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स्टोर रूम बना शौचालय, खुले में शौच जाते ग्रामीण
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स्टोर रूम बना शौचालय, खुले में शौच जा रहे ग्रामीण
परतावल (महराजगंज )। गांवों को खुले में शौच मुक्त बनाने के लिए घर-घर शौचालय तो बना दिए गए लेकिन इनका इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। कोई उनमें भूसा रख रहा है तो कोई पुआल। गांवों में ज्यादातर लोग शौचालय होने के बाद भी खुले में शौच जा रहे हैं। क्षेत्र के लगभग हर गांव में ऐसी ही स्थिति देखी जा सकती है।
परतावल विकास खंड के अमवा गांव में अधिकतर परिवारों के लोग खुले में शौच जाते हैं। गांव में कोई निगरानी टीम नहीं है। कुछ घरों में भले ही शौचालय का इस्तेमाल हो रहा हो लेकिन अधिकतर शौचालय तो स्टोर रूम बन गए हैं। उनमें पुआल, उपली और कबाड़ रखा जा रहा है। कुछ में लोग बकरियां बांध रहे हैं। गांव के जीयन प्रसाद के घर पर हाल ही में बना शौचालय बेकार हो गया है। एक साल में ही शौचालय की बुनियाद बैठ गई वह इस्तेमाल के योग्य नहीं है। जिसमें पुआल भरा हुआ है। गांव के अधिकतर लोग खुले में शौच जाते हैं।
कुछ वर्ष पहले खुले में शौच करने वालों की निगरानी के लिए युवाओं की टीम गठित की गई थी। कुछ दिनों तक निगरानी चली लेकिन बाद में सब ठंडा हो गया। इस संबंध में एडीओ पंचायत गुड्डू प्रसाद ने बताया कि संबंधित सचिव के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को शौचालय प्रयोग के लिए प्रेरित किया जाएगा।
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परतावल (महराजगंज )। गांवों को खुले में शौच मुक्त बनाने के लिए घर-घर शौचालय तो बना दिए गए लेकिन इनका इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। कोई उनमें भूसा रख रहा है तो कोई पुआल। गांवों में ज्यादातर लोग शौचालय होने के बाद भी खुले में शौच जा रहे हैं। क्षेत्र के लगभग हर गांव में ऐसी ही स्थिति देखी जा सकती है।
परतावल विकास खंड के अमवा गांव में अधिकतर परिवारों के लोग खुले में शौच जाते हैं। गांव में कोई निगरानी टीम नहीं है। कुछ घरों में भले ही शौचालय का इस्तेमाल हो रहा हो लेकिन अधिकतर शौचालय तो स्टोर रूम बन गए हैं। उनमें पुआल, उपली और कबाड़ रखा जा रहा है। कुछ में लोग बकरियां बांध रहे हैं। गांव के जीयन प्रसाद के घर पर हाल ही में बना शौचालय बेकार हो गया है। एक साल में ही शौचालय की बुनियाद बैठ गई वह इस्तेमाल के योग्य नहीं है। जिसमें पुआल भरा हुआ है। गांव के अधिकतर लोग खुले में शौच जाते हैं।
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कुछ वर्ष पहले खुले में शौच करने वालों की निगरानी के लिए युवाओं की टीम गठित की गई थी। कुछ दिनों तक निगरानी चली लेकिन बाद में सब ठंडा हो गया। इस संबंध में एडीओ पंचायत गुड्डू प्रसाद ने बताया कि संबंधित सचिव के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को शौचालय प्रयोग के लिए प्रेरित किया जाएगा।
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