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Maharajganj News: भंसार के लिए दलालों के जाल में न फंसे पर्यटक...पीली पर्ची करेगी मदद
Sun, 22 Dec 2024 11:58 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sun, 22 Dec 2024 11:58 PM IST
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महराजगंज। नए साल में नेपाल जाने वाले पर्यटक भंसार बनवाने के दौरान सतर्क रहें। यहां दलालों के चक्कर में फंसे तो दोगुनी रकम खर्च हो जाएगी। वहीं सभी प्रपत्रों की जांच के बाद मिलने वाली पीली पर्ची रास्ते में मददगार होगी। इस पर्ची को दिखाने मात्र से जांच से मुक्ति मिल जाएगी। इससे नेपाल में पर्यटन का माहौल तैयार होगा। पहले, पर्यटकों को जांच के नाम पर जगह-जगह परेशानी का सामना करना पड़ता था अब ऐसा नहीं होगा। बेलहिया सीमा पर एक स्थायी सामूहिक जांच केंद्र खोला गया है, ताकि नेपाल में आने वाले पर्यटकों को किसी तरह की परेशानी न हो।
जानकारी के अनुसार, सीमावर्ती क्षेत्र के अंतर्गत दोनों देशों के नागरिक कई वर्षों से अपने सगे संबंधियों के यहां जाते रहे हैं। इसके साथ ही रोजाना करीब 300 भारतीय पर्यटक वाहन नेपाल जाते हैं। भंसार शुल्क के बाद उन्हें परमिट बनवाने के लिए सीमा से चार किमी दूर भैरहवा जाना पड़ता था। स्थानीय नेपाल प्रशासन की पहल पर अब भंसार कार्यालय में ही एक साथ कर दिया है। जहां पर एक बार शुल्क जमा करने के बाद एक पीली पर्ची दी जाती है, जिसको पूरे नेपाल में दिखाने पर नेपाल यातायात पुलिस भारतीय वाहन को नहीं रोकती है। जबकि पर्यटक बिचौलिए के चक्कर में फंस कर दोगुनी रकम खर्च कर देते हैं और रास्ते में उन्हें परेशानी भी होती है।
पर्यटकों की सुविधा के लिए बनाया गया है हेल्पडेस्क
भारत से नेपाल जाने के लिए अब सोनौली सीमा पर और सुविधा मिल रही है। पड़ोसी देश ने वाहनों का परमिट भंसार कार्यालय के साथ कर दिया है, जिसमें भारतीय पर्यटक वाहनों के भंसार परमिट और जांच प्रकिया पूरी कर उन्हें एक टोकन दिया जाता है। इसमें पर्यटकों को भैरहवा का चक्कर नहीं लगाना पड़ रहा है। एक दिन के भंसार शुल्क 600 और परमिट के लिए 500 नेपाली मुद्रा जमा करना होता है।
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बेलहिया में पर्यटकों के लिए जांच एकीकृत चेक-इन केंद्र खुला
पर्यटकों के लिए बेलहिया में भैरहवा-रूपनदेही की एकीकृत चेक-इन सेवा शुरू की गई है। जिला प्रशासन कार्यालय के नेतृत्व में, बेलहिया नेपाल-भारत सीमा पार एक एकीकृत सेवा शुरू की गई है जहां नेपाल पुलिस, यातायात, सशस्त्र पुलिस और सीमा शुल्क कर्मियों को सुरक्षा और अन्य सभी प्रकार की जांच करने के लिए एक ही स्थान पर रखा गया है।
भारतीय पर्यटकों को सीमा पर भंसार के साथ ही रूट परमिट दिए जा रहे हैं, जिससे उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो। सरहद पर फर्जी एजेंट को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी।
-नरेंद्र चौधरी, सूचना अधिकारी, भैरहवा भंसार कार्यालय
भारतीय पर्यटकों ने किया नेपाल का रुख
