{"_id":"75443","slug":"Mahoba-75443-44","type":"story","status":"publish","title_hn":"कर्मचारियाें और रेंजर में हुई जमकर नाेंकझाेंक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कर्मचारियाें और रेंजर में हुई जमकर नाेंकझाेंक
Mahoba
Updated Sat, 05 May 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
पनवाड़ी (महोबा)। छह माह से वेतन न मिलने के कारण वन रेंज पनवाड़ी के दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियाें ने शुक्रवार को दूसरे दिन भी धरना देकर विरोध जताया। धरने पर बैठे कर्मचारियाें का आरोप है कि रात में सो जाने पर रेंजर के यहां काम करने वाले नौकर ने चार मोबाइल और पैसे निकाल लिए। इस पर रेंजर और कर्मचारियाें की जमकर नोंकझाेंक हुई। यहां तक कि मामला पुलिस में पहुंच गया। पुलिस ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है।
गौरतलब है कि वन क्षेत्राधिकारी पनवाड़ी ज्ञान सिंह कटियार ने चार्ज लिया था। चार्ज लेते ही दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियाें का वेतन बंद कर दिया। वेतनभोगी कर्मचारी संघ के ब्लाक अध्यक्ष हरनारायन यादव ने आरोप लगाया कि रेंजर ने अपने नौकर से रात में मोबाइल चोरी करवा लिए। इसकी शिकायत करने पर रेंजर ने कर्मचारियाें के साथ अभद्रता की। इससे नाराज सभी कर्मचारियाें ने जमकर हो हल्ला मचाया और रेंजर व उसके नौकर के खिलाफ थाना पनवाड़ी में तहरीर दी। ब्लाक अध्यक्ष हरनारायन यादव ने चेतावनी दी कि जब तक कर्मचारियाें का वेतन नहीं दिया जाता, धरना जारी रहेगा। उन्हाेंने कहा कि रेंजर द्वारा कर्मचारियाें के धरना प्रदर्शन कार्यक्रम को विफल करने के लिए मोबाइल और पैसे नौकर के द्वारा निकलवाए गए। उन्हाेंने कहा कि धरना प्रदर्शन में कर्मचारियाें की संख्या बढ़कर एक सैकड़ा से अधिक हो गई है।
विज्ञापन
गौरतलब है कि वन क्षेत्राधिकारी पनवाड़ी ज्ञान सिंह कटियार ने चार्ज लिया था। चार्ज लेते ही दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियाें का वेतन बंद कर दिया। वेतनभोगी कर्मचारी संघ के ब्लाक अध्यक्ष हरनारायन यादव ने आरोप लगाया कि रेंजर ने अपने नौकर से रात में मोबाइल चोरी करवा लिए। इसकी शिकायत करने पर रेंजर ने कर्मचारियाें के साथ अभद्रता की। इससे नाराज सभी कर्मचारियाें ने जमकर हो हल्ला मचाया और रेंजर व उसके नौकर के खिलाफ थाना पनवाड़ी में तहरीर दी। ब्लाक अध्यक्ष हरनारायन यादव ने चेतावनी दी कि जब तक कर्मचारियाें का वेतन नहीं दिया जाता, धरना जारी रहेगा। उन्हाेंने कहा कि रेंजर द्वारा कर्मचारियाें के धरना प्रदर्शन कार्यक्रम को विफल करने के लिए मोबाइल और पैसे नौकर के द्वारा निकलवाए गए। उन्हाेंने कहा कि धरना प्रदर्शन में कर्मचारियाें की संख्या बढ़कर एक सैकड़ा से अधिक हो गई है।
विज्ञापन