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मृतकाें के आश्रिताें को मिलेगा छह-छह लाख
Mahoba
Updated Tue, 06 May 2014 05:30 AM IST
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अजनर (महोबा)। थाना क्षेत्र के ग्राम बड़खेरा में हाईटेंशन लाइन का करंट एलटी लाइन में दौड़ने से हुई दो सगे भाइयाें की मौत के बाद उप जिलाधिकारी मोहम्मद रिजवान और बिजली विभाग के अधिशाषी अभियंता रमेश चंद्रा ने मृतकों के घर पहुंचकर परिजनाें को सांत्वना दी। एसडीएम ने मृतकाें को पांच-पांच लाख रुपये और एक्सईएन ने एक-एक लाख रुपये आर्थिक मदद देने की बात कही।
गौरतलब है कि रविवार को अपराह्न 4 बजे अचानक ग्राम बड़खेरा में हाईटेंशन लाइन का तार आंधी के चलते एलटी लाइन में छू गया था। जिससे 11 हजार वोल्ट की लाइन का करंट गांव के तमाम घराें में दौड़ गया था। स्विच बंद करते समय प्रमोद (38) पुत्र सुंदरलाल करंट की चपेट में आ गया था। छोटे भाई को बचाने में पुरुषोत्तम (45) और जगदीश (50) भी करंट से झुलस गए थे। प्रमोद और पुरुषोत्तम को अस्पताल भेजा गया था। जहां दोनाें की मौत हो गई थी।
सोमवार को एसडीएम और बिजली विभाग के एक्सईएन ग्राम बड़खेरा पहुंचे और मृतकाें के घर पहुंचकर उनके परिजनाें को सांत्वना दी। इस दौरान एसडीएम ने मृतकाें के परिजनाें को पांच-पांच लाख रुपए और एक्सईएन ने एक-एक लाख रुपए देने की बात कही। साथ ही हर संभव मदद करने का भरोसा दिलाया। उधर पुरुषोेत्तम की पांच बेटी और दो बेटे हैं। तीन बेटियाें की शादी हो चुकी है। जबकि पुरुषोत्तम अपने पीछे सोनम (15), मुस्कान (8), धर्मेंद्र (12) और विपिन (10) को छोड़ गया है। पुरुषोत्तम की पत्नी गीता की दो माह पहले मौत हो गई थी। जिससे बच्चाें को अपने चाचा जगदीश और चाची मुन्नी का ही सहारा है। हादसे में दो सगे भाइयाें की मौत से गांव का माहौल गमगीन बना हुआ है।
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गौरतलब है कि रविवार को अपराह्न 4 बजे अचानक ग्राम बड़खेरा में हाईटेंशन लाइन का तार आंधी के चलते एलटी लाइन में छू गया था। जिससे 11 हजार वोल्ट की लाइन का करंट गांव के तमाम घराें में दौड़ गया था। स्विच बंद करते समय प्रमोद (38) पुत्र सुंदरलाल करंट की चपेट में आ गया था। छोटे भाई को बचाने में पुरुषोत्तम (45) और जगदीश (50) भी करंट से झुलस गए थे। प्रमोद और पुरुषोत्तम को अस्पताल भेजा गया था। जहां दोनाें की मौत हो गई थी।
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सोमवार को एसडीएम और बिजली विभाग के एक्सईएन ग्राम बड़खेरा पहुंचे और मृतकाें के घर पहुंचकर उनके परिजनाें को सांत्वना दी। इस दौरान एसडीएम ने मृतकाें के परिजनाें को पांच-पांच लाख रुपए और एक्सईएन ने एक-एक लाख रुपए देने की बात कही। साथ ही हर संभव मदद करने का भरोसा दिलाया। उधर पुरुषोेत्तम की पांच बेटी और दो बेटे हैं। तीन बेटियाें की शादी हो चुकी है। जबकि पुरुषोत्तम अपने पीछे सोनम (15), मुस्कान (8), धर्मेंद्र (12) और विपिन (10) को छोड़ गया है। पुरुषोत्तम की पत्नी गीता की दो माह पहले मौत हो गई थी। जिससे बच्चाें को अपने चाचा जगदीश और चाची मुन्नी का ही सहारा है। हादसे में दो सगे भाइयाें की मौत से गांव का माहौल गमगीन बना हुआ है।
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