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धान की सिंचाई के लिए कर रहे बारिश का इंतजार

Sun, 30 Sep 2018 12:43 AM IST
महराजगंज (ब्यूरो)
महराजगंज (ब्यूरो) Updated Sun, 30 Sep 2018 12:43 AM IST
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Waiting for rain for irrigation purposes
धान की सिंचाई के लिए कर रहे बारिश का इंतजार - फोटो : अमर उजाला
महराजगंज। इन दिनों धान की फसल में बालियां निकल रही हैं। ऐसे में फसल को बारिश की जरूरत है। बारिश न होने के कारण किसान पंपिंग सेट के माध्यम से धान की फसल की महंगी सिंचाई के लिए विवश हैं। एक तरफ डीजल मूल्य में वृद्धि हो रही है वहीं दूसरी तरफ बारिश न होने से किसानों की समस्या बढ़ गई है। उधर धान की फसल में झुलसा रोग भी लगने लगा है। जागरूक किसान कृषि विशेषज्ञों से सलाह लेकर फसल को सुरक्षित करने में जुटे हैं।        
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किसानों का कहना है कि झुलसा रोग से अब तक धान की पांच प्रतिशत से अधिक फसल प्रभावित हो चुकी है। इसका कारण तापमान में वृद्धि, उमस भरी गर्मी व बारिश का न होना बताया जा रहा है। किसान धान की फसल को रोग से बचाने के लिए कृषि विशेषज्ञों के पास पहुंच रहे हैं। मेदनीपुर के राजेश्वर त्रिपाठी, गौनरिया राजा गांव के दिनेशचंद पांडेय ने कहा कि भादों माह के शुरूआत के समय को छोड़ दें तो उसके बाद से तापमान में वृद्धि व उमस भरी गर्मी ने धान की फसल पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है। इसके चलते धान की फसल पीली पड़ने के साथ झुलसने लगी है। किसानों को फसल की सिंचाई के लिए पंपिंग सेट का सहारा लेना पड़ रहा है।  कृषि वैज्ञानिक बीबी सिंह ने बताया कि झुलसा रोग से पत्ती लटक जाती है और पुआल के रंग का धब्बा पत्ती पर पड़ जाता है। झुलसा रोग के जीवाणु धान की पत्तियाें व तने में चिपके रहते हैं। इससे फसल प्रभावित होने लगती है। पत्तियां भूरे पुआल के रंग की हो जाती हैं। जिससे पूरा पौधा मुरझा जाता है और धीरे धीरे इसका प्रभाव खेत में लगे पूरे फसल में फैलने लगता है। 
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