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Maharajganj News: रात के सन्नाटे में रहे सतर्क, खूंखार हुए कुत्ते,
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फोटो परतावल कस्बे में दो माह में 13 लोगों को कुत्तों ने काटा, जिला अस्पताल में प्रत्येक दिन पहुंच रहे 10 लोग, इसमें बच्चे भी शामिल
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। अगर रात में सड़कों पर निकल रहे हैं तो सतर्क रहिए। कुत्ते कभी भी हमला कर सकते हैं। अगर संभल कर न चला जाय तो ये नोच डालते हैं। अगर बाइक पर हैं तो हादसे के भी शिकार हो सकते हैं। जिले में खूंखार कुत्ते प्रत्येक दिन 10 लोगों को काट रहे हैं। रात में कुत्तों का झुंड शहर की गलियों में पीछे पड़ जाते हैं। जिला अस्पताल में प्रत्येक दिन 10 लोग रेबीज वैक्सीन लगवाने आ रहे हैं, इसमें बच्चे भी शामिल हैं।
जानकारी के अनुसार, जिला अस्पताल के एआरवी कक्ष में प्रत्येक दिन लोगों को एंटी रेबीज वैक्सीन लगाई जा रही है। जुलाई में 328 लोगों को एंटी रैविज वैक्सीन लगाई गई थी। 22 अगस्त तक 254 लोगों को वैक्सीन लग चुकी है। 25 हजार आबादी वाले परतावल कस्बे में जुलाई और अगस्त में 13 लोगों को कुत्तों ने काटा है। दिन ढलने के बाद इनका खौफ और ज्यादा बढ़ जाता है। नगर के मुख्य चौराहे से लेकर गली-मुहल्लों में तो आवारा कुत्ते कहर बरपा ही रहे हैं। सरकारी कार्यालय व विद्यालयों के आसपास भी कुत्ते घूमते नजर आते हैं। तेजी से बढ़ रही कुत्तों की आबादी पर अंकुश लगाने के लिए निकाय प्रशासन गंभीर नहीं है। सरकारी कार्यालयों तक भी इनकी पहुंच आसान है। सूर्यास्त के बाद ये कुत्ते आक्रामक हो जाते हैं। देर शाम आने-जाने वाले लोगों को पहले कुत्ते भौंक कर डराने की कोशिश करते हैं। इसके बाद हमलावर भी हो जाते हैं।
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बाहर निकलने में भी डर लग रहा
-परतावल कस्बे के सुनील, दीपक, रोहित, भीम आदि ने बताया कि आवारा कुत्तों के कारण घरों से बाहर निकलने में भी डर लग रहा हैं। आवारा कुत्तों की वजह से जहां आए दिन सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं, वहीं हर माह दर्जनों लोगों को काटकर जख्मी कर दे रहे हैं। सबसे बड़ी समस्या तो स्कूल जाने वाले छात्रों को है।
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आवारा कुत्तों के नियंत्रण के लिए कोई शासनादेश नहीं है। अगर कोई आदेश आता है तो उसका पालन कराया जाएगा।
कनुप्रिया शाही, अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत परतावल
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यह बरतें सावधानी
- कुत्ता कुछ खा पी रहा हो तो उसके पास न जाएं
- अगर कुत्ते के पिल्ले उसके साथ हों तो नजदीक न जाएं
- कुत्ते आपस में लड़ रहे हों तो भी उनसे दूर रहें
- सोते हुए कुत्ते को किसी भी हाल में न छेड़ें
- कुत्तों के एकदम नजदीक से भाग दौड़ न करें
- बच्चों को भी बताएं, कुत्तों के कान और पूंछ आदि न खींचें
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जिला अस्पताल में एआरवी उपलब्ध है। डॉक्टर के परामर्श के अनुसार लगाया जाता है। कुत्तों से सावधान रहने की जरूरत है। लापरवाही से समस्या हो सकती है।
डॉ. एपी भार्गव, सीएमएस
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संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। अगर रात में सड़कों पर निकल रहे हैं तो सतर्क रहिए। कुत्ते कभी भी हमला कर सकते हैं। अगर संभल कर न चला जाय तो ये नोच डालते हैं। अगर बाइक पर हैं तो हादसे के भी शिकार हो सकते हैं। जिले में खूंखार कुत्ते प्रत्येक दिन 10 लोगों को काट रहे हैं। रात में कुत्तों का झुंड शहर की गलियों में पीछे पड़ जाते हैं। जिला अस्पताल में प्रत्येक दिन 10 लोग रेबीज वैक्सीन लगवाने आ रहे हैं, इसमें बच्चे भी शामिल हैं।
जानकारी के अनुसार, जिला अस्पताल के एआरवी कक्ष में प्रत्येक दिन लोगों को एंटी रेबीज वैक्सीन लगाई जा रही है। जुलाई में 328 लोगों को एंटी रैविज वैक्सीन लगाई गई थी। 22 अगस्त तक 254 लोगों को वैक्सीन लग चुकी है। 25 हजार आबादी वाले परतावल कस्बे में जुलाई और अगस्त में 13 लोगों को कुत्तों ने काटा है। दिन ढलने के बाद इनका खौफ और ज्यादा बढ़ जाता है। नगर के मुख्य चौराहे से लेकर गली-मुहल्लों में तो आवारा कुत्ते कहर बरपा ही रहे हैं। सरकारी कार्यालय व विद्यालयों के आसपास भी कुत्ते घूमते नजर आते हैं। तेजी से बढ़ रही कुत्तों की आबादी पर अंकुश लगाने के लिए निकाय प्रशासन गंभीर नहीं है। सरकारी कार्यालयों तक भी इनकी पहुंच आसान है। सूर्यास्त के बाद ये कुत्ते आक्रामक हो जाते हैं। देर शाम आने-जाने वाले लोगों को पहले कुत्ते भौंक कर डराने की कोशिश करते हैं। इसके बाद हमलावर भी हो जाते हैं।
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बाहर निकलने में भी डर लग रहा
-परतावल कस्बे के सुनील, दीपक, रोहित, भीम आदि ने बताया कि आवारा कुत्तों के कारण घरों से बाहर निकलने में भी डर लग रहा हैं। आवारा कुत्तों की वजह से जहां आए दिन सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं, वहीं हर माह दर्जनों लोगों को काटकर जख्मी कर दे रहे हैं। सबसे बड़ी समस्या तो स्कूल जाने वाले छात्रों को है।
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आवारा कुत्तों के नियंत्रण के लिए कोई शासनादेश नहीं है। अगर कोई आदेश आता है तो उसका पालन कराया जाएगा।
कनुप्रिया शाही, अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत परतावल
यह बरतें सावधानी
- कुत्ता कुछ खा पी रहा हो तो उसके पास न जाएं
- अगर कुत्ते के पिल्ले उसके साथ हों तो नजदीक न जाएं
- कुत्ते आपस में लड़ रहे हों तो भी उनसे दूर रहें
- सोते हुए कुत्ते को किसी भी हाल में न छेड़ें
- कुत्तों के एकदम नजदीक से भाग दौड़ न करें
- बच्चों को भी बताएं, कुत्तों के कान और पूंछ आदि न खींचें
जिला अस्पताल में एआरवी उपलब्ध है। डॉक्टर के परामर्श के अनुसार लगाया जाता है। कुत्तों से सावधान रहने की जरूरत है। लापरवाही से समस्या हो सकती है।
डॉ. एपी भार्गव, सीएमएस