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Maharajganj News: शोषण का आरोप लगा कर्मियों ने रोका काम

Thu, 06 Nov 2025 01:52 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 06 Nov 2025 01:52 AM IST
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Workers stopped work alleging exploitation
न्यायालय परिसर में प्रदर्शन करते कर्मचारी।
महराजगंज। बुधवार को दीवानी न्यायालय के तृतीय व चतुर्थ श्रेणी कर्मियों ने कार्य बहिष्कार करते हुए रिकॉर्ड रूम सहित अन्य भवनों में ताला जड़ दिया। इस वजह से अधिवक्ता ही नहीं वादकारियों को भी असुविधा का सामना करना पड़ा। कार्य बहिष्कार के कारण कोर्ट में काम नहीं हो सका।
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सिविल बार एसोसिएशन ने कर्मियों पर मनमानी का आरोप लगाते हुए जनपद न्यायाधीश को संबोधित ज्ञापन सौंपा। कार्य बहिष्कार पर रहे कर्मियों का आरोप है कि अधिकारी उनसे भोजन बनवाने से लेकर आवास के अन्य कार्य कराते हैं जबकि उनकी तैनाती कार्यालय के लिए हुई है।
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बुधवार को कोर्ट खुला था लेकिन न्यायालय में कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार के कारण कोई कोर्ट संचालित नहीं हो सका। मुकदमे की पैरवी व पक्ष रखने आए वादकारी सिर्फ अपने अधिवक्ताओं से मिलकर वापस जाने पर मजबूर हुए। दीवानी न्यायालय कर्मचारी संघ के प्रांत महासचिव नरेंद्र विक्रम सिंह के नेतृत्व में कर्मी कार्य से विरत रहे और विभागीय उच्चाधिकारियों के खिलाफ धरना देकर नारेबाजी की। आरोप लगाया कि उनकी तैनाती तो विभाग ने अदालत के कामकाज को सुचारु बनाने के लिए की है लेकिन अधिकारी उनसे आवास पर खाना बनाने, सब्जी काटने, सफाई जैसे कार्य कराते हैं। प्रतिरोध पर अभद्रता करते हैं और निलंबन की धौंस दिखाते हैं।
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कोर्ट न संचालित होने से अधिवक्ता खफा दिखे और सिविल बार एसोसिएशन अध्यक्ष करुणा पति त्रिपाठी व महामंत्री के नेतृत्व में मुख्य न्यायाधीश को संबोधित ज्ञापन देकर कर्मियों की मनमानी पर नाराजगी जताई। वरिष्ठ अधिवक्ता अभिजीत सिंह ने कहा कि सभी अधिवक्ता कोर्ट के समय पर अपने चैंबर पहुंचे थे लेकिन वादकारों ने बताया कि कोई कोर्ट नहीं खुली है। अधिवक्ता सिविल बार एसोसिएशन अध्यक्ष के साथ पहुंचे तो कर्मी सभी कोर्ट रूम की तालाबंदी कर कार्य बहिष्कार कर रहे थे।

बिना किसी पूर्व सूचना के इस तरह की मनमानी के कारण दूर-दराज से आए वादकारों को असुविधा हुई। ऐसे में उनपर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए। गिरिजेश मिश्रा, अजय चौधरी, कैलाश अग्निहोत्री, अनिरुद्ध सिंह, उमेश तिवारी सहित सिविल बार एसोसिएशन के अन्य अधिवक्ता ज्ञापन देते समय मौजूद रहे।
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