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बारिश ने बढ़ाई किसानाें की मुश्किलें
Mahoba
Updated Wed, 26 Feb 2014 05:30 AM IST
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महोबा। पिछले दो दिनाें से रुक-रुककर हो रही बारिश ने किसानाें की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ओलावृष्टि व बारिश से दलहनी फसलें जमीन में बिछ गई हैं। वहीं लाही और सरसाें की फसल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा रहै। इस पर किसान अपनी किस्मत को कोस रहा है।
इस साल अच्छी बारिश होने से किसान खुश नजर आ रहे थे। खेताें में लहलहा रही हरी भरी फसल देख किसान को अपने कर्ज की अदायगी की उम्मीद थी। परंतु दस दिन पहले हुई बारिश से फसल को भारी नुकसान हुआ। इधर दो दिनाें से फिर शुरू हुई बारिश और कोहरे ने किसानाें की रही सही कसर पूरी कर दी। इस बारिश से खेताें में पानी भरने के कारण मटर, मसूर सड़ रही है। वहीं तेज हवा से टमाटर व बैंगन के पौधे गिर जाने से खराब हो रहे हैं।
ग्राम शाह पहाड़ी के मुस्सू, बेटू का कहना है कि करीब 40 बीघा खेत में मटर, लाही, मसूर की फसल बोई थी। कई बार बेमौसम हुई बारिश से 70 फीसदी फसल खराब हो गई। बारिश ने किसानाें के अरमानाें पर पानी फेर दिया है। दमौरा के भान सिंह, छिद्दू, व मान सिंह कहते हैं कि इस साल कई-कई दिनाें तक बादल छाए रहने और बारिश से फसलें बर्बाद हो रही हैं। पसवारा के बद्री प्रसाद, छोटेलाल का कहना है कि इस साल फरवरी में हुई बारिश ने पिछले सारे रिकार्ड तोड़ दिए हैं।
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इस साल अच्छी बारिश होने से किसान खुश नजर आ रहे थे। खेताें में लहलहा रही हरी भरी फसल देख किसान को अपने कर्ज की अदायगी की उम्मीद थी। परंतु दस दिन पहले हुई बारिश से फसल को भारी नुकसान हुआ। इधर दो दिनाें से फिर शुरू हुई बारिश और कोहरे ने किसानाें की रही सही कसर पूरी कर दी। इस बारिश से खेताें में पानी भरने के कारण मटर, मसूर सड़ रही है। वहीं तेज हवा से टमाटर व बैंगन के पौधे गिर जाने से खराब हो रहे हैं।
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ग्राम शाह पहाड़ी के मुस्सू, बेटू का कहना है कि करीब 40 बीघा खेत में मटर, लाही, मसूर की फसल बोई थी। कई बार बेमौसम हुई बारिश से 70 फीसदी फसल खराब हो गई। बारिश ने किसानाें के अरमानाें पर पानी फेर दिया है। दमौरा के भान सिंह, छिद्दू, व मान सिंह कहते हैं कि इस साल कई-कई दिनाें तक बादल छाए रहने और बारिश से फसलें बर्बाद हो रही हैं। पसवारा के बद्री प्रसाद, छोटेलाल का कहना है कि इस साल फरवरी में हुई बारिश ने पिछले सारे रिकार्ड तोड़ दिए हैं।
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