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Maharajganj News: कसमरिया और सिसवा अमहवा में दो पुलों का होगा निर्माण
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महराजगंज। कसमरिया और सिसवा अमहवा में दो पुलों का निर्माण जल्द ही होगा। सिंचाई विभाग प्रथम ने इन दोनों स्थानों पर नए पुलों के निर्माण की योजना को अंतिम रूप दे दिया है। टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अक्टूबर के पहले सप्ताह में बजट आवंटन की उम्मीद है। इन पुलों के बनने से करीब डेढ़ लाख की आबादी को सुविधा मिलेगी।
जानकारी के अनुसार, मधुबनी शाखा पर स्थित कसमरिया और सिसवा अमहवा में बना पुल जर्जर हो चुका है। बारिश के मौसम में इसकी हालत और भी दयनीय हो जाती है। इस दौरान लोगों को बाजार, स्कूल, अस्पताल और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों तक पहुंचने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। सिंचाई विभाग प्रथम ने दोनों पुलों के पुनर्निर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा था। शासन से अनुमोदन प्राप्त होने के बाद टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। अक्तूबर में बजट आवंटित होने की संभावना है।
स्थानीय महेंद्र कुमार ने कहा कि जर्जर पुल की वजह से हादसे की आशंका बनी रहती है। बारिश के मौसम में तो हालात और भी बदतर हो जाते हैं। नए पुल के निर्माण से न केवल हमारा समय बचेगा बल्कि हम सुरक्षित भी रहेंगे। सिसवा अमहवा के इंद्रासन ने बताया कि जर्जर पुल के कारण किसानों को अपनी फसल बाजार तक ले जाने में दिक्कत होती है। नए पुल बनने से हमारी उपज को आसानी से बाजार तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। बृजेश ने बताया कि जर्जर पुल के कारण बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी होती है। बारिश के मौसम में यह समस्या और बढ़ जाती है।
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जानकारी के अनुसार, मधुबनी शाखा पर स्थित कसमरिया और सिसवा अमहवा में बना पुल जर्जर हो चुका है। बारिश के मौसम में इसकी हालत और भी दयनीय हो जाती है। इस दौरान लोगों को बाजार, स्कूल, अस्पताल और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों तक पहुंचने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। सिंचाई विभाग प्रथम ने दोनों पुलों के पुनर्निर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा था। शासन से अनुमोदन प्राप्त होने के बाद टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। अक्तूबर में बजट आवंटित होने की संभावना है।
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स्थानीय महेंद्र कुमार ने कहा कि जर्जर पुल की वजह से हादसे की आशंका बनी रहती है। बारिश के मौसम में तो हालात और भी बदतर हो जाते हैं। नए पुल के निर्माण से न केवल हमारा समय बचेगा बल्कि हम सुरक्षित भी रहेंगे। सिसवा अमहवा के इंद्रासन ने बताया कि जर्जर पुल के कारण किसानों को अपनी फसल बाजार तक ले जाने में दिक्कत होती है। नए पुल बनने से हमारी उपज को आसानी से बाजार तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। बृजेश ने बताया कि जर्जर पुल के कारण बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी होती है। बारिश के मौसम में यह समस्या और बढ़ जाती है।
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