक होने के चलते यह 73 हजार में बिकता है।
नाम न छापने की शर्त पर ट्रक चालक व ट्रांसपोर्टर ने बताया कि कबरई से लखनऊ तक परिवहन विभाग के पांच अधिकारियों को प्रति ट्रक पांच से आठ हजार रुपये इंट्री फीस, लोकेशन माफिया को एक हजार रुपये प्रति चक्कर व इतना ही अतिरिक्त खर्च आने से एक चक्कर गिट्टी ले जाने में पांच हजार का भार बढ़ जाता है।
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ओवरलोडिंग का यह खेल लंबे समय से चल रहा है लेकिन इस पर रोक नहीं लग पा रही है। एआरटीओ दयाशंकर का कहना है कि छह माह में करीब 500 वाहनों का चालान किया जा चुका है।
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जिले में 310 पहाड़ और 200 से अधिक क्रशर प्लांट स्थापित है। पत्थरमंडी कबरई में प्रतिदिन एक से डेढ़ हजार ट्रक गिट्टी लेने आते हैं। नियम के अनुसार 18 चक्का डंपर में अधिकतम 40 टन गिट्टी ले जाने की अनुमति है और उतनी ही मात्रा के अनुरूप 25 घनमीटर रॉयल्टी अनिवार्य है। कबरई से लखनऊ तक 40 टन गिट्टी ले जाने पर करीब 50 हजार का खर्च आता है जबकि यह माल 56 हजार में बिकता है लेकिन लोकेशन के खेल में यह आंकड़े पूरी तरह बदल जाते हैं। लोकेशन माफिया की मिलीभगत से 18 चक्का डंपर 52 टन तक ओवरलोड गिट्टी लेकर लखनऊ भेजा जाता है। इस दौरान 40 टन के हिसाब से रॉयल्टी ली जाती है। माल अधिक होने के चलते यह 73 हजार में बिकता है।
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नाम न छापने की शर्त पर ट्रक चालक व ट्रांसपोर्टर ने बताया कि कबरई से लखनऊ तक परिवहन विभाग के पांच अधिकारियों को प्रति ट्रक पांच से आठ हजार रुपये इंट्री फीस, लोकेशन माफिया को एक हजार रुपये प्रति चक्कर व इतना ही अतिरिक्त खर्च आने से एक चक्कर गिट्टी ले जाने में पांच हजार का भार बढ़ जाता है।
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ओवरलोडिंग का यह खेल लंबे समय से चल रहा है लेकिन इस पर रोक नहीं लग पा रही है। एआरटीओ दयाशंकर का कहना है कि छह माह में करीब 500 वाहनों का चालान किया जा चुका है।