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Maharajganj News: हवन सामग्री बनाकर गरीबी दूर कर रहीं महिलाएं

Fri, 26 Sep 2025 04:34 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 26 Sep 2025 04:34 AM IST
सार

महराजगंज के बृजमनगंज ब्लॉक की ग्रामीण महिलाएं आजीविका समूह से जुड़कर हवन सामग्री बनाकर आत्मनिर्भर बन रही हैं। उनकी बनाई सामग्री जिले से लेकर गोरखपुर तक सप्लाई हो रही है। इससे महिलाओं को स्थायी रोजगार और आर्थिक संबल मिला है।

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Women are alleviating poverty by making havan materials

विस्तार

महराजगंज। जनपद में आजीविका समूह से जुड़कर ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भरता का स्वप्न साकार कर रही हैं। केंद्र सरकार का प्रयास व मार्गदर्शन इनके तरक्की का मार्ग प्रशस्त कर रहा। जिले के बृजमनगंज ब्लाक में एक ऐसा समूह संचालित है जिसने हवन सामग्री बनाकर अपनी गरीबी को स्वाहा करने का कार्य किया है।
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इनके तैयार हवन सामग्री का पैकेट बहुत आकर्षक नहीं है, लेकिन प्रयुक्त सामग्री के वास्तविकता की गारंटी है। उनका प्रोडक्ट जिले में ही नहीं बल्कि मंडल मुख्यालय गोरखपुर तक सप्लाई हो रही है।
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एनआरएलएम के तहत बृजमनगंज के गुर्चिहा ग्राम पंचायत में निधि आजीविका समूह 2019 में पंजीकृत हुआ। समूह ने गांव के मल्लाह बिरादरी की बहू ममता साहनी को अध्यक्ष चुना।
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रोजगार का आधार पूजा पाठ व व्रत पूर्णाहुति में प्रयुक्त हवन सामग्री (समिधा) को बनाया क्योंकि गांव के आसपास स्थित वन्य क्षेत्र में नवग्रह की लकड़ियों के पेड़ उपलब्ध थे। कोविड संक्रमण जैसे विपरीत समय में जब लोगों का व्यापार ठप पड़ गया इनकी हवन सामग्री के धुएं की डिमांड बनी रही। सेनिटाइजर के रुप में हवन सामग्री का धुंआ फैलाकर वायरस समाप्ति की युक्ति के तहत ग्रामीण समूह के महिलाओं के घर से पैकेट खरीदने पहुंचते थे।
वहीं आज उनके हाथ से बने हवन सामग्री की खेप सिर्फ जिले में ही नहीं बल्कि गोरखपुर तक भेजी जा रही है।
9 ग्रह की लकड़ियों में पांच की बहुतायत उपलब्धता: बृजमनगंज ब्लाक क्षेत्र के ईर्दगिर्द आद्रवन जंगल है। जहां से समूह की महिलाएं हवन सामग्री के लिए लकड़ियां जुटाकर सफाई के बाद हवन सामग्री के रूप में खल व ओखल की मदद से सामग्री बनाने की प्रक्रिया शुरू करती हैं। समूह अध्यक्ष ममता ने बताया कि मदार, पलास, दूर्वा, कुश, अपमार्ग (चिचिड़ा) समी, खैरा, पीपल, गूलर की लकड़ी से हवन सामग्री तैयार की जाती है जो शास्त्रों में बताया गया है। प्रति सप्ताह समूह लगभग 700 से 1000 पैकेट तैयार करता है जो 50 ग्राम सिर्फ एक साइज के होते हैं।

नवग्रह के अधिकांश वृक्ष क्षेत्र में बहुतायत होने का लाभ हमारे रोजगार सृजन का माध्यम बना। कारोबारी सीधे समूह से संपर्क कर उठान करते हैं। पैकिंग साधारण होती है और हम थोक में 2 रुपये में उपलब्धता देते हैं जो कारोबारी अपनी दुकान से 5 रुपये पैकेट बिक्री करते हैं। लागत की बात करें तो हमारी लागत लगभग एक पैकेट में एक रुपये पड़ता है।
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