फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mahoba News ›   कब्रिस्तान की भूमि पर राजस्व कर्मी ने किया अतिक्रमण

कब्रिस्तान की भूमि पर राजस्व कर्मी ने किया अतिक्रमण

Thu, 07 Feb 2013 05:30 AM IST
Mahoba
Mahoba Updated Thu, 07 Feb 2013 05:30 AM IST
विज्ञापन
चरखारी (महोबा)। कब्रिस्तान की आरक्षित भूमि पर अतिक्रमण का सिलसिला नहीं थम रहा है। दबंगाें के बाद सरकारी कर्मचारी भी जमीन पर मकान बनाने से नहीं चूक रहे हैं। अतिक्रमणकारियाें ने मकान बनाकर रास्ता पर भी कब्जा कर लिया।
विज्ञापन

चरखारी निवासी जहीरुल इस्लाम, अब्दुल खालिक, अब्दुल सत्तार, अब्दुल सगीर, अब्दुल हमीद आदि ने जिलाधिकारी डा. काजल को दिए शिकायती पत्र में बताया कि नयापुरा मोहल्ले में गाटा संख्या 1258 व 1255 पर करीब 200 वर्ष पुराना कब्रिस्तान है जो अभिलेखाें में भी दर्ज है। इसकी जमीन पर अवैध रूप से दबंगाें द्वारा निर्माण का प्रयास किया जा रहा है। वहीं राजस्व विभाग में कार्यरत व्यक्ति द्वारा अवैध तरीके से कब्रिस्तान की जमीन पर अवैध तरीके से भवन निर्माण कर जमीन पर कब्जा किया जा रहा है। अतिक्रमण कर्ता ने मकान का निर्माण करके कब्रिस्तान से आबादी की तरफ जाने वाली सड़क को भी अवरुद्ध कर दिया है। शिकायती पत्र में बताया कि उप जिलाधिकारी चरखारी से की गई शिकायत के बाद लेखपाल ने मौके पर जांच पड़ताल की थी। इसमें राजस्व कर्मियाें द्वारा किए जा रहे अतिक्रमण को अवैध पाया था और निर्माण कार्य रोके जाने के लिए संस्तुति की थी। लेकिन महकमे के जिम्मेदार अधिकारियाें ने वक्फ संपत्ति में हो रहे अतिक्रमण को ढहाने की हिम्मत नहीं जुटाई। शिकायतकर्ताआें ने जिलाधिकारी से कब्रिस्तान की भूमि पर कराए गए अवैध निर्माण को ढहाने की मांग की है। उप जिलाधिकारी चरखारी सुनील कुमार ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। कब्रिस्तान की भूमि पर कब्जा करने की जांच कराई जाएगी। अवैध निर्माण पाए जाने पर उसे हरहाल में हटवाया जाएगा।
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed