{"_id":"6ac8006c2cc0cf4a3707eb6c","slug":"warning-of-complete-work-boycott-across-the-state-from-october-17-maharajganj-news-c-206-1-mhg1001-186674-2026-10-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: मांगों पर सुनवाई नहीं, लेखपालों ने ऑनलाइन कामकाज ठप किया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: मांगों पर सुनवाई नहीं, लेखपालों ने ऑनलाइन कामकाज ठप किया
विज्ञापन
महराजगंज। लंबित मांगों पर सुनवाई नहीं होने से नाराज लेखपालों ने बृहस्पतिवार को ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार कर दिया। तहसील प्रशासन के व्हाट्सएप ग्रुप छोड़ दिए। इससे दाखिल-खारिज, भूमि संबंधी रिपोर्ट, आय, जाति, निवास, वरासत, किसान पंजीकरण और सत्यापन समेत कई डिजिटल कार्य प्रभावित हुए। लेखपालों ने ऑफलाइन कार्य जारी रखने की बात कही है।
सदर तहसील में उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा। तहसील अध्यक्ष अशोक कुमार त्रिपाठी ने कहा कि जिम्मेदारियां लगातार बढ़ रही हैं लेकिन सेवा संबंधी कई मांगें वर्षों से लंबित हैं। ऑनलाइन कार्य बहिष्कार आंदोलन का पहला चरण है। मांगों पर ठोस निर्णय नहीं हुआ तो 17 अक्तूबर से प्रदेशभर में संपूर्ण कार्य बहिष्कार किया जाएगा। संघ ने 2800 ग्रेड पे लागू करने, वेतन विसंगति दूर करने, आठ वर्ष से लंबित अंतर्मंडलीय तबादले शुरू करने और चयन वर्ष 2025-26 की पदोन्नति सूची जारी करने की मांग की। नवनियुक्त लेखपालों की विभागीय परीक्षा का परिणाम और प्रशिक्षण प्रमाणपत्र जारी करने की मांग भी उठाई गई।
नौतनवा में भी कामकाज प्रभावित
नौतनवा तहसील में भी लेखपालों का आंदोलन जारी रहा। अतिरिक्त 21 हल्कों के कार्य बहिष्कार के साथ ऑनलाइन कामकाज बंद रहा। तहसील अध्यक्ष रमेश गुप्ता के नेतृत्व में लेखपालों ने प्रशासनिक व्हाट्सएप ग्रुप छोड़कर विभिन्न ऑनलाइन कार्यों से दूरी बनाई। इससे तहसील आने वाले फरियादियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। रमेश गुप्ता ने कहा कि प्रदेश कार्यकारिणी के निर्देश पर आंदोलन किया जा रहा है। मांगों पर जल्द अमल नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। इस दौरान राहुल शर्मा, राजेश चौहान, मंजूर अली, विनोद पटेल, जयहिंद मौर्य, जहरुद्दीन खान, रजत शर्मा, आयुष शुक्ला और शशांक तिवारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
ऑनलाइन कार्य बहिष्कार से तहसील के 80 फीसदी काम प्रभावित
निचलौल। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर लंबित मांगों को लेकर निचलौल तहसील के लेखपालों ने बृहस्पतिवार से ऑनलाइन कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया। लेखपालों के ऑनलाइन रिपोर्ट न लगाने से करीब 80 प्रतिशत कार्य प्रभावित हो गए हैं। इससे जरूरी प्रमाणपत्रों और राजस्व संबंधी कार्यों के लिए आवेदन करने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
लेखपालों के ऑनलाइन कार्य बहिष्कार का असर तहसील परिसर की रौनक पर भी दिखाई दिया। बृहस्पतिवार को आम दिनों में फरियादियों और वाहनों से खचाखच भरा रहने वाला तहसील परिसर अपेक्षाकृत खाली नजर आया। परिसर में अधिवक्ताओं और उनके मुवक्किलों के अलावा फरियादियों की संख्या काफी कम रही।
