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Maharajganj News: माटी कला का प्रशिक्षण ले युवा बनेंगे पर्यावरण सचेतक
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महराजगंज। जनपद के युवाओं को माटी कला में दक्ष कर पर्यावरण सचेतक के रूप में स्थापित करने की मुहिम शुरू हुई है। खादी ग्रामोद्योग की तरफ से नए वित्तीय सत्र में जनपद के 45 युवाओं का चयन कर उन्हें माटीकला किट, मिट्टी बर्तन तैयार करने के लिए उपयोगी खांचा व इलेक्ट्रिक चाक के साथ प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा।
जिला खादी ग्रामोद्योग अधिकारी ने बताया कि माटीकला की परंपरा को उनका विभाग युवाओं में प्रचलित करने का प्रयास कर रहा है। पर्यावरण को हो रहे नुकसान से बचाने के लिए प्लास्टिक से निर्मित कप-प्लेट के उपयोग पर प्रदेश में प्रतिबंध लग चुका है।
इसके विकल्प के रूप में मिट्टी से निर्मित पात्रों के उपयोग और उनके औद्योगिक उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए माटी कला से जुड़े परंपरागत युवा कारीगरों को प्रशिक्षित कर विशेष किट, इलेक्ट्रिक चाक विपणन सुविधा उपलब्ध कराएगा जिससे युवा वृहद पैमाने पर कुल्हड़, लस्सी व छाछ ग्लास, सुराही, घड़ा व अन्य बर्तन तैयार कर सकें। इसकी बिक्री के सहारे उनको आय का न सिर्फ एक सशक्त माध्यम मिलेगा, बल्कि पर्यावरण के लिहाज से यह बर्तन उपयोगी होंगे।
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जिला खादी ग्रामोद्योग अधिकारी ने बताया कि माटीकला की परंपरा को उनका विभाग युवाओं में प्रचलित करने का प्रयास कर रहा है। पर्यावरण को हो रहे नुकसान से बचाने के लिए प्लास्टिक से निर्मित कप-प्लेट के उपयोग पर प्रदेश में प्रतिबंध लग चुका है।
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इसके विकल्प के रूप में मिट्टी से निर्मित पात्रों के उपयोग और उनके औद्योगिक उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए माटी कला से जुड़े परंपरागत युवा कारीगरों को प्रशिक्षित कर विशेष किट, इलेक्ट्रिक चाक विपणन सुविधा उपलब्ध कराएगा जिससे युवा वृहद पैमाने पर कुल्हड़, लस्सी व छाछ ग्लास, सुराही, घड़ा व अन्य बर्तन तैयार कर सकें। इसकी बिक्री के सहारे उनको आय का न सिर्फ एक सशक्त माध्यम मिलेगा, बल्कि पर्यावरण के लिहाज से यह बर्तन उपयोगी होंगे।
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