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Maharajganj News: धूल फांक रही अल्ट्रासाउंड मशीन, गर्भवती परेशान
Fri, 06 Sep 2024 03:46 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Fri, 06 Sep 2024 03:46 AM IST
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महराजगंज। महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन धूल फांक रही है। गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड करने के लिए जिला अस्पताल आना पड़ता है। इससे उन्हें दिक्कत होती है। वहां भीड़ होने के कारण महिलाओं को बाहर जांच करानी पड़ती है।
जानकारी के अनुसार, जिला महिला अस्पताल में करीब दो साल से अल्ट्रासाउंड बंद है। इससे गर्भवतियों को जिला अस्पताल का चक्कर लगाना पड़ता है। अधिकतर महिलाओं का इलाज बिना अल्ट्रासाउंड जांच के नहीं हो पाता है। इस कारण यह एक जरूरी प्रक्रिया है, लेकिन इसकी सुविधा जिला महिला अस्पताल में नहीं होने की वजह से गर्भवती महिलाओं को परेशानी हो रही है।
जिला अस्पताल में भीड़ अधिक होने के कारण अधिकतर महिलाएं निजी सेंटरों से अल्ट्रासाउंड जांच कराने के लिए मजबूर हैं। निजी सेंटरों पर एक बार अल्ट्रासाउंड जांच कराने पर 500-600 रुपये खर्च करने पड़ते हैं। विमला देवी ने बताया कि भीड़ के कारण बाहर निजी सेंटर पर जाकर जांच करानी पड़ती है। अगर महिला अस्पताल में सुविधा मिलती तो समस्या नहीं होती।
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गीता देवी ने बताया कि महिला अस्पताल में परामर्श लेने के बाद जांच के लिए अस्पताल आना पड़ा। यहां भी समय से जांच हो जाए, कोई गारंटी नहीं है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एपी भार्गव ने बताया कि महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा है। इसे संचालित कराने के लिए व्यवस्था की गई है। जल्दी ही समस्या का समाधान हो जाएगा। बेहतर इलाज की सुविधा देने की हर संभव कोशिश की जा रही है।
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जानकारी के अनुसार, जिला महिला अस्पताल में करीब दो साल से अल्ट्रासाउंड बंद है। इससे गर्भवतियों को जिला अस्पताल का चक्कर लगाना पड़ता है। अधिकतर महिलाओं का इलाज बिना अल्ट्रासाउंड जांच के नहीं हो पाता है। इस कारण यह एक जरूरी प्रक्रिया है, लेकिन इसकी सुविधा जिला महिला अस्पताल में नहीं होने की वजह से गर्भवती महिलाओं को परेशानी हो रही है।
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जिला अस्पताल में भीड़ अधिक होने के कारण अधिकतर महिलाएं निजी सेंटरों से अल्ट्रासाउंड जांच कराने के लिए मजबूर हैं। निजी सेंटरों पर एक बार अल्ट्रासाउंड जांच कराने पर 500-600 रुपये खर्च करने पड़ते हैं। विमला देवी ने बताया कि भीड़ के कारण बाहर निजी सेंटर पर जाकर जांच करानी पड़ती है। अगर महिला अस्पताल में सुविधा मिलती तो समस्या नहीं होती।
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गीता देवी ने बताया कि महिला अस्पताल में परामर्श लेने के बाद जांच के लिए अस्पताल आना पड़ा। यहां भी समय से जांच हो जाए, कोई गारंटी नहीं है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एपी भार्गव ने बताया कि महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा है। इसे संचालित कराने के लिए व्यवस्था की गई है। जल्दी ही समस्या का समाधान हो जाएगा। बेहतर इलाज की सुविधा देने की हर संभव कोशिश की जा रही है।