तहसील अध्यक्ष अवधेश कुमार सिंह ने बताया कि लेखपाल लंबे समय से बढ़ते कार्यभार, संसाधनों की कमी, वेतन विसंगति, पदोन्नति और अंतरमंडलीय स्थानांतरण जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। पूर्व में दी गई सूचना के अनुसार बृहस्पतिवार से तहसील से जुड़े सभी ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार शुरू किया गया है। लेखपाल संघ के मंत्री कमलेश कुमार ने कहा कि इसके बाद भी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो 17 अक्तूबर से चरणबद्ध आंदोलन के तहत संपूर्ण कार्य बहिष्कार किया जाएगा।
तहसीलदार अमित कुमार सिंह ने बताया कि ऑनलाइन कार्य बहिष्कार के बाद तहसील क्षेत्र से आवेदनकर्ताओं के लगातार फोन आ रहे हैं। लेखपालों के ऑनलाइन कार्य नहीं करने से करीब 80 प्रतिशत काम प्रभावित हुआ है। तहसील में प्रतिदिन हजारों आवेदन आते हैं, जिन पर लेखपालों की ऑनलाइन रिपोर्ट के आधार पर निर्धारित समय में निस्तारण किया जाता है। फिलहाल रिपोर्ट नहीं लगने से इनका निस्तारण प्रभावित हो रहा है। ग्राम हरगांव निवासी आदर्श कन्नौजिया ने बताया कि उन्होंने जाति, आय और निवास प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किया है। प्रमाणपत्रों की तत्काल आवश्यकता है लेकिन लेखपाल की रिपोर्ट नहीं लगने के कारण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। संवाद
नौतनवा में व्हाट्सएप्प ग्रुपों से खुद को रिमूव कर किया बहिष्कार
विभिन्न मांगों को लेकर लेखपालों ने बृहस्पतिवार को अधिकारियों के सभी ग्रुपों से खुद को रिमूव कर संपूर्ण क्षेत्रों के ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार कर दिया। लेखपाल संघ के अध्यक्ष रमेश गुप्ता ने कहा कि संघ की ओर से जो मांगें उठाई गई हैं वह पूरी तरह से वाजिब और अमल में लाने योग्य हैं। बावजूद इसके शासन स्तर से मांगों की अनदेखी कर लेखपालों के सब्र की परीक्षा ली जा रही है। जिसे संघ कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। इस दौरान लेखपाल रमेश गुप्ता, राहुल शर्मा, दीपेंद्र धवल, जहीरुद्दीन खान, मंजूर अली, कृष्णगोपाल, राघवेंद्र विश्वकर्मा, रत्नेश गुप्ता, सुनील वर्मा, विनोद पटेल आदि लेखपाल मौजूद रहे।
विज्ञापन
सदर तहसील में उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा। तहसील अध्यक्ष अशोक कुमार त्रिपाठी ने कहा कि जिम्मेदारियां लगातार बढ़ रही हैं लेकिन सेवा संबंधी कई मांगें वर्षों से लंबित हैं। ऑनलाइन कार्य बहिष्कार आंदोलन का पहला चरण है। मांगों पर ठोस निर्णय नहीं हुआ तो 17 अक्तूबर से प्रदेशभर में संपूर्ण कार्य बहिष्कार किया जाएगा। संघ ने 2800 ग्रेड पे लागू करने, वेतन विसंगति दूर करने, आठ वर्ष से लंबित अंतर्मंडलीय तबादले शुरू करने और चयन वर्ष 2025-26 की पदोन्नति सूची जारी करने की मांग की। नवनियुक्त लेखपालों की विभागीय परीक्षा का परिणाम और प्रशिक्षण प्रमाणपत्र जारी करने की मांग भी उठाई गई।
विज्ञापन
नौतनवा में भी कामकाज प्रभावित
नौतनवा तहसील में भी लेखपालों का आंदोलन जारी रहा। अतिरिक्त 21 हल्कों के कार्य बहिष्कार के साथ ऑनलाइन कामकाज बंद रहा। तहसील अध्यक्ष रमेश गुप्ता के नेतृत्व में लेखपालों ने प्रशासनिक व्हाट्सएप ग्रुप छोड़कर विभिन्न ऑनलाइन कार्यों से दूरी बनाई। इससे तहसील आने वाले फरियादियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। रमेश गुप्ता ने कहा कि प्रदेश कार्यकारिणी के निर्देश पर आंदोलन किया जा रहा है। मांगों पर जल्द अमल नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। इस दौरान राहुल शर्मा, राजेश चौहान, मंजूर अली, विनोद पटेल, जयहिंद मौर्य, जहरुद्दीन खान, रजत शर्मा, आयुष शुक्ला और शशांक तिवारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
