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Mahoba News: एमएसएमई इकाइयों के लिए आरक्षित होंगे 75 फीसदी भूखंड
Wed, 06 Nov 2024 11:47 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Wed, 06 Nov 2024 11:47 PM IST
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महोबा। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से कराए गए निवेशक सम्मेलन के बाद निवेशकों के प्रस्तावों को धरातल पर लाने के लिए निजी औद्योगिक पार्क विकसित किए जाने को लेकर नई पहल शुरू की गई है।
निजी औद्योगिक पार्क में 75 फीसदी भूखंड एमएसएमई के तहत लगने वाले उद्योगों के लिए आरक्षित रहेंगे। निजी प्रवर्तकों की ओर से औद्योगिक पार्क के विकास के लिए क्रय की जाने वाली भूमि पर एमएसएमई नीति-2022 के तहत स्टांप शुल्क में सौ फीसदी छूट मिलेगी।
शासन के आदेश के बाद अब जनपद में निजी औद्योगिक पार्क की स्थापना की उम्मीद जगी है। यह औद्योगिक पार्क 10 से 50 एकड़ तक की भूमि पर विकसित होंगे। उपायुक्त उद्योग महेशचंद्र सरोज ने बताया कि औद्योगिक पार्क के विकास के लागत की गणना अधिकतम 50 लाख रुपये प्रति एकड़ की दर से की जाएगी।
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पार्क में बाउंड्रीवॉल, फेंसिंग, आंतरिक मार्ग, नाली, बिजली कनेक्शन, ट्रांसफाॅर्मर, पेयजल, सीवेज आदि की भी व्यवस्था करनी होगी। पार्क के विकास के लिए दी जाने वाली धनराशि दो समान किश्तों में दी जाएगी।
प्रथम किश्त की 75 फीसदी धनराशि का उपयोग होने पर दूसरी किश्त जारी होगी। इससे अब एमएसएमई इकाइयों को स्थापित करने के लिए निजी औद्योगिक पार्क की स्थापना महत्वपूर्ण है। इससे उद्यमियों को आसानी से भूखंड हासिल हो सकेंगे।
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निजी औद्योगिक पार्क में 75 फीसदी भूखंड एमएसएमई के तहत लगने वाले उद्योगों के लिए आरक्षित रहेंगे। निजी प्रवर्तकों की ओर से औद्योगिक पार्क के विकास के लिए क्रय की जाने वाली भूमि पर एमएसएमई नीति-2022 के तहत स्टांप शुल्क में सौ फीसदी छूट मिलेगी।
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शासन के आदेश के बाद अब जनपद में निजी औद्योगिक पार्क की स्थापना की उम्मीद जगी है। यह औद्योगिक पार्क 10 से 50 एकड़ तक की भूमि पर विकसित होंगे। उपायुक्त उद्योग महेशचंद्र सरोज ने बताया कि औद्योगिक पार्क के विकास के लागत की गणना अधिकतम 50 लाख रुपये प्रति एकड़ की दर से की जाएगी।
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पार्क में बाउंड्रीवॉल, फेंसिंग, आंतरिक मार्ग, नाली, बिजली कनेक्शन, ट्रांसफाॅर्मर, पेयजल, सीवेज आदि की भी व्यवस्था करनी होगी। पार्क के विकास के लिए दी जाने वाली धनराशि दो समान किश्तों में दी जाएगी।
प्रथम किश्त की 75 फीसदी धनराशि का उपयोग होने पर दूसरी किश्त जारी होगी। इससे अब एमएसएमई इकाइयों को स्थापित करने के लिए निजी औद्योगिक पार्क की स्थापना महत्वपूर्ण है। इससे उद्यमियों को आसानी से भूखंड हासिल हो सकेंगे।