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Maharajganj News: रेशम उत्पादन में योगदान देने वालों को मिलेगा पं. दीन दयाल उपाध्याय रेशम रत्न सम्मान
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निचलौल। रेशम विभाग की ओर से इस वर्ष रेशम उत्पादन और संबंधित क्षेत्रों में बेहतर योगदान देने वाले व्यक्तियों को पंडित दीनदयाल उपाध्याय रेशम रत्न से सम्मान प्रदान किया जाएगा। यह सम्मान आठ विभिन्न श्रेणियों में दिया जाएगा। इसका उद्देश्य रेशम उद्योग में नवाचार, उत्पादन और डिजाइनिंग को प्रोत्साहन देना है। हर श्रेणियों में प्रथम पुरस्कार के लिए 50,000 तो दूसरे पुरस्कार के लिए 25,000 रुपये दिए जाएंगे।
सहायक निदेशक रेशम गोरखपुर समर बहादुर सिंह ने बताया कि जिले में राजकीय रेशम फार्म सिंदुरिया, निचलौल, चमईनिया, डोमा, श्रीनगर सहित कुल आठ रेशम फार्म है। जिससे जुड़े सैकड़ों किसान रेशम उत्पादन सहित विभिन्न श्रेणियों के माध्यम से आय बढ़ा रहे हैं। ऐसे में इस वर्ष रेशम क्षेत्र में उत्कृष्टता की पहचान करने और इसे बढ़ावा देने के उद्देश्य आठ श्रेणियों में लोगों का चयन कर पंडित दीनदयाल उपाध्याय रेशम रत्न से सम्मानित किया जाएगा। पुरस्कार पाने वाले लोगों का चयन कोकून उत्पादन, रेशम फिनिश्ड प्रोडक्ट में नवाचार, सर्वोच्च कोया-धागा विक्रय, सर्वोच्च फिनिश्ड प्रोडक्ट विक्रय, रेशम निर्मित परिधान एवं अन्य उत्पाद में सर्वोत्तम डिजाइनिंग और लाइफटाइम एचीवमेंट जैसी श्रेणियों में बेहतर कार्य करने पर किया जाएगा। इन्होंने आगे कहा कि इस सम्मान का उद्देश्य प्रदेश के उन कारीगरों और उद्यमियों को प्रोत्साहित करना है। जो रेशम उद्योग में निरंतर सुधार और नवाचार कर रहे हैं। हर श्रेणी में प्रथम पुरस्कार के रूप में 50,000 रुपये की नकद राशि और द्वितीय पुरस्कार के रूप में 25,000 रुपये की धनराशि दी जाएगी। साथ ही विजेताओं को प्रशस्ति पत्र और प्रतीक चिन्ह से भी सम्मानित किया जाएगा।
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सहायक निदेशक रेशम गोरखपुर समर बहादुर सिंह ने बताया कि जिले में राजकीय रेशम फार्म सिंदुरिया, निचलौल, चमईनिया, डोमा, श्रीनगर सहित कुल आठ रेशम फार्म है। जिससे जुड़े सैकड़ों किसान रेशम उत्पादन सहित विभिन्न श्रेणियों के माध्यम से आय बढ़ा रहे हैं। ऐसे में इस वर्ष रेशम क्षेत्र में उत्कृष्टता की पहचान करने और इसे बढ़ावा देने के उद्देश्य आठ श्रेणियों में लोगों का चयन कर पंडित दीनदयाल उपाध्याय रेशम रत्न से सम्मानित किया जाएगा। पुरस्कार पाने वाले लोगों का चयन कोकून उत्पादन, रेशम फिनिश्ड प्रोडक्ट में नवाचार, सर्वोच्च कोया-धागा विक्रय, सर्वोच्च फिनिश्ड प्रोडक्ट विक्रय, रेशम निर्मित परिधान एवं अन्य उत्पाद में सर्वोत्तम डिजाइनिंग और लाइफटाइम एचीवमेंट जैसी श्रेणियों में बेहतर कार्य करने पर किया जाएगा। इन्होंने आगे कहा कि इस सम्मान का उद्देश्य प्रदेश के उन कारीगरों और उद्यमियों को प्रोत्साहित करना है। जो रेशम उद्योग में निरंतर सुधार और नवाचार कर रहे हैं। हर श्रेणी में प्रथम पुरस्कार के रूप में 50,000 रुपये की नकद राशि और द्वितीय पुरस्कार के रूप में 25,000 रुपये की धनराशि दी जाएगी। साथ ही विजेताओं को प्रशस्ति पत्र और प्रतीक चिन्ह से भी सम्मानित किया जाएगा।
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