ऑनलाइन कार्य बहिष्कार से तहसील के 80 फीसदी काम प्रभावित
निचलौल। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर लंबित मांगों को लेकर निचलौल तहसील के लेखपालों ने बृहस्पतिवार से ऑनलाइन कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया। लेखपालों के ऑनलाइन रिपोर्ट न लगाने से करीब 80 प्रतिशत कार्य प्रभावित हो गए हैं। इससे जरूरी प्रमाणपत्रों और राजस्व संबंधी कार्यों के लिए आवेदन करने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
लेखपालों के ऑनलाइन कार्य बहिष्कार का असर तहसील परिसर की रौनक पर भी दिखाई दिया। बृहस्पतिवार को आम दिनों में फरियादियों और वाहनों से खचाखच भरा रहने वाला तहसील परिसर अपेक्षाकृत खाली नजर आया। परिसर में अधिवक्ताओं और उनके मुवक्किलों के अलावा फरियादियों की संख्या काफी कम रही।
तहसील अध्यक्ष अवधेश कुमार सिंह ने बताया कि लेखपाल लंबे समय से बढ़ते कार्यभार, संसाधनों की कमी, वेतन विसंगति, पदोन्नति और अंतरमंडलीय स्थानांतरण जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। पूर्व में दी गई सूचना के अनुसार बृहस्पतिवार से तहसील से जुड़े सभी ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार शुरू किया गया है। लेखपाल संघ के मंत्री कमलेश कुमार ने कहा कि इसके बाद भी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो 17 अक्तूबर से चरणबद्ध आंदोलन के तहत संपूर्ण कार्य बहिष्कार किया जाएगा।
तहसीलदार अमित कुमार सिंह ने बताया कि ऑनलाइन कार्य बहिष्कार के बाद तहसील क्षेत्र से आवेदनकर्ताओं के लगातार फोन आ रहे हैं। लेखपालों के ऑनलाइन कार्य नहीं करने से करीब 80 प्रतिशत काम प्रभावित हुआ है। तहसील में प्रतिदिन हजारों आवेदन आते हैं, जिन पर लेखपालों की ऑनलाइन रिपोर्ट के आधार पर निर्धारित समय में निस्तारण किया जाता है। फिलहाल रिपोर्ट नहीं लगने से इनका निस्तारण प्रभावित हो रहा है। ग्राम हरगांव निवासी आदर्श कन्नौजिया ने बताया कि उन्होंने जाति, आय और निवास प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किया है। प्रमाणपत्रों की तत्काल आवश्यकता है लेकिन लेखपाल की रिपोर्ट नहीं लगने के कारण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। संवाद
नौतनवा में व्हाट्सएप्प ग्रुपों से खुद को रिमूव कर किया बहिष्कार
विभिन्न मांगों को लेकर लेखपालों ने बृहस्पतिवार को अधिकारियों के सभी ग्रुपों से खुद को रिमूव कर संपूर्ण क्षेत्रों के ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार कर दिया। लेखपाल संघ के अध्यक्ष रमेश गुप्ता ने कहा कि संघ की ओर से जो मांगें उठाई गई हैं वह पूरी तरह से वाजिब और अमल में लाने योग्य हैं। बावजूद इसके शासन स्तर से मांगों की अनदेखी कर लेखपालों के सब्र की परीक्षा ली जा रही है। जिसे संघ कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। इस दौरान लेखपाल रमेश गुप्ता, राहुल शर्मा, दीपेंद्र धवल, जहीरुद्दीन खान, मंजूर अली, कृष्णगोपाल, राघवेंद्र विश्वकर्मा, रत्नेश गुप्ता, सुनील वर्मा, विनोद पटेल आदि लेखपाल मौजूद रहे।