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खाली कांशीराम आवासाें का आवंटन निरस्त होगा
Mahoba
Updated Sun, 06 May 2012 12:00 PM IST
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महोबा। जिले की कांशीराम कालोनियाें का बुरा हाल है। हालत यह है कि 480 आवासाें में ताले लटके हैं। आवास आवंटन के बाद आज तक कोई रहनेे नहीं आया। इस पर एसडीएम ने सभी लोगाें को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है जिस पर कुल 225 लोगाें ने जवाब दिया। जिलाधिकारी डा. काजल ने आवंटन होने के बाद भी आवासाें में निवास न करने वाले लोगाें के आवास निरस्त करने के निर्देश दिए हैं।
गौरतलब है कि जिला मुख्यालय में कलेक्ट्रेट रोड, खजुराहो रोड पर मदरसे के पास, बांदा रोड पर बीएसए आफिस के पास और राठ रोड पर बीएसएनएल के पास मान्यवर कांशीराम शहरी गरीब आवास योजना के तहत 1500 कांशीराम आवासाें का निर्माण कराया गया था। दो साल पहले निर्माण कार्य पूरा होने के बाद गरीब वर्ग के लोगाें को आवास आवंटित कर दिए गए। इतना ही नहीं आवंटन के बाद सभी की उनके नाम रजिस्ट्री कर दी गई लेकिन जिला नगरीय विकास अभिकरण के एपीओ इबरार अहमद द्वारा कालोनियाें में किए गए निरीक्षण के दौरान पाया कि 158 आवासाें पर आवंटन होने के बाद भी कोई कब्जा लेने नहीं आया। इतना ही नहीं खाली पड़े आवासाें पर बिना लिखापढ़ी कराए पास पड़ोस के लोगाें ने अपने रिश्तेदाराें को रख दिया।
उप जिलाधिकारी द्वारा बनाई गई टीम ने कांशीराम कालोनियाें का जायजा लिया जहां पर 480 आवासाें में ताले लटके पाए गए। आसपास के लोगों ने बताया कि ताले डालने के बाद आज तक इनमें कोई नहीं आया। इस पर उप जिलाधिकारी ने सभी 480 लोगाें के खिलाफ नोटिस जारी कर जवाब मांगा जिसमें 225 लोगाें ने जवाब दिया लेकिन शेष लोगाें ने न तो कोई जवाब दिया और न आवासाें में रहना शुरू किया। एसडीएम ने इसकी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी है।
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रिपोर्ट आने के बाद जिलाधिकारी डा. काजल ने आवास आवंटन होने के बाद भी उनमें न रहने वाले लोगाें के आवास निरस्त करने के अधिशासी अधिकारी राजीव कुमार श्रीवास्तव को निर्देश दिए। जिला नगरीय विकास अभिकरण द्वारा एक साल पहले कांशीराम कालोनियां नगर पालिका को हैंडओवर कर दी गई थीं। जिलाधिकारी द्वारा निरस्तीकरण के आदेश से कालोनी के बाशिंदाें में खलबली मच गई है।
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गौरतलब है कि जिला मुख्यालय में कलेक्ट्रेट रोड, खजुराहो रोड पर मदरसे के पास, बांदा रोड पर बीएसए आफिस के पास और राठ रोड पर बीएसएनएल के पास मान्यवर कांशीराम शहरी गरीब आवास योजना के तहत 1500 कांशीराम आवासाें का निर्माण कराया गया था। दो साल पहले निर्माण कार्य पूरा होने के बाद गरीब वर्ग के लोगाें को आवास आवंटित कर दिए गए। इतना ही नहीं आवंटन के बाद सभी की उनके नाम रजिस्ट्री कर दी गई लेकिन जिला नगरीय विकास अभिकरण के एपीओ इबरार अहमद द्वारा कालोनियाें में किए गए निरीक्षण के दौरान पाया कि 158 आवासाें पर आवंटन होने के बाद भी कोई कब्जा लेने नहीं आया। इतना ही नहीं खाली पड़े आवासाें पर बिना लिखापढ़ी कराए पास पड़ोस के लोगाें ने अपने रिश्तेदाराें को रख दिया।
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उप जिलाधिकारी द्वारा बनाई गई टीम ने कांशीराम कालोनियाें का जायजा लिया जहां पर 480 आवासाें में ताले लटके पाए गए। आसपास के लोगों ने बताया कि ताले डालने के बाद आज तक इनमें कोई नहीं आया। इस पर उप जिलाधिकारी ने सभी 480 लोगाें के खिलाफ नोटिस जारी कर जवाब मांगा जिसमें 225 लोगाें ने जवाब दिया लेकिन शेष लोगाें ने न तो कोई जवाब दिया और न आवासाें में रहना शुरू किया। एसडीएम ने इसकी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी है।
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रिपोर्ट आने के बाद जिलाधिकारी डा. काजल ने आवास आवंटन होने के बाद भी उनमें न रहने वाले लोगाें के आवास निरस्त करने के अधिशासी अधिकारी राजीव कुमार श्रीवास्तव को निर्देश दिए। जिला नगरीय विकास अभिकरण द्वारा एक साल पहले कांशीराम कालोनियां नगर पालिका को हैंडओवर कर दी गई थीं। जिलाधिकारी द्वारा निरस्तीकरण के आदेश से कालोनी के बाशिंदाें में खलबली मच गई है।