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Maharajganj News: सीमांकन और मुआवजे के लिए रोका काम
Wed, 04 Dec 2024 12:54 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Wed, 04 Dec 2024 12:54 PM IST
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सिंदुरिया। राष्ट्रीय राजमार्ग 730-एस पर पतरेंगवा से भागाटार तक छह किलोमीटर बन रहे फोर लेन बाईपास प्रस्तावित सड़क है, इस अधिग्रहीत भूमि पर कार्यदायी संस्था की ओर से जेसीबी से मिट्टी बराबर की जा रहा है। मंगलवार को किसानों ने काम रुकवा दिया।
जानकारी के अनुसार, सोमवार को बिना जमीन की पैमाइश कराए और सीमांकन लाइन पर चुना गिराए ही बुलडोजर चलाया जा रहा था। इससे तमाम किसानों की फसल को बुलडोजर से नष्ट कर दिया। आक्रोशित किसानों ने कार्य बाधित कर दिया और प्रदर्शन करने लगे, मंगलवार को भी किसानों का गुस्सा देखने को मिला और उन्होंने जेसीबी को रोककर कार्य बंद करा दिया। एसडीएम के निर्देश पर राजस्व कर्मी पूरे दिन मौके पर पहुंच कर खेतों की नाप-जोख करते रहे, लेकिन कोई सार्थक समाधान नहीं निकला।
किसानों ने आरोप लगाया कि सोमवार की सुबह बाईपास निर्माण के लिए बिना लाइन खींचे मिट्टी बराबर करने लगे। इस दौरान चालक ने नापी गई 45 मीटर चौड़े सड़क को छोड़कर अन्य किसानों के खेतों में घुसकर खड़ी गेहूं की फसलों को रौंदते हुए मिट्टी समतल कर दी। दूसरे दिन लेखपाल मौके पर पहुंच कर खेतों की मापी तो कर रहे हैं, लेकिन फसलों की क्षति का मुआवजा दिलाने के लिए कोई नहीं सुन रहा था। किसानों ने चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक उन्हें फसलों का मुआवजा नहीं मिल जाता, तब तक वह सड़क का निर्माण कार्य नहीं होने देंगे। किसानों के खेतों की मापी करने आए लेखपाल जनार्दन प्रजापति ने बताया कि सदर एसडीएम के निर्देश पर मौके का जांच की जा रही है। किसानों के खेतों का सीमांकन नहीं है, जिस कारण यह विवाद उत्पन्न हो रहा है।
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जानकारी के अनुसार, सोमवार को बिना जमीन की पैमाइश कराए और सीमांकन लाइन पर चुना गिराए ही बुलडोजर चलाया जा रहा था। इससे तमाम किसानों की फसल को बुलडोजर से नष्ट कर दिया। आक्रोशित किसानों ने कार्य बाधित कर दिया और प्रदर्शन करने लगे, मंगलवार को भी किसानों का गुस्सा देखने को मिला और उन्होंने जेसीबी को रोककर कार्य बंद करा दिया। एसडीएम के निर्देश पर राजस्व कर्मी पूरे दिन मौके पर पहुंच कर खेतों की नाप-जोख करते रहे, लेकिन कोई सार्थक समाधान नहीं निकला।
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किसानों ने आरोप लगाया कि सोमवार की सुबह बाईपास निर्माण के लिए बिना लाइन खींचे मिट्टी बराबर करने लगे। इस दौरान चालक ने नापी गई 45 मीटर चौड़े सड़क को छोड़कर अन्य किसानों के खेतों में घुसकर खड़ी गेहूं की फसलों को रौंदते हुए मिट्टी समतल कर दी। दूसरे दिन लेखपाल मौके पर पहुंच कर खेतों की मापी तो कर रहे हैं, लेकिन फसलों की क्षति का मुआवजा दिलाने के लिए कोई नहीं सुन रहा था। किसानों ने चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक उन्हें फसलों का मुआवजा नहीं मिल जाता, तब तक वह सड़क का निर्माण कार्य नहीं होने देंगे। किसानों के खेतों की मापी करने आए लेखपाल जनार्दन प्रजापति ने बताया कि सदर एसडीएम के निर्देश पर मौके का जांच की जा रही है। किसानों के खेतों का सीमांकन नहीं है, जिस कारण यह विवाद उत्पन्न हो रहा है।
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