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Maharajganj News: समेकित विशेष माध्यमिक विद्यालय के संचालन में जिम्मेदारों ने ओढ़ी उदासीनता की चादर

Tue, 19 Dec 2023 12:55 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज Updated Tue, 19 Dec 2023 12:55 AM IST
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Those responsible wore a blanket of indifference in the operation of the integrated special secondary school.
समेकित विद्यालय धनेवा में धूल फांक रहा सामान।
महराजगंज। धनेवा-धनेई में बने समेकित विशेष माध्यमिक विद्यालय के संचालन में जिम्मेदारों ने उदासीनता की चादर ओढ़ ली है। स्कूल का संचालन कराने के लिए पत्राचार कर दायित्व की इतिश्री कर ले रहे हैं। वर्ष 2020 में 1812.93 लाख की लागत से बना स्कूल बदहाली की ओर बढ़ रहा है। करोड़ों की बिल्डिंग रखरखाव के अभाव में खराब हो रही है। परिसर में न तो सफाई है और न ही अंदर सफाई पर ध्यान दिया जा रहा है। बच्चों की पढ़ाई तो दूर की बात भवन को ठीक रखना भी चुनौती बन गया है। वर्तमान में शिक्षक आवास बन रहा है, इसे बनने के बाद भवन हैंडओवर किया जाएगा।
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जानकारी के अनुसार, समेकित विशेष माध्यमिक विद्यालय में कक्षा 6 से 12 तक दृष्टिबाधित, श्रवणबाधित एवं अस्थिबाधित से ग्रसित विद्यार्थियों के अतिरिक्त सामान्य छात्र-छात्राओं को एक छत के नीचे एक साथ शिक्षा प्रदान करने के लिए सात कक्षाएं संचालित होनी हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने वर्ष 2019 में दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के अधीन निर्माणाधीन समेकित विशेष माध्यमिक विद्यालय महराजगंज का परिसर नीचा होने एवं बरसात में जलभराव होने के कारण परियोजना की पूर्व पुनरीक्षित स्वीकृत लागत 1802.02 लाख मिट्टी भराई शामिल करते हुए पुनरीक्षित लागत 1829.93 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की। काम तेजी से शुरू हुआ तो मार्च 2020 में भवन निर्माण पूरा हो गया। वर्तमान में शिक्षकों के लिए आवास बन रहा है।
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बालिका छात्रावास में खिड़की का शीशा टूटा है। परिसर में झाड़ियां उगी हैं। मुख्य भवन में ताला बंद मिला। अग्निशमन यंत्र खराब हो रहा है। अंदर बने शौचालय भी खराब होने के कगार पर हैं। यूपीआरएसएसएस निर्माण प्रखंड गोरखपुर की ओर से इसका निर्माण कराया गया है। वर्तमान में आवास बन रहा है। इसे अगस्त 2024 तक बनाकर तैयार करने की समय सीमा निर्धारित की गई है। पूरा होने के बाद भवन हैंडओवर लिया जाएगा। शहर के शास्त्री नगर वरूण कुमार कहते हैं कि स्कूल का संचालन शुरू हुआ तो दिव्यांग बच्चों को बेहतर सुविधा मिलती। गांधीनगर के जितेंद्र कहते हैं कि कार्यदायी संस्था की सुस्ती के कारण स्कूल का संचालन नहीं हो सका है।
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560 छात्र-छात्राओं को पढ़ने की व्यवस्था होगी
यहां 560 बच्चों को पढ़ने की व्यवस्था होगी। कक्षा छह से 12 तक के विद्यार्थी पढ़ंगे। 100 दिव्यांग छात्र-छात्राओं के लिए छात्रावास की सुविधा है। दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी शांतप्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि शिक्षण के लिए 30 स्टाॅफ रखे जाएंगे। निदेशालय स्तर से शिक्षकों के चयन के लिए लोक सेवा आयोग को रिक्तियों के सापेक्ष चयन के लिए अनुरोध किया गया है। 10 शिक्षणेत्तर कर्मी तैनात होंगे। विभाग के स्तर से कोई लापरवाही नहीं की जा रही है। सब कुछ दुरूस्त होने के बाद स्कूल का संचालन किया जाएगा।
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फोटो
52 लाख किए खपत, पार्क फिर भी नहीं हुए गुलजार
महराजगंज। स्मार्ट सिटी के तहत निचलौल शहर में पार्कों को सवारने के लिए करीब 52 लाख रुपये खपत हो चुके हैं। अब इन पार्कों की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि लोग यहां आने से बच रहे हैं। इन पार्कों में लगे झूले टूट चुके हैं। ओपन जिम के लिए लगे कई उपकरण भी खराब हो चुके हैं।

शहर के कृष्णा नगर वार्ड में किसान डिग्री कॉलेज के खेल मैदान के बगल में पार्क पर करीब 27 लाख, महाशय वार्ड में थाना गेट के उत्तर पार्क पर करीब छह लाख, मारवाड़ी और महाशय वार्ड के बीच चाचा नेहरू चिल्ड्रेन पार्क की मरम्मत पर करीब तीन लाख, हरेडीह वार्ड में कब्रिस्तान के बगल में बने पार्क पर करीब छह लाख, जबकि घोड़हवा वार्ड में विष्णु मंदिर के बगल में बन रहे पार्क पर करीब 10 लाख रुपये खर्च हुए हैं। फिर भी पार्कों में कहीं पौधे सूख गए हैं तो कहीं फुलवारी गायब हो चुकी है। यह हाल तब है, जबकि पार्कों को बेहतर बनाने के लिए जिम्मेदारों की ओर से मोटी रकम खर्च की गई है। लोगों का मानना है कि डेढ़ वर्ष पहले हुई पार्कों के कार्य में मनमानी और रखरखाव के अभाव में इनकी दशा खराब हो गई है।
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फोटो
लाखों खर्च के बाद भी कस्बे में संचालित नहीं हो सका वॉटर एटीएम
महराजगंज। नगर पंचायत परतावल चौकी के बगल में तथा सीएचसी परिसर में लगाया गया वाटर एटीएम तीन वर्ष से बंद पड़ा है। वाॅटर एटीएम बंद होने से यात्रियों के साथ ही स्थानीय लोगों को भी परेशानी हो रही है। लोग पानी खरीदकर पीने को मजबूर हैं। नगर पंचायत की तरफ से 1, 2 और 5 रुपये में स्वच्छ पानी देने का दावा किया गया था, लेकिन लगभग 16 लाख की लागत से लगा वाॅटर एटीएम कुछ दिन बाद ही खराब हो गया।
नगर के राहुल अग्रवाल ने बताया कि पेयजल की समस्या को देखते हुए तीन वर्ष पूर्व पुलिस चौकी के बगल में वाटर एटीएम लगाया गया था। अनदेखी के कारण जबसे मशीन लगा तबसे बंद पड़ा है। नगर पंचायत परतावल के बल्लभ नगर निवासी सतीश आनंद मिश्रा ने बताया कि अस्पताल परिसर के अंदर लगा वॉटर एटीएम तो सिर्फ शो पीस बन कर रह गया है।
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