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स्कूली बच्चों को अच्छी सेहत का 'आर्शीवाद'
Mahoba
Updated Wed, 13 Feb 2013 05:31 AM IST
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महोबा। कुपोषण के शिकार बच्चाें के स्वास्थ्य परीक्षण और उनके इलाज के लिए जिले में आशीर्वाद बाल स्वास्थ्य गारंटी योजना की मंगलवार को जिलाधिकारी डॉ. काजल ने शुरुआत की। इस अवसर पर वाल पेंटिंग और वाद विवाद प्रतियोगिताआें का आयोजन किया गया। विजयी प्रतिभागियाें को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
कुपोषित बच्चाें को बीमारियाें से बचाने के लिए आशीर्वाद बाल स्वास्थ्य गारंटी योजना के तहत बच्चाें का प्रत्येक स्कूल में स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि हर बच्चे का स्वास्थ्य कार्ड बनेगा। स्वास्थ्य कार्ड विद्यालय में रहेंगे। जिसमें बच्चाें का नाम, पता, वजन और लंबाई दर्ज की जाएगी। कार्ड के जरिए बच्चाें को नि:शुल्क दवा मिलेगी। उन्हाेंने बताया कि पहले चरण में परिषदीय विद्यालयाें में स्वास्थ्य विभाग की टीमें जाकर बच्चाें का स्वास्थ्य परीक्षण करेंगी। दूसरे चरण में प्राइवेट स्कूलाें और मदरसाें के बच्चाें का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। उन्हाेंने कहा कि यदि मन स्वस्थ रहेगा तो शरीर स्वस्थ रहेगा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जीके कुरील ने कहा कि दो साल से 16 साल तक के बच्चाें का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। इसमें अनाथालय, बाल अपराध, मदरसाें और प्राइवेट स्कूलाें के बच्चाें को शामिल किया गया है। इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी वाईके उपाध्याय, जिला विद्यालय निरीक्षक मंशाराम, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी लाखन सिंह, डॉ. एके मिश्रा, जीआईसी के प्रधानाचार्य सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
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कुपोषित बच्चाें को बीमारियाें से बचाने के लिए आशीर्वाद बाल स्वास्थ्य गारंटी योजना के तहत बच्चाें का प्रत्येक स्कूल में स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि हर बच्चे का स्वास्थ्य कार्ड बनेगा। स्वास्थ्य कार्ड विद्यालय में रहेंगे। जिसमें बच्चाें का नाम, पता, वजन और लंबाई दर्ज की जाएगी। कार्ड के जरिए बच्चाें को नि:शुल्क दवा मिलेगी। उन्हाेंने बताया कि पहले चरण में परिषदीय विद्यालयाें में स्वास्थ्य विभाग की टीमें जाकर बच्चाें का स्वास्थ्य परीक्षण करेंगी। दूसरे चरण में प्राइवेट स्कूलाें और मदरसाें के बच्चाें का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। उन्हाेंने कहा कि यदि मन स्वस्थ रहेगा तो शरीर स्वस्थ रहेगा।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जीके कुरील ने कहा कि दो साल से 16 साल तक के बच्चाें का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। इसमें अनाथालय, बाल अपराध, मदरसाें और प्राइवेट स्कूलाें के बच्चाें को शामिल किया गया है। इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी वाईके उपाध्याय, जिला विद्यालय निरीक्षक मंशाराम, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी लाखन सिंह, डॉ. एके मिश्रा, जीआईसी के प्रधानाचार्य सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
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