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Maharajganj News: अवैध पासपोर्ट-वीजा के साथ पकड़ी गई उज्बेकिस्तान की महिला को जेल
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पकड़ी गई महिला।
महराजगंज। भारत-नेपाल सीमा पर अवैध पासपोर्ट और वीजा के साथ पकड़ी गई उज्बेकिस्तान की महिला नागरिक को न्यायालय ने दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय ने शुक्रवार को सुनवाई के दौरान विदेशी महिला दिलवर राखी मोवा जोराजम रिजीन व्लोयाती उरगेज शहर, उज्बेकिस्तान राष्ट्र की नागरिक को 10 माह 10 दिन के साधारण कारावास और 5000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न देने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन के अनुसार, यह मामला वर्ष 2023 का है। अभियोजन के अनुसार, सोनौली थाने की पुलिस ने भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में गश्त के दौरान एक विदेशी महिला नागरिक को संदिग्ध परिस्थितियों में पकड़ा था। पूछताछ के दौरान उसने अपना नाम दिलवर राखी मोवा बताया। जब पुलिस ने उससे यात्रा दस्तावेज मांगे तो उसके पास मौजूद पासपोर्ट और वीजा संदिग्ध पाए गए। दस्तावेज की जांच में यह पुष्टि हुई कि उसके पास भारत में प्रवेश के लिए वैध वीजा नहीं था। सोनौली पुलिस ने इस संबंध में विदेशी अधिनियम की धारा 14 के तहत केस दर्ज किया था। विवेचक ने साक्ष्य संकलन के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने माना कि बिना वैध दस्तावेजों के भारत में प्रवेश कर रही थी जो विदेशी अधिनियम का स्पष्ट उल्लंघन है। जिसके आधार पर न्यायालय ने सजा सुनाई है।
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मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय ने शुक्रवार को सुनवाई के दौरान विदेशी महिला दिलवर राखी मोवा जोराजम रिजीन व्लोयाती उरगेज शहर, उज्बेकिस्तान राष्ट्र की नागरिक को 10 माह 10 दिन के साधारण कारावास और 5000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न देने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन के अनुसार, यह मामला वर्ष 2023 का है। अभियोजन के अनुसार, सोनौली थाने की पुलिस ने भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में गश्त के दौरान एक विदेशी महिला नागरिक को संदिग्ध परिस्थितियों में पकड़ा था। पूछताछ के दौरान उसने अपना नाम दिलवर राखी मोवा बताया। जब पुलिस ने उससे यात्रा दस्तावेज मांगे तो उसके पास मौजूद पासपोर्ट और वीजा संदिग्ध पाए गए। दस्तावेज की जांच में यह पुष्टि हुई कि उसके पास भारत में प्रवेश के लिए वैध वीजा नहीं था। सोनौली पुलिस ने इस संबंध में विदेशी अधिनियम की धारा 14 के तहत केस दर्ज किया था। विवेचक ने साक्ष्य संकलन के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने माना कि बिना वैध दस्तावेजों के भारत में प्रवेश कर रही थी जो विदेशी अधिनियम का स्पष्ट उल्लंघन है। जिसके आधार पर न्यायालय ने सजा सुनाई है।
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