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Mahoba News: 26 किसानों की जमीन पर 40 फर्जी पॉलिसियां

Fri, 16 Jan 2026 12:26 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 16 Jan 2026 12:26 AM IST
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40 fake policies on the land of 26 farmers
- फसल बीमा घोटाले-जालसाजों ने हर हथकंडे अपनाए और हड़पा क्लेम
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- फसल नुकसान के बाद राहत राशि पाने के लिए भटकते रहे किसान
संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा। जिले में फर्जी फसल बीमा घोटाले की परतें लगातार खुल रही हैं। तहसील चरखारी के ऐचाना गांव में किसानों की जमीन पर फर्जी तरीके से बीमा कराने और क्लेम हड़पने का मामला सामने आया है। यहां के 26 किसानों की भूमि पर 40 फर्जी पॉलिसियां कराई गईं और फसल खराब दिखाकर लाखों रुपये का क्लेम निकाल लिया गया। खरीफ के बाद रबी-2024 में भी लगातार फर्जीवाड़े के मामले सामने आने से घोटाले की रकम बढ़ने के आसार बन रहे हैं।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत जिले में वर्ष 2024 में खरीफ सीजन में करीब 40 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ था। घोटालेबाजों ने नदी, नाला, तालाब, बंजर भूमि, पहाड़ और किसानों की निजी भूमि पर फर्जी तरीके से बीमा कराकर रकम हड़प ली थी। खरीफ के बाद अब रबी सीजन 2024 में भी घोटालेबाजों के कारनामे सामने आ रहे हैं। ऐचाना गांव के 26 किसानों के नाम पर 40 फर्जी बीमा पॉलिसियां कराई गईं और नुकसान दिखाकर मनमाना क्लेम हड़प लिया गया। असली किसान अपनी फसलों में हुए नुकसान पर राहत राशि पाने के लिए अधिकारियों के चक्कर काटते रहे।
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जय जवान जय किसान एसोसिएशन के अध्यक्ष गुलाब सिंह राजपूत ने बताया कि ऐचाना गांव में हुए घोटाले में अधिकांश भुगतान व्यक्तिगत दावा और पोस्ट हार्वेस्ट (फसल कटाई के बाद हुए नुकसान) की श्रेणी में मनमाने ढंग से किया गया। इन दोनों तरह के भुगतान में केवल बीमा कंपनी के एजेंट ही सर्वे करके क्लेम स्वीकृत करते हैं, जबकि सामूहिक नुकसान श्रेणी में कोई क्लेम भुगतान नहीं किया गया। उन्होंने जिला प्रशासन से खरीफ की तरह ही रबी सीजन में हुए घोटालों की भी जांच कराने की मांग की है।
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इंसेट
बोई गेहूं-मटर, बीमा हुआ चने का



ऐचाना गांव के किसान धर्म सिंह ने बताया कि उन्होंने रबी-2024 में अपने खेतों में गेहूं और मटर बोई थी, जबकि फसल बीमा कराने वालों ने चना की फसल की बोआई दिखाकर क्लेम निकाला है। उनका किसान क्रेडिट कार्ड बना है, इसलिए बैंक की ओर से भी बीमा पॉलिसी कराई गई और प्रीमियम काटा गया। जब उन्हें बीमा का क्लेम नहीं मिला तो बैंक से संपर्क किया। बैंककर्मियों ने बीमा कंपनी से संपर्क करने को कहा। बीमा कंपनी ने नुकसान के 24 घंटे के भीतर सूचना न देने के चलते क्लेम न मिलने की बात कही थी। अब पता चला है कि उनकी जमीन पर तो किसी और ने बीमा कराकर क्लेम निकाल लिया है। किसान राजू सिंह और शिवकुमार ने भी ऐसी ही आपबीती सुनाई है, जिनकी जमीन पर बिना जानकारी के बीमा कराकर क्लेम हड़प लिया गया।

इंसेट
नहीं हुआ हवन, चलता रहा धरना
फोटो 15 एमएएचपी 09 परिचय-फसल बीमा घोटाले की उच्चस्तरीय जांच की मांग को लेकर धरने पर बैठे किसान। संवाद
फसल बीमा योजना में हुए घोटाले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर सदर तहसील में जय जवान जय किसान एसोसिएशन का धरना जारी है। बृहस्पतिवार को जांच की दिशा सही रहने और सख्त कार्रवाई की प्रार्थना के लिए हवन करने की तैयारी थी, लेकिन सुबह से ही तहसील में ताला लगा मिला। मकर संक्रांति पर्व के सार्वजनिक अवकाश के कारण तहसील कार्यालय बंद रहा और ऐहतियातन पुलिस तैनात की गई थी। संगठन के अध्यक्ष गुलाब सिंह राजपूत का कहना है कि हवन कार्यक्रम टाल दिया गया है, लेकिन धरना अनवरत जारी रहेगा। घोटाले की उच्चस्तरीय जांच न होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
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