{"_id":"68ec0e32aac173169e017df5","slug":"trade-shows-are-setting-the-benchmark-for-highest-revenues-maharajganj-news-c-206-1-go11002-161674-2025-10-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: ट्रेड शो स्थापित कर रहा सर्वाधिक कमाई का प्रतिमान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: ट्रेड शो स्थापित कर रहा सर्वाधिक कमाई का प्रतिमान
Mon, 13 Oct 2025 01:53 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Mon, 13 Oct 2025 01:53 AM IST
विज्ञापन
महराजगंज। उद्योग विभाग का महराजगंज ट्रेड शो सफलता के प्रतिमान गढ़ रहा है। ट्रेड शो न सिर्फ लोगों का ध्यान खींचने में बल्कि बिक्री में भी आगे है। विभाग के मुताबिक तीन दिन में 15 लाख से अधिक मूल्य के उत्पादों की बिक्री हो चुकी है। जो शेष बचे दिनों को देखते हुए 50 लाख का आंकड़ा पाने की तरफ अग्रसर है।
सर्वाधिक बिक्री की बात करें तो अगरबत्ती, सुगंधित चावल, रेडीमेड व खादी वस्त्रों के साथ मिलेटस की है।
मुख्यालय के जवार लाल नेहरू पीजी काॅलेज में आयोजित नौ दिवसीय ट्रेड शो और स्वदेशी प्रदर्शनी की इन दिनों पूरे जिले में धूम मची है। सुबह आठ बजे से देर रात तक जुट रही भीड़ बता रही कि प्रदर्शनी में लोगों को स्थानीय उत्पाद लुभाने में सफल साबित हो रहे। दिन के समय जनपद के विभिन्न हिस्सों से युवा, बच्चों की भीड़ रहती है, तो देर रात तक मुख्यालय की आधी आबादी से ट्रेड शो गुलज़ार हो रहा है।
रविवार को अवकाश के कारण दिन में भी महिलाएं देखी गईं, लेकिन इसमें ग्रामीण क्षेत्र के महिलाओं की अधिकता रहीं।
ट्रेड शो में लगे हैं 50 से अधिक स्टाट
ट्रेड शो में 50 से अधिक स्थानीय उत्पाद के स्टाल लगे हैं। इसमें उद्योग विभाग की तरफ से दो स्टाल विभागीय योजनाओं की जानकारी देकर आवेदन के लगे हैं। इसमें मुख्यमंत्री युवा उद्यमी, ओडीओपी ऋण, टूल व अन्य योजनाओं की जानकारी देने में भूमिका निभा रहे हैं। अगरबत्ती व धूप का स्टाल मंजू देवी का है, जो मिठौरा की रहने वाली हैं। उन्होंने बताया कि तीन वर्ष से उनकी मोमबत्ती व धूप बत्ती की खुशबू आसपास के जनपदों तक पहुंच रही है। दीपावली व धनतेरस के कारण अधिक बिक्री हो रही है। इसी तरह आनंद नगर तराई बुद्धा एग्रो प्रोड्यूसर सुमन गुप्ता कालानमक चावल की संबोधित वेरायटी की बिक्री कर रही हैं। जो 180 रुपये किलो है। उन्होंने बताया कि यह कालानमक उन्नत किस्म का है। जो सुगंध के साथ-साथ लगभग छह से आठ घंटे तक बनाने के बाद मुलायम रहता है। पारंपरिक कालानमक चावल तैयार होने के बाद रूखा होने लगता है। दीपावली के लिए उनके खास चावलों की बिक्री अधिक हो रही है। इसके अलावा कुछ ग्रामीण आजीविका मिशन के स्टाल शुद्ध पीली सरसों के तेल व अचार-मुरब्बा के हैं, जिनका स्वाद लोगों को खींच रहा है। उम्मेकुल्सुम के रेडीमेड व खादी कपड़ों के स्टाल सर्वाधिक बिक्री वाले हैं। ओडीओपी फर्नीचर स्टाल विनय कुमार का है, जहां सर्वाधिक ऑर्डर फर्नीचर के मिले हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सर्वाधिक बिक्री की बात करें तो अगरबत्ती, सुगंधित चावल, रेडीमेड व खादी वस्त्रों के साथ मिलेटस की है।
मुख्यालय के जवार लाल नेहरू पीजी काॅलेज में आयोजित नौ दिवसीय ट्रेड शो और स्वदेशी प्रदर्शनी की इन दिनों पूरे जिले में धूम मची है। सुबह आठ बजे से देर रात तक जुट रही भीड़ बता रही कि प्रदर्शनी में लोगों को स्थानीय उत्पाद लुभाने में सफल साबित हो रहे। दिन के समय जनपद के विभिन्न हिस्सों से युवा, बच्चों की भीड़ रहती है, तो देर रात तक मुख्यालय की आधी आबादी से ट्रेड शो गुलज़ार हो रहा है।
विज्ञापन
रविवार को अवकाश के कारण दिन में भी महिलाएं देखी गईं, लेकिन इसमें ग्रामीण क्षेत्र के महिलाओं की अधिकता रहीं।
ट्रेड शो में लगे हैं 50 से अधिक स्टाट
ट्रेड शो में 50 से अधिक स्थानीय उत्पाद के स्टाल लगे हैं। इसमें उद्योग विभाग की तरफ से दो स्टाल विभागीय योजनाओं की जानकारी देकर आवेदन के लगे हैं। इसमें मुख्यमंत्री युवा उद्यमी, ओडीओपी ऋण, टूल व अन्य योजनाओं की जानकारी देने में भूमिका निभा रहे हैं। अगरबत्ती व धूप का स्टाल मंजू देवी का है, जो मिठौरा की रहने वाली हैं। उन्होंने बताया कि तीन वर्ष से उनकी मोमबत्ती व धूप बत्ती की खुशबू आसपास के जनपदों तक पहुंच रही है। दीपावली व धनतेरस के कारण अधिक बिक्री हो रही है। इसी तरह आनंद नगर तराई बुद्धा एग्रो प्रोड्यूसर सुमन गुप्ता कालानमक चावल की संबोधित वेरायटी की बिक्री कर रही हैं। जो 180 रुपये किलो है। उन्होंने बताया कि यह कालानमक उन्नत किस्म का है। जो सुगंध के साथ-साथ लगभग छह से आठ घंटे तक बनाने के बाद मुलायम रहता है। पारंपरिक कालानमक चावल तैयार होने के बाद रूखा होने लगता है। दीपावली के लिए उनके खास चावलों की बिक्री अधिक हो रही है। इसके अलावा कुछ ग्रामीण आजीविका मिशन के स्टाल शुद्ध पीली सरसों के तेल व अचार-मुरब्बा के हैं, जिनका स्वाद लोगों को खींच रहा है। उम्मेकुल्सुम के रेडीमेड व खादी कपड़ों के स्टाल सर्वाधिक बिक्री वाले हैं। ओडीओपी फर्नीचर स्टाल विनय कुमार का है, जहां सर्वाधिक ऑर्डर फर्नीचर के मिले हैं।
विज्ञापन