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माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों का टोटा
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माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों का टोटा
महराजगंज। माध्यमिक स्तर की शिक्षा को मजबूत बनाने के लिए जिले के नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में 28 राजकीय विद्यालय संचालित हैं। हाल के दिनों में कुछ शिक्षकों की तैनाती से कुछ राहत मिली है, मगर मानक के मुताबिक शिक्षक न होने से शिक्षा की रफ्तार बढ़ नहीं पा रही है।
जिले में चार राजकीय इंटर कॉलेज, दो राजकीय मॉडल कॉलेज तथा 22 राजकीय माध्यमिक विद्यालय हैं। लंबे समय से यह विद्यालय शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं। भाजपा सरकार में शिक्षकों की तैनाती शुरू की गई। ऐसे में 58 शिक्षक जिले को मिले हैं। इन शिक्षकों के मिलने से कुछ राहत तो मिली है, मगर समस्या समाप्त नहीं हुई है। माध्यमिक शिक्षा की रफ्तार बढ़ाने के लिए जिम्मेदारों को उतने शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करानी होगी जितने पद स्वीकृत हैं। स्वीकृत पद के सापेक्ष शिक्षकों की मौजूदगी होगी तो नियमित रूप से कक्षाओं का बेहतर संचालन हो सकेगा। जिला विद्यालय निरीक्षक अशोक कुमार सिंह ने बताया कि शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए पत्र लिखा गया है। 58 शिक्षक मिले हैं। जल्द ही कुछ और शिक्षकों के मिलने की उम्मीद है।
351 के सापेक्ष 125 शिक्षक उपलब्ध
जिले के 28 विद्यालयों में प्रवक्ता व शिक्षक के रूप में 351 शिक्षकों की जरूरत है। इसके सापेक्ष 125 शिक्षक उपलब्ध हैं। मानक से काफी कम शिक्षक होने की वजह से शिक्षा के स्तर की रफ्तार बढ़ नहीं पा रही है।
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छह इंटर कॉलेजों में 22 शिक्षक
जिले के चार राजकीय इंटर व दो राजकीय मॉडल इंटर कालेज में पंजीकृत 3179 विद्यार्थियों को 22 शिक्षक पढ़ा रहे हैं। मॉडल कॉलेज कुंआचाफ मेें 64 विद्यार्थियों को दो शिक्षक व सहजनवां बाबू में 69 विद्यार्थियों को एक शिक्षक पढ़ा रहे हैं। राजकीय इंटर कॉलेज पनियरा में 790 विद्यार्थियों को आठ शिक्षक, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज फरेंदा में 769 बालिकाओं को दो शिक्षक, नौतनवां में 997 बालिकाओं को पांच शिक्षक तथा धनेवां में 490 बालिकाओं को चार शिक्षक पढ़ा रहे हैं।
‘शिक्षकों की कमी से आ रही समस्या’
राजकीय इंटर कॉलेज पनियरा में इंटर के छात्र सतीश कुमार ने कहा कि शिक्षकों की पर्याप्त उपलब्धता न होने से समस्या आती है। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की छात्रा साजिदा खातून ने कहा कि विशेषज्ञ शिक्षकों के न होने से शिक्षा की बारीकियों को भी समझने में समस्या आती है।
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महराजगंज। माध्यमिक स्तर की शिक्षा को मजबूत बनाने के लिए जिले के नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में 28 राजकीय विद्यालय संचालित हैं। हाल के दिनों में कुछ शिक्षकों की तैनाती से कुछ राहत मिली है, मगर मानक के मुताबिक शिक्षक न होने से शिक्षा की रफ्तार बढ़ नहीं पा रही है।
जिले में चार राजकीय इंटर कॉलेज, दो राजकीय मॉडल कॉलेज तथा 22 राजकीय माध्यमिक विद्यालय हैं। लंबे समय से यह विद्यालय शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं। भाजपा सरकार में शिक्षकों की तैनाती शुरू की गई। ऐसे में 58 शिक्षक जिले को मिले हैं। इन शिक्षकों के मिलने से कुछ राहत तो मिली है, मगर समस्या समाप्त नहीं हुई है। माध्यमिक शिक्षा की रफ्तार बढ़ाने के लिए जिम्मेदारों को उतने शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करानी होगी जितने पद स्वीकृत हैं। स्वीकृत पद के सापेक्ष शिक्षकों की मौजूदगी होगी तो नियमित रूप से कक्षाओं का बेहतर संचालन हो सकेगा। जिला विद्यालय निरीक्षक अशोक कुमार सिंह ने बताया कि शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए पत्र लिखा गया है। 58 शिक्षक मिले हैं। जल्द ही कुछ और शिक्षकों के मिलने की उम्मीद है।
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351 के सापेक्ष 125 शिक्षक उपलब्ध
जिले के 28 विद्यालयों में प्रवक्ता व शिक्षक के रूप में 351 शिक्षकों की जरूरत है। इसके सापेक्ष 125 शिक्षक उपलब्ध हैं। मानक से काफी कम शिक्षक होने की वजह से शिक्षा के स्तर की रफ्तार बढ़ नहीं पा रही है।
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छह इंटर कॉलेजों में 22 शिक्षक
जिले के चार राजकीय इंटर व दो राजकीय मॉडल इंटर कालेज में पंजीकृत 3179 विद्यार्थियों को 22 शिक्षक पढ़ा रहे हैं। मॉडल कॉलेज कुंआचाफ मेें 64 विद्यार्थियों को दो शिक्षक व सहजनवां बाबू में 69 विद्यार्थियों को एक शिक्षक पढ़ा रहे हैं। राजकीय इंटर कॉलेज पनियरा में 790 विद्यार्थियों को आठ शिक्षक, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज फरेंदा में 769 बालिकाओं को दो शिक्षक, नौतनवां में 997 बालिकाओं को पांच शिक्षक तथा धनेवां में 490 बालिकाओं को चार शिक्षक पढ़ा रहे हैं।
‘शिक्षकों की कमी से आ रही समस्या’
राजकीय इंटर कॉलेज पनियरा में इंटर के छात्र सतीश कुमार ने कहा कि शिक्षकों की पर्याप्त उपलब्धता न होने से समस्या आती है। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की छात्रा साजिदा खातून ने कहा कि विशेषज्ञ शिक्षकों के न होने से शिक्षा की बारीकियों को भी समझने में समस्या आती है।