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जंगली फल खाने से एक दर्जन बच्चे बीमार
अमर उजाला ब्यूरो, महोबा
Updated Sun, 04 Sep 2016 11:16 PM IST
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जिला अस्पताल में भर्ती बीमार बच्चे
- फोटो : अमर उजाला
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कोतवाली क्षेत्र के ग्राम थाना में जंगली फल खाने से एक दर्जन बच्चों की हालत बिगड़ गई। उल्टी दस्त के साथ चक्कर खाते घर पहुंचे बच्चों को देखकर परिजनों के होश उड़ गए। आनन फानन में बच्चों को इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया। जहां डाक्टरों ने सभी बच्चों की हालत में सुधार बताया है। ग्राम थाना निवासी रोहिणी (08) पुत्री रमेश, अर्जुन (09) पुत्र
रमेश, रक्षा (07) पुत्र सिपाहीलाल, शिवम (05) पुत्र सुखराम, क्षमा (10) पुत्री धनीराम, मोनू (06) पुत्र मंगलसिंह, रीना (09) पुत्री परशुराम, सचिन (08) पुत्र परशुराम, पप्पू (05) सहित एक दर्जन बच्चे रविवार को विद्यालयों में अवकाश होने के चलते गांव में खेल रहे थे। सभी बच्चे खेलते खेलते समीप के जंगल में पहुंच गए। बच्चों ने पेड़ पर काले रंग के लगे छोटे छोटे फलों को
बेर समझकर खा लिया। फल खाते ही बच्चों की हालत बिगड़ने लगी। उल्टी दस्त के साथ ही चक्कर आने पर बच्चे घर पहुंचे। बच्चों की हालत बिगड़ी देख परिजनों में हड़कंप मच गया। आनन फानन में सभी बच्चों को इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया। इमरजेंसी वार्ड के एक एक बेडों में दो से तीन बच्चों को लिटा कर डाक्टरों ने उपचार शुरू किया। खबर लिखे जाने तक सभी बच्चों की हालत में सुधार बताया गया। डाक्टर डीके सुल्लेरे ने बताया कि विषैला फल खाने से बच्चों की हालत बिगड़ी। इलाज के बाद सभी की हालत में सुधार हो रहा है।
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रमेश, रक्षा (07) पुत्र सिपाहीलाल, शिवम (05) पुत्र सुखराम, क्षमा (10) पुत्री धनीराम, मोनू (06) पुत्र मंगलसिंह, रीना (09) पुत्री परशुराम, सचिन (08) पुत्र परशुराम, पप्पू (05) सहित एक दर्जन बच्चे रविवार को विद्यालयों में अवकाश होने के चलते गांव में खेल रहे थे। सभी बच्चे खेलते खेलते समीप के जंगल में पहुंच गए। बच्चों ने पेड़ पर काले रंग के लगे छोटे छोटे फलों को
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बेर समझकर खा लिया। फल खाते ही बच्चों की हालत बिगड़ने लगी। उल्टी दस्त के साथ ही चक्कर आने पर बच्चे घर पहुंचे। बच्चों की हालत बिगड़ी देख परिजनों में हड़कंप मच गया। आनन फानन में सभी बच्चों को इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया। इमरजेंसी वार्ड के एक एक बेडों में दो से तीन बच्चों को लिटा कर डाक्टरों ने उपचार शुरू किया। खबर लिखे जाने तक सभी बच्चों की हालत में सुधार बताया गया। डाक्टर डीके सुल्लेरे ने बताया कि विषैला फल खाने से बच्चों की हालत बिगड़ी। इलाज के बाद सभी की हालत में सुधार हो रहा है।
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