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धौहल के ऊदल ने राजस्थान के सहदेव को चटाई धूल
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अजनर (महोबा)। सिद्धबाबा मेले में दंगल का आयोजन किया गया। जहां पर नामी गिरामी पहलवानों ने दांवपेच दिखाकर दर्शकों का मनोरंजन कराया। दंगल का शुभारंभ आलोक सिंह ने पहलवानों का हाथ मिलाकर कराया। दंगल में दो कुश्तियां बराबरी पर छूटी। जालौन के जय सिंह ने कानपुर के अमर सिंह को पांच मिनट में चित कर दिया।
धौहल के ऊदल पहलवान ने राजस्थान के सहदेव पहलवान को दावपेंच दिखाकर पटकनी दे दी। रमेश चंद्र बांदा और धीरज सिंह झांसी के बीच दस मिनट तक कुश्ती चलती रही। बाद में बांदा के रमेश पहलवान ने झांसी के धीरज को चित कर दिया। इसके अलावा कौशल पहलवान महोबा और बफाती पहलवान लवकुशनगर और राजा पहलवान बांदा, मंगल पहलवान रहतिया हमीरपुर, गोलू पहलवान महोबा, आकाश पहलवान खमा, विनय पहलवान झांसी, अतर सिंह झांसी के बीच कुश्तियां बराबरी पर छूट गई।
इस मौके पर कायक्रम के मुख्य अतिथि आलोक सिंह ने कहा कि अब धीरे-धीरे पहलवानी के प्रति लोगों का रुझान कम होता जा रहा है। अब पहले जैसे अखाड़े भी नहीं दिखाई देते। यहीं वजह है कि ज्यादातर लोग बीमारी का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहलवानी शरीर के लिए लाभदायक हैं।
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धौहल के ऊदल ने राजस्थान के सहदेव को चटाई धूल
धौहल के ऊदल पहलवान ने राजस्थान के सहदेव पहलवान को दावपेंच दिखाकर पटकनी दे दी। रमेश चंद्र बांदा और धीरज सिंह झांसी के बीच दस मिनट तक कुश्ती चलती रही। बाद में बांदा के रमेश पहलवान ने झांसी के धीरज को चित कर दिया। इसके अलावा कौशल पहलवान महोबा और बफाती पहलवान लवकुशनगर और राजा पहलवान बांदा, मंगल पहलवान रहतिया हमीरपुर, गोलू पहलवान महोबा, आकाश पहलवान खमा, विनय पहलवान झांसी, अतर सिंह झांसी के बीच कुश्तियां बराबरी पर छूट गई।
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इस मौके पर कायक्रम के मुख्य अतिथि आलोक सिंह ने कहा कि अब धीरे-धीरे पहलवानी के प्रति लोगों का रुझान कम होता जा रहा है। अब पहले जैसे अखाड़े भी नहीं दिखाई देते। यहीं वजह है कि ज्यादातर लोग बीमारी का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहलवानी शरीर के लिए लाभदायक हैं।
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धौहल के ऊदल ने राजस्थान के सहदेव को चटाई धूल