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Maharajganj News: नदियों के जलस्तर में कमी हुई तो बढ़ने लगा कटान, सहमे लोग
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नदियों के जलस्तर में कमी हुई तो बढ़ने लगा कटान, सहमे लोग
बंधे के किनारे बसे लोग भयभीत, बाेले-तेज बारिश हुई तो पानी का दबाव नहीं सह पाएंगे बंधे, मच सकती है तबाही
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। नेपाल के पहाड़ों से निकलकर जिले में बहने वाली रोहिन नदी का जलस्तर घटते ही उसके बंधे का कटान तेज हो गया है। किनारे की उपजाऊ भूमि को नदी में समाते देख तटवर्ती गांवों के किसानों की चिंता बढ़ गई है। लोग इस बात से सहमे हुए हैं कि अगर बरसात हुई तो बंधे टूट जाएंगे और लोग तबाह होंगे। छह किमी बंधे पर 18 रेन कट हैं।
रोहिन नदी के जलस्तर में गिरावट आने के बाद इसके समीप बसे गांवों में बाढ़ का खतरा कम हुआ है, लेकिन घटते जलस्तर के कारण इसके किनारों पर तेजी से हो रहे कटान को देखकर तटवर्ती गांवों के किसानों की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। नदी की धारा नौतनवां एवं सदर तहसील के गांव केवलापुर खुर्द महदेइया गांव के पछडिहवा टोला व जमुहानी गांव के मधईडीह टोले के समीप कटान करते हुए आबादी की तरफ तेजी से बढ़ती जा रही है। नेपाल के पहाड़ों से निकली रोहिन नदी नौतनवा तहसील के सैकड़ों गांवों से होकर गुजरती है। इसके जर्जर बांध बरसात के दिनों में यहां के लोगों के जीवन पर कहर बरपाते हैं। छह किलोमीटर बांध बीरबल टोला, आराजी सुबाइन, जगपुर, रघुनाथपुर, अमहवा, कुड़िया, सोनराडीह, कुड़िअहवा, भसहवा, सेमरहवा जर्जर हालत में हैं। लोगों ने कहा कि जिला प्रशासन ने समय रहते इनका मरम्मत नहीं कराया तो बाढ़ में टूट कर तबाही मचाएंगे। इसके अलावा और भी बंधे हैं जिनकी आज तक मरम्मत ठीक ढंग से नहीं कराई गई।
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बाढ़ से प्रभावित होने वाले गांव
जिले में जब भी बाढ़ आती है तो सदर व नौतनवा तहसील के सैकड़ों गांवों में भारी तबाही लेकर आती है। बाढ़ से जगपुर, सलामतगढ़, पिपरहवा, आराजी सुबाइन, सोनराडीह, जिगिनिअहवा, मंगरहिया, कुड़िया, खालिकगढ़, बैरिअहवा, गौहरपुर, कोमरी टोला, तमकुहवा, मरचहवा, शनिचरहिया, सेमरहवा, अमहवा, रानीपुर, बिनहा छावनी, कुड़िअहवा, तेरहो टोला, दनदनहवा, मछरिअहवा, नवडीहवा, सुबेदारपुर, बीरबल टोला, भसहवा, करम टीकर, नवाबी, मठिया ईदू, विसौवा, रजापुर, तेंदुअहिया, कोदईपुर, गिदहा, रघुनाथपुर, केवलापुर खुर्द, नाथनगर आदि गांव बाढ़ से तबाह हो जाते हैं।
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रोहन नदी का जलस्तर पिछले 10 दिनों की अपेक्षा इधर कम हुआ है। नदियों में पानी कम होने से बंधे की कटान बड़ी तेजी से हो रहा है। नदी का जलस्तर बढ़ने पर खतरा बढ़ सकता है। नेपाल से पानी आने पर ही दबाव बढ़ेगा।
सुरेश चंद सहानी, अमहवा
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रोहित नदी के तटबंधों की मरम्मत इस वर्ष नहीं कराई गई, जिससे कई स्थानों पर बंधे कमजोर हो चुके हैं। नेपाल के पहाड़ों पर बारिश हुई तो जर्जर बंदे टूट कर क्षेत्र के गांव में तबाही मचाएंगे।
अंगद चौहान, चानकी
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रोहिन नदी का जलस्तर बीच में बढ़ा था, जिससे बंधे के किनारे बसे गांव के लोग सहमे हुए थे। इधर जलस्तर घटा है लेकिन बंदे कटकर नदी में बह रहे हैं। यदि समय रहते इसकी मरम्मत नहीं कराई गई तो बारिश होते ही बंधे टूट जाएंगे।
हरिश आर्य, केवलापुर
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रोहिन नदी के बंधे टूटने से हर साल सैंकड़ों एकड़ फसल जलमग्न हो जाते हैं। इस वर्ष बंधे की मरम्मत ठीक ढंग से नहीं कराई गई। लगातार तीन- चार दिन बारिश हुई तो जलस्तर बढ़ेगा और बंधे टूट सकते हैं। यही सोचकर डर लग रहा है।
रामबचन प्रसाद, केवलापुर खुर्द
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बाढ़ से बचाव के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह से तैयार है। निगरानी के लिए नोडल अधिकारी तैनात हैं। कंट्रोल रूम को सक्रिय कर दिया गया है। रेन कट जहां कहीं भी दिख रहे हैं, उसकी तत्काल मरम्मत कराई जा रही है। बंधों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त सामग्री रखी हुई है। जरूरत होने पर बंधों की तत्काल मरम्मत करा दी जाएगी। बाढ़ बचाव से जुडे़ सभी अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंप दी गई है।
