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Maharajganj News: तनाव से मधुमेह की चपेट में आ रहे युवा
Thu, 14 Sep 2023 01:21 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Thu, 14 Sep 2023 01:21 AM IST
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जिला अस्पताल में मरीज की जांच करते डॉक्टर रंजन मिश्रा।
महराजगंज। मधुमेह और उच्च रक्तचाप की बीमारी तेजी से फैल रही है। पहले यह रोग 50 वर्ष की आयु से ऊपर वालों को होती थी और इसे वंशानुगत भी माना जाता था, मगर आज के दौर में 30 से 40 साल के युवा इसकी चपेट में आ रहे हैं।
जिला अस्पताल के डॉ. रंजन मिश्रा ने बताया कि ओपीडी में प्रत्येक दिन ऐसे मरीजों की चार पांच की संख्या में आ रहे हैं। ओपीडी में प्रतिदिन 50 से 60 लोग इलाज कराने आते हैं, जिसमें चार से पांच लोग शुगर और उच्च रक्तचाप से ग्रसित मिल रहे हैं।
केएमसी डिजिटल अस्पताल के फिजिशियन डॉ. विजय शर्मा कहते हैं कि लोग सचेत नहीं हुए तो समस्या ज्यादा बढ़ सकती है। बचने के लिए युवा पीढ़ी को अपने लाइफ स्टाइल के प्रति सजग होना होगा। आज के युवा किसी भी कार्य को सामान्य रूप से नहीं लेते हैं। कार्यक्षेत्र की जबावदेही को सामान्य रूप से नहीं लेने की वजह से वे स्वयं मानसिक दबाव और तनाव के शिकार हो रहे हैं। यही दबाव और तनाव शुगर और उच्च रक्तचाप की बीमारी पैदा कर रहा है। इसके अलावा लोग शारीरिक श्रम करना छोड़ दिए हैं। गुटखा, सिगरेट तथा मद्यपान से भी यह बीमारी पैदा हो रही है।
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बचाव के लिए करें उपाय
शुगर और उच्च रक्तचाप से बचने के लिए सुबह में पैदल चलें। जंक फूड का सेवन न करें। चीनी, नमक, तेल और घी का प्रयोग कम करें। तनाव से दूर रहने का प्रयास करें। कम से कम सात घंटे नींद लें। अगर इस बीमारी के शिकार हो चुके हैं तो रक्तचाप और शुगर की नियमित जांच कराएं। अनदेखी करने पर यह बीमारी हृदय और किडनी को क्षति पहुंचाकर पीड़ित व्यक्ति के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। किशोरों को भी चाऊमीन व पास्ता जैसे जंक फूड से दूर रखना चाहिए।
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जिला अस्पताल के डॉ. रंजन मिश्रा ने बताया कि ओपीडी में प्रत्येक दिन ऐसे मरीजों की चार पांच की संख्या में आ रहे हैं। ओपीडी में प्रतिदिन 50 से 60 लोग इलाज कराने आते हैं, जिसमें चार से पांच लोग शुगर और उच्च रक्तचाप से ग्रसित मिल रहे हैं।
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केएमसी डिजिटल अस्पताल के फिजिशियन डॉ. विजय शर्मा कहते हैं कि लोग सचेत नहीं हुए तो समस्या ज्यादा बढ़ सकती है। बचने के लिए युवा पीढ़ी को अपने लाइफ स्टाइल के प्रति सजग होना होगा। आज के युवा किसी भी कार्य को सामान्य रूप से नहीं लेते हैं। कार्यक्षेत्र की जबावदेही को सामान्य रूप से नहीं लेने की वजह से वे स्वयं मानसिक दबाव और तनाव के शिकार हो रहे हैं। यही दबाव और तनाव शुगर और उच्च रक्तचाप की बीमारी पैदा कर रहा है। इसके अलावा लोग शारीरिक श्रम करना छोड़ दिए हैं। गुटखा, सिगरेट तथा मद्यपान से भी यह बीमारी पैदा हो रही है।
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बचाव के लिए करें उपाय
शुगर और उच्च रक्तचाप से बचने के लिए सुबह में पैदल चलें। जंक फूड का सेवन न करें। चीनी, नमक, तेल और घी का प्रयोग कम करें। तनाव से दूर रहने का प्रयास करें। कम से कम सात घंटे नींद लें। अगर इस बीमारी के शिकार हो चुके हैं तो रक्तचाप और शुगर की नियमित जांच कराएं। अनदेखी करने पर यह बीमारी हृदय और किडनी को क्षति पहुंचाकर पीड़ित व्यक्ति के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। किशोरों को भी चाऊमीन व पास्ता जैसे जंक फूड से दूर रखना चाहिए।