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‘स्वावलंबी बन समाज के विकास में योगदान दें महिलाएं’
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कलेक्ट्रेट सभागार में महिलाओं से सीधे संवाद कार्यक्रम में उपस्थित डीएम डॉ उज्जवल कुमार।
- फोटो : MAHARAJGANJ
‘स्वावलंबी बन समाज के विकास में योगदान दें महिलाएं’
महराजगंज। महिलाएं स्वावलंबी बनकर समाज के विकास में योगदान दे सकती हैं। महिलाएं शिक्षित व जागरूक होकर खुद के साथ परिवार की मुश्किलों को कम कर सकती हैं। साथ ही दूसरों को भी स्वावलंबी बनने के लिए प्रेरित कर सकती हैं।
ये बातें डीएम डॉ. उज्ज्वल कुमार ने कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित ’हक की बात’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि मिशन शक्ति की सार्थकता तभी है जब महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ने का कार्य करें। कार्यक्रम में मौजूद साधना पटेल, सुमित्रा देवी, कलावती देवी, सुमित्रा भारती, विंद्रावती देवी, शिरातुननिशा, मनीषा आदि ने अपनी समस्याओं को बताया। डीएम ने संबंधित थाने के जिम्मेदारों, एसडीएम तथा जिला प्रोबेशन अधिकारी को निदान के निर्देश दिए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से देखें तथा उन्हें आवश्यक सूचनाएं भी मुहैया कराएं। महिला शक्ति केंद्र व वन स्टाफ सेंटर के कर्मियों को कार्यों केे विवरण के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिए। कार्यक्रम में आईं महिला आरती गौंड़ व सुनीता यादव को स्वयं सहायता समूूह से जोड़ा गया।
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वेबिनार के जरिए बताई मिशन शक्ति की महत्ता
राज्य परियोजना कार्यालय के निर्देश पर कस्तूरबा व परिषदीय विद्यालयों की महिला शिक्षिकाओं से अॅानलाइन वेबिनार के माध्यम से जुड़कर वक्ताओं ने अपने विचार रखे। डायट की प्रवक्ता पूजा चौधरी, सिंचाई विभाग की सहायक अभियंता वर्तिका गौर, डॉ. दीपाली गुप्ता व एआरपी संयुक्ता सिंह ने मिशन शक्ति पर विचार को रखे। इस दौरान बड़ी संख्या में परिषदीय, कस्तूूरबा व अन्य संस्थानों की महिलाएं जुड़ी रहीं। संवाद
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महराजगंज। महिलाएं स्वावलंबी बनकर समाज के विकास में योगदान दे सकती हैं। महिलाएं शिक्षित व जागरूक होकर खुद के साथ परिवार की मुश्किलों को कम कर सकती हैं। साथ ही दूसरों को भी स्वावलंबी बनने के लिए प्रेरित कर सकती हैं।
ये बातें डीएम डॉ. उज्ज्वल कुमार ने कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित ’हक की बात’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि मिशन शक्ति की सार्थकता तभी है जब महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ने का कार्य करें। कार्यक्रम में मौजूद साधना पटेल, सुमित्रा देवी, कलावती देवी, सुमित्रा भारती, विंद्रावती देवी, शिरातुननिशा, मनीषा आदि ने अपनी समस्याओं को बताया। डीएम ने संबंधित थाने के जिम्मेदारों, एसडीएम तथा जिला प्रोबेशन अधिकारी को निदान के निर्देश दिए।
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उन्होंने अधिकारियों से कहा कि महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से देखें तथा उन्हें आवश्यक सूचनाएं भी मुहैया कराएं। महिला शक्ति केंद्र व वन स्टाफ सेंटर के कर्मियों को कार्यों केे विवरण के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिए। कार्यक्रम में आईं महिला आरती गौंड़ व सुनीता यादव को स्वयं सहायता समूूह से जोड़ा गया।
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वेबिनार के जरिए बताई मिशन शक्ति की महत्ता
राज्य परियोजना कार्यालय के निर्देश पर कस्तूरबा व परिषदीय विद्यालयों की महिला शिक्षिकाओं से अॅानलाइन वेबिनार के माध्यम से जुड़कर वक्ताओं ने अपने विचार रखे। डायट की प्रवक्ता पूजा चौधरी, सिंचाई विभाग की सहायक अभियंता वर्तिका गौर, डॉ. दीपाली गुप्ता व एआरपी संयुक्ता सिंह ने मिशन शक्ति पर विचार को रखे। इस दौरान बड़ी संख्या में परिषदीय, कस्तूूरबा व अन्य संस्थानों की महिलाएं जुड़ी रहीं। संवाद