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Mahoba News: ऑनलाइन खतौनी न मिलने से पांच हजार किसान योजनाओं से वंचित

Tue, 07 Jul 2026 11:58 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 07 Jul 2026 11:58 PM IST
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5,000 farmers deprived of schemes due to unavailability of online land records (Khatauni)
-चकबंदी प्रक्रिया पूर्ण होने के चार साल बाद भी किसानों को नहीं मिल रही कंप्यूटरीकृत खतौनी
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुलपहाड़ (महोबा)। तहसील कुलपहाड़ क्षेत्र में चकबंदी प्रक्रिया पूर्ण होने के चार साल बाद भी किसानों को कंप्यूटरीकृत खतौनी नहीं मिल पा रही है। इससे करीब पांच हजार किसान विभिन्न कृषि योजनाओं के लाभ से वंचित हैं। शासन की ओर से कोड उपलब्ध करा दिया गया है। इसके बावजूद समस्या का निस्तारण नहीं हो पा रहा है।
मौजा कुलपहाड़ में 40 साल की लंबी चकबंदी प्रक्रिया के बाद वर्ष 2022 में धारा 52 के प्रकाशन के साथ ही चकबंदी प्रक्रिया पूर्ण हो गई थी। इसके बाद भी किसानों को कंप्यूटर की खतौनी नहीं मिल रही है। कुलपहाड़ नगर व ग्रामीण के पांच हजार से अधिक किसान खाद-बीज, मिनी किट, फसल बीमा, किसान क्रेडिट कार्ड, वरासत, हदबंदी समेत विभिन्न कृषि योजनाओं के लाभ से वंचित हैं। किसानों ने कई बार तहसील दिवस, जिलाधिकारी और मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजा। जनप्रतिनिधियों से भी लगातार मांग की गई लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका। लंबी जद्दोजहद के बाद अब कुलपहाड़ ग्रामीण व नगर को कोड आवंटित कर दिया गया है। इसके बाद भी हीलाहवाली जारी है। एसडीएम आदेश सिंह सागर का कहना है कि ऑनलाइन खतौनी की प्रक्रिया चल रही है। एक से डेढ़ माह का समय अभी और लग सकता है।
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एक पीढ़ी लाभ से कर दी गई वंचित
फोटो 07 एमएएचपी 01 परिचय-समाजसेवी महेंद्र अहिरवार। संवाद
कंप्यूटरीकृत खतौनी के लिए लंबी लड़ाई लड़ने वाले समाजसेवी महेंद्र अहिरवार का कहना है कि एक पीढ़ी को सरकारी लाभ से वंचित कर दिया गया। कोड उपलब्ध होने के बाद प्रशासन को शीघ्र समस्या का समाधान करना चाहिए। ताकि किसानों को खरीफ व रबी की फसल में लाभ मिल सके।
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फोटो 07 एमएएचपी 02 परिचय-सनत राजपूत। संवाद

सनत राजपूत ने बताया कि किसानों को कंप्यूटरीकृत खतौनी न मिलने से उन्हें पिछली 40 साल से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कोड प्राप्त होने के बाद अब प्रशासन को चाहिए कि युद्धस्तर पर खतौनी अपलोड कर किसानों को उपलब्ध कराए। ताकि उन्हें अगली फसल में खाद-बीज समेत सभी सुविधाएं मिल सकें।
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