नए वर्ष के आगमन पर भारतीयों ने नेपाल के पर्यटन स्थलों का रुख कर लिया है। काठमांडों, पोखरा, लुंबिनी, मनोकामना व भैरहवां के अधिकतर होटल व लॉज और अन्य ठहरने के स्थान पर कमरों की बुकिंग शुरू हो गई है। कई होटलों में नव वर्ष के मद्देनजर भारतीय पर्यटकों के लिए विशेष सहूलियत दी गई है। पोखरा के लेक साइट को आकर्षक रूप से सजाया जा रहा है। रुपनदेही जिले के भैरहवां में स्थित कैसिनों युक्त होटलों में 31 दिसंबर की शाम के बाद की बुकिंग बंद हो गई है। होटल संचालकों का कहना है कि नव वर्ष के मद्देनजर पहले से ही कमरे बुक हो गए हैं। नेपाल में पर्यटकों की बढ़ती संख्या के प्रति पुलिस प्रशासन भी सतर्क है। पर्यटक एसोसिएशन सोटो के अध्यक्ष श्रीचंद गुप्ता ने बताया कि नेपाल आने वाले पर्यटक स्वयं भंसार और परमिट बनवा लें बिचौलिए पैसा भी अधिक लेते हैं। कभी-कभी सही पेपर नहीं बनने के कारण रास्ते में उन्हें परेशानी होती है।
नेपाल घूमने के दौरान पहचान पत्र जरूरी
नेपाल जाते समय आपके पास भारत सरकार की ओर से मान्यता प्राप्त फोटोयुक्त पहचान पत्र आपके पास होना अनिवार्य है। नेपाल में यदि आप होटल, पार्क, धार्मिक स्थल सहित अन्य पर्यटक स्थलों पर भ्रमण करना चाहते हैं तो वहां आपको आपका पहचान पत्र दिखाने एवं उसे फीड कराने के बाद ही आगे सैर करने की अनुमति दी जाएगी। अन्यथा घर लौटना पड़ सकता है।
निजी वाहन के लिए आरसी और लाइसेंस जरूरी
नेपाल में पर्यटन के दौरान निजी वाहन स्वामियों के लिए ओरिजनल आरसी और लाइसेंस रखना अनिवार्य है। दो पहिया अथवा चार पहिया वाहन से नेपाल में जा रहे हैं तो आपके पास ड्राइविंग लाइसेंस, गाड़ी का कागज सहित वाहन से संबंधित सभी कागजातों का होना जरूरी है। इसके बाद सबसे पहले आपको सोनौली सीमा के नजदीक स्थित नेपाल के भंसार कार्यालय में जाकर अपने वाहन को नेपाल ले जाने के लिए अनुमति लेना होगा। इसके तहत यदि आप भैरहवा तक जाना चाहते हैं तो आपको वाहन की सुविधा करानी होगी। यदि आप भैरहवा के आगे नेपाल के किसी भी शहर में जाना चाहते हैं तो इसके लिए वाहन का भंसार (भारतीय वाहन को नेपाल में ले जाने का शुल्क) कराना होता है। फिर परमिट लेना होता है। भंसार और परमिट लेते समय इस बात का खास ध्यान रखें कि आप जितने दिनों के लिए नेपाल में जाना चाहते हैं उतने दिनों तक का भंसार अवश्य करा लें और समय पूर्ण होने तक आप वापस भारतीय सीमा में आ जाए।
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जानकारी के अनुसार, सीमावर्ती क्षेत्र के अंतर्गत दोनों देशों के नागरिक कई वर्षों से अपने सगे संबंधियों के यहां जाते रहे हैं। इसके साथ ही रोजाना करीब 300 भारतीय पर्यटक वाहन नेपाल जाते हैं। भंसार शुल्क के बाद उन्हें परमिट बनवाने के लिए सीमा से चार किमी दूर भैरहवा जाना पड़ता था। स्थानीय नेपाल प्रशासन की पहल पर अब भंसार कार्यालय में ही एक साथ कर दिया है। जहां पर एक बार शुल्क जमा करने के बाद एक पीली पर्ची दी जाती है, जिसको पूरे नेपाल में दिखाने पर नेपाल यातायात पुलिस भारतीय वाहन को नहीं रोकती है। जबकि पर्यटक बिचौलिए के चक्कर में फंस कर दोगुनी रकम खर्च कर देते हैं और रास्ते में उन्हें परेशानी भी होती है।
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पर्यटकों की सुविधा के लिए बनाया गया है हेल्पडेस्क
भारत से नेपाल जाने के लिए अब सोनौली सीमा पर और सुविधा मिल रही है। पड़ोसी देश ने वाहनों का परमिट भंसार कार्यालय के साथ कर दिया है, जिसमें भारतीय पर्यटक वाहनों के भंसार परमिट और जांच प्रकिया पूरी कर उन्हें एक टोकन दिया जाता है। इसमें पर्यटकों को भैरहवा का चक्कर नहीं लगाना पड़ रहा है। एक दिन के भंसार शुल्क 600 और परमिट के लिए 500 नेपाली मुद्रा जमा करना होता है।
