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छह क्रेशर प्लांट हुए सीज, संचालकों में खलबली
Mahoba
Updated Thu, 07 Jun 2012 12:00 PM IST
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कबरई (महोबा)। क्रेशर प्लांटों में प्रदूषण नियंत्रण नियमों का पालन न करना अब महंगा पड़ सकता है। प्रदूषण बोर्ड के अधिकारियों ने जिला प्रशासन की मदद से चार क्रेशर प्लांट सीज कर दिए वहीं दो प्लांटों पर वाणिज्यकर का लाखों रुपया बकाया होने पर तहसीलदार ने प्लांटों को सीज कर दिया। प्रशासन की इस कार्रवाई से मंडी में अफरा-तफरी का माहौल रहा।
कबरई पत्थर मंडी में दो 200 से अधिक स्टोन क्रेशर हैं। हर स्टोन क्रेशर प्लांट को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से एनओसी लेकर ही प्लांट का संचालन करना होता है। साथ ही धूल प्रदूषण रोकने के लिए टीन शेड द्वारा प्लांट को कवर करने के अलावा डस्ट के खापा में पानी के फव्वारे चलाने के साथ प्लांट के चारों तरफ ऊंची दीवार और हरित पट्टी के लिए पेड़ों को लगाना जरूरी होता है। एप्रोच रोड पर भी पानी का छिड़काव जरूरी है। कबरई में बढ़ते डस्ट प्रदूषण को रोकने के लिए पिछले पखवारे जिलाधिकारी डा. काजल ने कलेक्ट्रेट में पत्थर व्यापारियों की बैठक ली थी। इसमें प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी रामगोपाल ने भी अपनी टीम के साथ शिरकत की थी जिसमें तय हुआ था कि हर क्रेशर मालिक प्रदूषण बोर्ड के नियम कायदों का पालन करेगा। साथ ही गहोई धर्मशाला में भी क्रेशर यूनियन और प्रदूषण बोर्ड के अधिकारियों के बीच मई के दूसरे सप्ताह समझौता बैठक हुई थी। इसमें दोनों पक्षों में तय हुआ कि 28 मई के पहले हर क्रेशर प्लांट फव्वारा चलाएंगे ताकि डस्ट प्रदूषण से बचा जा सके। साथ ही शाम को 6 बजे से 10 बजे के बीच क्रेशर प्लांट बंद रहेंगे ताकि धूल प्रदूषण से बचा जा सके। यह भी तय हुआ था कि 28 मई के बाद प्रदूषण बोर्ड और जिले के प्रशासनिक अधिकारी कभी भी औचक निरीक्षण कर प्रदूषण बोर्ड के नियमाें का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई कर सकते हैं।
बुधवार को अचानक प्रदूषण बोर्ड के अधिकारी रामगोपाल अपनी टीम के साथ जिलाधिकारी डा. काजल से मिले और उन्हें क्रेशर प्लांटों के औचक निरीक्षण और नियमों की अनदेखी पर समझौते के मुताबिक कार्रवाई से अवगत कराया। डीएम के निर्देश पर तहसीलदार जेआर मौर्या भारी पुलिस के साथ आ गए और प्रदूषण विभाग ने नियमों की अनदेखी का हवाला देकर मोचीपुरा के प्लांट शिवजी ग्रेनाइट, भोला स्टोन मिल, जय कलशहा बाबा ग्रेनाइट, मुकुं द ग्रेनाइट को सीज कर दिया। क्रेशर प्लांटों में बंदी की कार्रवाई से दिनभर मंडी में अफरातफरी का माहौल रहा। संचालकों में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और जिला प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई से खलबली मची रही।
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वाणिज्यकर के बकाए में भी सील हुए प्लांट
कबरई (महोबा)। क्रेशर प्लांटों पर वाणिज्यकर के लाखों रुपए बकाए के मामले में तहसीलदार जेआर मौर्या और असिटेंट कमिश्नर वाणिज्यकर ने 8.34 लाख रुपए की आरसी जारी होने पर क्रेशर यूनियन के अध्यक्ष का प्लांट सूरज ग्रेनाइट और 8 लाख रुपए वाणिज्य कर बकाया होने पर कुमार ग्रेनाइट को सीज कर दिया। उधर चरखारी की जय दुर्गे ग्रेनाइट क्रेशर को सीज कर दिया गया। असिस्टेंट कमिश्नर वाणिज्यकर राम लगन यादव ने बताया कि वाणिज्य कर बकाएदार प्लांटों को अभियान चलाकर सीज किया जा रहा है। बकाया होने पर अभी और भी कई क्रेशर सीज किए जाएंगे।
