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पिपरमेंट की खेती से उतर गया कर्ज

Mahoba Updated Sun, 27 May 2012 12:00 PM IST
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महोबा। बाद किसानाें का लाखाें रुपए कर्ज अदा होने के साथ तमाम किसान समृद्ध भी हुए है॓ इतना ही नहीं कई किसानाें ने लाखाें रुपए लागत का पिपरमेंट प्लांट भी लगा लिया है। ग्राम डिगरिया निवासी मोहन सिंह यादव के ऊपर भूमि विकास बैंक का पंपिंग सेट मशीन का 50 हजार और साधन सहकारी समिति का 20 हजार रुपए कर्ज था। जिसे अदा कर दिया। भगवानदास कुशवाहा ने पिपरमेंट की खेती के बाद तीन लाख रुपए जमा करके नया ट्रैक्टर उठा लिया। साथ ही छह लाख रुपए का पिपरमेंट प्लांट भी लगा लिया। सकुन कुशवाहा पर एक लाख रुपए साहूकाराें का, 50 हजार रुपए पंपिंग सेट मशीन और 25 हजार रुपए साधन सहकारी समिति का कर्ज था। जिसे अदा कर दिया गया। सुरेंद्र यादव ने पिपरमेंट की कृषि को अपनाकर पांच लाख रुपए का आलीशान मकान बनवा लिया और बाइक भी खरीद ली। सतीश कुशवाहा ने छह लाख रुपए का पिपरमेंट प्लांट लगा लिया और कर्ज भी अदा कर दिया। दो साल के अंदर पिपरमेंट की खेती से किसान खुशहाल हैं।
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कम लागत में अधिक मुनाफा कमा रहे किसान
महोबा। कम लागत में अधिक मुनाफा होने से अब किसानाें का रुझान पिपरमेंट की खेती की तरफ तेजी से बढ़ रहा है। हालत यह है कि एक बीघे में 40 हजार रुपए की फसल होती है। जबकि लागत प्रति बीघा आठ हजार रुपए आती है। पिपरमेंट की खेती तीन माह में तैयार हो जाती है। इसमें सबसे ज्यादा पानी की जरूरत पड़ती है। तीन माह में पिपरमेंट की फसल आ जाने पर किसान खेताें में तीन-तीन फसल ले रहे हैं। दो फसल में पिपरमेंट और एक फसल गेहूं, चने की करते हैं। बरसात और ठंड में पिपरमेंट की फसल सबसे ज्यादा मुफीद है। किसानाें द्वारा गांव-गांव में पिपरमेंट के प्लांट लगा लेने से अब इनका तेल भी गांव में ही खरीदा जाता है। जिसे सरहद से जुड़े मध्य प्रदेश में अच्छी कीमत पर बेचा जा रहा है।
मवई निवासी किसान लक्ष्मण पंद्रह बीघा का काश्तकार है। पांच बीघा में पिपरमेंट की खेती करने के बाद उसका परिवार खुशहाल हो गया है। इसी गांव के लल्लू कुशवाहा के पास सात बीघा जमीन है। जिन्हाेंने एक साल पहले पिपरमेंट की खेती की शुरुआत की और कृषि कार्य से खुश हैं। श्रीनगर के धनीराम कोरी पांच बीघा में पिपरमेंट की खेती करते हैं और दो बीघा में रबी की फसल उगाते हैं। उनका कहना है कि पिपरमेंट की खेती करने के बाद चार गुना आमदनी हुई है। एक बीघा में 40 हजार रुपए की फसल पैदा होती है।

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