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बेलहिया में पर्यटकों के लिए जांच एकीकृत चेक-इन केंद्र खुला
पर्यटकों के लिए बेलहिया में भैरहवा-रूपनदेही की एकीकृत चेक-इन सेवा शुरू की गई है। जिला प्रशासन कार्यालय के नेतृत्व में, बेलहिया नेपाल-भारत सीमा पार एक एकीकृत सेवा शुरू की गई है जहां नेपाल पुलिस, यातायात, सशस्त्र पुलिस और सीमा शुल्क कर्मियों को सुरक्षा और अन्य सभी प्रकार की जांच करने के लिए एक ही स्थान पर रखा गया है।
भारतीय पर्यटकों को सीमा पर भंसार के साथ ही रूट परमिट दिए जा रहे हैं, जिससे उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो। सरहद पर फर्जी एजेंट को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी।
-नरेंद्र चौधरी, सूचना अधिकारी, भैरहवा भंसार कार्यालय
भारतीय पर्यटकों ने किया नेपाल का रुख
नए वर्ष के आगमन पर भारतीयों ने नेपाल के पर्यटन स्थलों का रुख कर लिया है। काठमांडों, पोखरा, लुंबिनी, मनोकामना व भैरहवां के अधिकतर होटल व लॉज और अन्य ठहरने के स्थान पर कमरों की बुकिंग शुरू हो गई है। कई होटलों में नव वर्ष के मद्देनजर भारतीय पर्यटकों के लिए विशेष सहूलियत दी गई है। पोखरा के लेक साइट को आकर्षक रूप से सजाया जा रहा है। रुपनदेही जिले के भैरहवां में स्थित कैसिनों युक्त होटलों में 31 दिसंबर की शाम के बाद की बुकिंग बंद हो गई है। होटल संचालकों का कहना है कि नव वर्ष के मद्देनजर पहले से ही कमरे बुक हो गए हैं। नेपाल में पर्यटकों की बढ़ती संख्या के प्रति पुलिस प्रशासन भी सतर्क है। पर्यटक एसोसिएशन सोटो के अध्यक्ष श्रीचंद गुप्ता ने बताया कि नेपाल आने वाले पर्यटक स्वयं भंसार और परमिट बनवा लें बिचौलिए पैसा भी अधिक लेते हैं। कभी-कभी सही पेपर नहीं बनने के कारण रास्ते में उन्हें परेशानी होती है।
नेपाल घूमने के दौरान पहचान पत्र जरूरी
नेपाल जाते समय आपके पास भारत सरकार की ओर से मान्यता प्राप्त फोटोयुक्त पहचान पत्र आपके पास होना अनिवार्य है। नेपाल में यदि आप होटल, पार्क, धार्मिक स्थल सहित अन्य पर्यटक स्थलों पर भ्रमण करना चाहते हैं तो वहां आपको आपका पहचान पत्र दिखाने एवं उसे फीड कराने के बाद ही आगे सैर करने की अनुमति दी जाएगी। अन्यथा घर लौटना पड़ सकता है।
निजी वाहन के लिए आरसी और लाइसेंस जरूरी
नेपाल में पर्यटन के दौरान निजी वाहन स्वामियों के लिए ओरिजनल आरसी और लाइसेंस रखना अनिवार्य है। दो पहिया अथवा चार पहिया वाहन से नेपाल में जा रहे हैं तो आपके पास ड्राइविंग लाइसेंस, गाड़ी का कागज सहित वाहन से संबंधित सभी कागजातों का होना जरूरी है। इसके बाद सबसे पहले आपको सोनौली सीमा के नजदीक स्थित नेपाल के भंसार कार्यालय में जाकर अपने वाहन को नेपाल ले जाने के लिए अनुमति लेना होगा। इसके तहत यदि आप भैरहवा तक जाना चाहते हैं तो आपको वाहन की सुविधा करानी होगी। यदि आप भैरहवा के आगे नेपाल के किसी भी शहर में जाना चाहते हैं तो इसके लिए वाहन का भंसार (भारतीय वाहन को नेपाल में ले जाने का शुल्क) कराना होता है। फिर परमिट लेना होता है। भंसार और परमिट लेते समय इस बात का खास ध्यान रखें कि आप जितने दिनों के लिए नेपाल में जाना चाहते हैं उतने दिनों तक का भंसार अवश्य करा लें और समय पूर्ण होने तक आप वापस भारतीय सीमा में आ जाए।