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Maharajganj News: 3470 स्कूलों में समान शिक्षा नीति आरटीई से प्रभावी
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शिक्षक पात्रता डिग्री के बगैर नहीं रखे जाएंगे शिक्षक
नए शिक्षा सत्र से पहले डीआईओएस देंगे रिपोर्ट
महराजगंज। शासन आरटीई के तहत एक समान शिक्षा नीति को मंजूरी देकर अगले शैक्षिक सत्र से प्रभावी बनाने जा रहा है। इसके जरिये पूरे राज्य में एक समान शिक्षा व्यवस्था लागू हो जाएगी। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) की दखल पर शासन ने यह तैयारी की है। डीआईओएस को आदेश दिए गए हैं कि वह नए शिक्षा सत्र से पहले सभी सरकारी व निजी स्कूलों की रिपोर्ट उपलब्ध कराएं।
जिले में कुल 3470 बेसिक व माध्यमिक स्कूल संचालित हैं। इसमें 1500 के लगभग बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय स्कूल तो 278 माध्यमिक स्कूल हैं। विभागीय स्कूलों में तो शासन के निर्देश के मुताबिक शिक्षक पात्रता परीक्षा, बीटीसी व बीएड डिग्री धारक रखे जाते हैं, लेकिन लगभग 1697 स्कूल निजी प्रबंध तंत्र के अधीन हैं। इनमें बेसिक, यूपी बोर्ड, सीबीएसई बोर्ड के स्कूल शामिल हैं। इन स्कूलों में रखे जाने वाले शिक्षकों को लेकर कोई गाइडलाइन नहीं प्रभावी है। इससे बिना शिक्षक पात्रता डिग्री के ही कम वेतन पर शिक्षक रखे जाते हैं। एनसीटीई ने दखल दिया तो अब एक समान शिक्षा व्यवस्था प्रभावी होगी। शासन स्तर से डीआईओएस को जिम्मेदारी दी गई है कि वह सभी सरकारी व गैरसरकारी स्कूल के शिक्षकों की पात्रता की पुष्टि करती रिपोर्ट उपलब्ध कराएं।
वर्जन
शिक्षा निदेशालय की तरफ से सरकारी व गैरसरकारी स्कूल के अध्यापकों की रिपोर्ट भेजनी है कि शिक्षक पात्रता का अनुपालन हो रहा है अथवा नहीं। शीघ्र सर्वे रिपोर्ट भेजी जाएगी। -प्रदीप कुमार शर्मा, डीआईओएस।
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नए शिक्षा सत्र से पहले डीआईओएस देंगे रिपोर्ट
महराजगंज। शासन आरटीई के तहत एक समान शिक्षा नीति को मंजूरी देकर अगले शैक्षिक सत्र से प्रभावी बनाने जा रहा है। इसके जरिये पूरे राज्य में एक समान शिक्षा व्यवस्था लागू हो जाएगी। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) की दखल पर शासन ने यह तैयारी की है। डीआईओएस को आदेश दिए गए हैं कि वह नए शिक्षा सत्र से पहले सभी सरकारी व निजी स्कूलों की रिपोर्ट उपलब्ध कराएं।
जिले में कुल 3470 बेसिक व माध्यमिक स्कूल संचालित हैं। इसमें 1500 के लगभग बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय स्कूल तो 278 माध्यमिक स्कूल हैं। विभागीय स्कूलों में तो शासन के निर्देश के मुताबिक शिक्षक पात्रता परीक्षा, बीटीसी व बीएड डिग्री धारक रखे जाते हैं, लेकिन लगभग 1697 स्कूल निजी प्रबंध तंत्र के अधीन हैं। इनमें बेसिक, यूपी बोर्ड, सीबीएसई बोर्ड के स्कूल शामिल हैं। इन स्कूलों में रखे जाने वाले शिक्षकों को लेकर कोई गाइडलाइन नहीं प्रभावी है। इससे बिना शिक्षक पात्रता डिग्री के ही कम वेतन पर शिक्षक रखे जाते हैं। एनसीटीई ने दखल दिया तो अब एक समान शिक्षा व्यवस्था प्रभावी होगी। शासन स्तर से डीआईओएस को जिम्मेदारी दी गई है कि वह सभी सरकारी व गैरसरकारी स्कूल के शिक्षकों की पात्रता की पुष्टि करती रिपोर्ट उपलब्ध कराएं।
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वर्जन
शिक्षा निदेशालय की तरफ से सरकारी व गैरसरकारी स्कूल के अध्यापकों की रिपोर्ट भेजनी है कि शिक्षक पात्रता का अनुपालन हो रहा है अथवा नहीं। शीघ्र सर्वे रिपोर्ट भेजी जाएगी। -प्रदीप कुमार शर्मा, डीआईओएस।
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