सत्येंद्र कुमार, जिलाधिकारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। नेपाल के पहाड़ों से निकलकर जिले में बहने वाली रोहिन नदी का जलस्तर घटते ही उसके बंधे का कटान तेज हो गया है। किनारे की उपजाऊ भूमि को नदी में समाते देख तटवर्ती गांवों के किसानों की चिंता बढ़ गई है। लोग इस बात से सहमे हुए हैं कि अगर बरसात हुई तो बंधे टूट जाएंगे और लोग तबाह होंगे। छह किमी बंधे पर 18 रेन कट हैं।
रोहिन नदी के जलस्तर में गिरावट आने के बाद इसके समीप बसे गांवों में बाढ़ का खतरा कम हुआ है, लेकिन घटते जलस्तर के कारण इसके किनारों पर तेजी से हो रहे कटान को देखकर तटवर्ती गांवों के किसानों की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। नदी की धारा नौतनवां एवं सदर तहसील के गांव केवलापुर खुर्द महदेइया गांव के पछडिहवा टोला व जमुहानी गांव के मधईडीह टोले के समीप कटान करते हुए आबादी की तरफ तेजी से बढ़ती जा रही है। नेपाल के पहाड़ों से निकली रोहिन नदी नौतनवा तहसील के सैकड़ों गांवों से होकर गुजरती है। इसके जर्जर बांध बरसात के दिनों में यहां के लोगों के जीवन पर कहर बरपाते हैं। छह किलोमीटर बांध बीरबल टोला, आराजी सुबाइन, जगपुर, रघुनाथपुर, अमहवा, कुड़िया, सोनराडीह, कुड़िअहवा, भसहवा, सेमरहवा जर्जर हालत में हैं। लोगों ने कहा कि जिला प्रशासन ने समय रहते इनका मरम्मत नहीं कराया तो बाढ़ में टूट कर तबाही मचाएंगे। इसके अलावा और भी बंधे हैं जिनकी आज तक मरम्मत ठीक ढंग से नहीं कराई गई।
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बाढ़ से प्रभावित होने वाले गांव
जिले में जब भी बाढ़ आती है तो सदर व नौतनवा तहसील के सैकड़ों गांवों में भारी तबाही लेकर आती है। बाढ़ से जगपुर, सलामतगढ़, पिपरहवा, आराजी सुबाइन, सोनराडीह, जिगिनिअहवा, मंगरहिया, कुड़िया, खालिकगढ़, बैरिअहवा, गौहरपुर, कोमरी टोला, तमकुहवा, मरचहवा, शनिचरहिया, सेमरहवा, अमहवा, रानीपुर, बिनहा छावनी, कुड़िअहवा, तेरहो टोला, दनदनहवा, मछरिअहवा, नवडीहवा, सुबेदारपुर, बीरबल टोला, भसहवा, करम टीकर, नवाबी, मठिया ईदू, विसौवा, रजापुर, तेंदुअहिया, कोदईपुर, गिदहा, रघुनाथपुर, केवलापुर खुर्द, नाथनगर आदि गांव बाढ़ से तबाह हो जाते हैं।
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रोहन नदी का जलस्तर पिछले 10 दिनों की अपेक्षा इधर कम हुआ है। नदियों में पानी कम होने से बंधे की कटान बड़ी तेजी से हो रहा है। नदी का जलस्तर बढ़ने पर खतरा बढ़ सकता है। नेपाल से पानी आने पर ही दबाव बढ़ेगा।
सुरेश चंद सहानी, अमहवा
रोहित नदी के तटबंधों की मरम्मत इस वर्ष नहीं कराई गई, जिससे कई स्थानों पर बंधे कमजोर हो चुके हैं। नेपाल के पहाड़ों पर बारिश हुई तो जर्जर बंदे टूट कर क्षेत्र के गांव में तबाही मचाएंगे।
अंगद चौहान, चानकी
रोहिन नदी का जलस्तर बीच में बढ़ा था, जिससे बंधे के किनारे बसे गांव के लोग सहमे हुए थे। इधर जलस्तर घटा है लेकिन बंदे कटकर नदी में बह रहे हैं। यदि समय रहते इसकी मरम्मत नहीं कराई गई तो बारिश होते ही बंधे टूट जाएंगे।
हरिश आर्य, केवलापुर
रोहिन नदी के बंधे टूटने से हर साल सैंकड़ों एकड़ फसल जलमग्न हो जाते हैं। इस वर्ष बंधे की मरम्मत ठीक ढंग से नहीं कराई गई। लगातार तीन- चार दिन बारिश हुई तो जलस्तर बढ़ेगा और बंधे टूट सकते हैं। यही सोचकर डर लग रहा है।
रामबचन प्रसाद, केवलापुर खुर्द
बाढ़ से बचाव के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह से तैयार है। निगरानी के लिए नोडल अधिकारी तैनात हैं। कंट्रोल रूम को सक्रिय कर दिया गया है। रेन कट जहां कहीं भी दिख रहे हैं, उसकी तत्काल मरम्मत कराई जा रही है। बंधों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त सामग्री रखी हुई है। जरूरत होने पर बंधों की तत्काल मरम्मत करा दी जाएगी। बाढ़ बचाव से जुडे़ सभी अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंप दी गई है।
सत्येंद्र कुमार, जिलाधिकारी