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कबरई पत्थर मंडी में दो 200 से अधिक स्टोन क्रेशर हैं। हर स्टोन क्रेशर प्लांट को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से एनओसी लेकर ही प्लांट का संचालन करना होता है। साथ ही धूल प्रदूषण रोकने के लिए टीन शेड द्वारा प्लांट को कवर करने के अलावा डस्ट के खापा में पानी के फव्वारे चलाने के साथ प्लांट के चारों तरफ ऊंची दीवार और हरित पट्टी के लिए पेड़ों को लगाना जरूरी होता है। एप्रोच रोड पर भी पानी का छिड़काव जरूरी है। कबरई में बढ़ते डस्ट प्रदूषण को रोकने के लिए पिछले पखवारे जिलाधिकारी डा. काजल ने कलेक्ट्रेट में पत्थर व्यापारियों की बैठक ली थी। इसमें प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी रामगोपाल ने भी अपनी टीम के साथ शिरकत की थी जिसमें तय हुआ था कि हर क्रेशर मालिक प्रदूषण बोर्ड के नियम कायदों का पालन करेगा। साथ ही गहोई धर्मशाला में भी क्रेशर यूनियन और प्रदूषण बोर्ड के अधिकारियों के बीच मई के दूसरे सप्ताह समझौता बैठक हुई थी। इसमें दोनों पक्षों में तय हुआ कि 28 मई के पहले हर क्रेशर प्लांट फव्वारा चलाएंगे ताकि डस्ट प्रदूषण से बचा जा सके। साथ ही शाम को 6 बजे से 10 बजे के बीच क्रेशर प्लांट बंद रहेंगे ताकि धूल प्रदूषण से बचा जा सके। यह भी तय हुआ था कि 28 मई के बाद प्रदूषण बोर्ड और जिले के प्रशासनिक अधिकारी कभी भी औचक निरीक्षण कर प्रदूषण बोर्ड के नियमाें का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई कर सकते हैं।
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बुधवार को अचानक प्रदूषण बोर्ड के अधिकारी रामगोपाल अपनी टीम के साथ जिलाधिकारी डा. काजल से मिले और उन्हें क्रेशर प्लांटों के औचक निरीक्षण और नियमों की अनदेखी पर समझौते के मुताबिक कार्रवाई से अवगत कराया। डीएम के निर्देश पर तहसीलदार जेआर मौर्या भारी पुलिस के साथ आ गए और प्रदूषण विभाग ने नियमों की अनदेखी का हवाला देकर मोचीपुरा के प्लांट शिवजी ग्रेनाइट, भोला स्टोन मिल, जय कलशहा बाबा ग्रेनाइट, मुकुं द ग्रेनाइट को सीज कर दिया। क्रेशर प्लांटों में बंदी की कार्रवाई से दिनभर मंडी में अफरातफरी का माहौल रहा। संचालकों में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और जिला प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई से खलबली मची रही।
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वाणिज्यकर के बकाए में भी सील हुए प्लांट
कबरई (महोबा)। क्रेशर प्लांटों पर वाणिज्यकर के लाखों रुपए बकाए के मामले में तहसीलदार जेआर मौर्या और असिटेंट कमिश्नर वाणिज्यकर ने 8.34 लाख रुपए की आरसी जारी होने पर क्रेशर यूनियन के अध्यक्ष का प्लांट सूरज ग्रेनाइट और 8 लाख रुपए वाणिज्य कर बकाया होने पर कुमार ग्रेनाइट को सीज कर दिया। उधर चरखारी की जय दुर्गे ग्रेनाइट क्रेशर को सीज कर दिया गया। असिस्टेंट कमिश्नर वाणिज्यकर राम लगन यादव ने बताया कि वाणिज्य कर बकाएदार प्लांटों को अभियान चलाकर सीज किया जा रहा है। बकाया होने पर अभी और भी कई क्रेशर सीज किए जाएंगे।