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जीवन को सकारात्मक दिशा देता है संगीत
Mahoba
Updated Thu, 18 Sep 2014 05:31 AM IST
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महोबा। जिला विद्यालय निरीक्षक मंशाराम पटेल ने कहा कि संगीत एक ऐसी कला है, जिसके माध्यम से प्रत्येक ह्रदय में देशभक्ति और समाज सेवा का भाव जगाया जा सकता है। उन्हाेंने कहा कि संगीत में अद्भुत शक्ति है, जिससे मानव जीवन को एक सकारात्मक दिशा प्रदान की जा सकती है।
जिला विद्यालय निरीक्षक बुधवार को सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में आयोजित एक सुर एक ताल कार्यक्रम के अवसर पर बोल रहे थे। कहा कि संगीत के प्रशिक्षण से छात्र-छात्राआें का संगीत से परिचय होता है और उनके मन में संगीत के प्रति लगाव पैदा होता है। साथ ही उन्हें संगीत में अपनी प्रतिभा को परखने और उसमें निखार लाने का अवसर प्राप्त होता है।
विद्यालय के प्रधानाचार्य विपिन बिहारी द्विवेदी ने कहा कि संगीत मां सरस्वती का वरदान है। संगीत के माध्यम से दौड़भाग भरी जिंदगी में मन को शांति मिलती है। वहीं यह कई बीमारियाें का इलाज भी है। उन्हाेंने कहा कि मधुर संगीत सुनने से मनुष्य का मन हल्का होता है।
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इससे पूर्व महाराष्ट्र की स्वयंसेवी संस्था युवक बिरादरी के कार्यकर्ताआें ने छात्र-छात्राआें को संगीत का प्रशिक्षण किया। गायक अतुल सुंदरकर, तबला वादक संजय पारडे, सुरेश रत्न पारखी, सर्वाजिस मौर्य ने छात्र-छात्राआें को गायन, वादन और नृत्य की विधा से परिचित कराया। इस दौरान छात्र-छात्राआें ने संस्था के कार्यकर्ताआें के साथ सुर मिलाकर गीत गाए। कार्यक्रम के प्रति छात्र-छात्राआें में खासा उत्साह दिखाई दिया। इस मौके पर सरस्वती बालिका विद्या मंदिर इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्या बीना तिवारी, संगीताचार्य पं. जगप्रसाद तिवारी, अबोध सोनी, रामसनेही राजपूत, रामप्रसन्न त्रिपाठी, राजाबाबू तिवारी सहित तमाम टीचर और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
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जिला विद्यालय निरीक्षक बुधवार को सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में आयोजित एक सुर एक ताल कार्यक्रम के अवसर पर बोल रहे थे। कहा कि संगीत के प्रशिक्षण से छात्र-छात्राआें का संगीत से परिचय होता है और उनके मन में संगीत के प्रति लगाव पैदा होता है। साथ ही उन्हें संगीत में अपनी प्रतिभा को परखने और उसमें निखार लाने का अवसर प्राप्त होता है।
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विद्यालय के प्रधानाचार्य विपिन बिहारी द्विवेदी ने कहा कि संगीत मां सरस्वती का वरदान है। संगीत के माध्यम से दौड़भाग भरी जिंदगी में मन को शांति मिलती है। वहीं यह कई बीमारियाें का इलाज भी है। उन्हाेंने कहा कि मधुर संगीत सुनने से मनुष्य का मन हल्का होता है।
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इससे पूर्व महाराष्ट्र की स्वयंसेवी संस्था युवक बिरादरी के कार्यकर्ताआें ने छात्र-छात्राआें को संगीत का प्रशिक्षण किया। गायक अतुल सुंदरकर, तबला वादक संजय पारडे, सुरेश रत्न पारखी, सर्वाजिस मौर्य ने छात्र-छात्राआें को गायन, वादन और नृत्य की विधा से परिचित कराया। इस दौरान छात्र-छात्राआें ने संस्था के कार्यकर्ताआें के साथ सुर मिलाकर गीत गाए। कार्यक्रम के प्रति छात्र-छात्राआें में खासा उत्साह दिखाई दिया। इस मौके पर सरस्वती बालिका विद्या मंदिर इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्या बीना तिवारी, संगीताचार्य पं. जगप्रसाद तिवारी, अबोध सोनी, रामसनेही राजपूत, रामप्रसन्न त्रिपाठी, राजाबाबू तिवारी सहित तमाम टीचर और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।