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पोषण वाटिका मिटाएगी जिले से कुपोषण का कलंक
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पोषण वाटिका मिटाएगी जिले से कुपोषण का कलंक
महराजगंज। जिले से कुपोषण मिटाने के लिए प्रशासन मुस्तैद दिख रहा है। कुपोषण से पार पाने के लिए अब हर माध्यमिक विद्यालयों में एक पोषण वाटिका बनाई जाएगी। यह वाटिका उन्हीं स्कूलों में बनेगी, जहां पर्याप्त भूमि एवं सुरक्षा के लिए बाड़े की व्यवस्था होगी। इसके लिए उद्यान विभाग सब्जियों के बीज व पौधा उपलब्ध कराएगा। वाटिका से कुपोषित किशोर-किशोरियों के ऐसे परिवार को भी सब्जी उपलब्ध कराई जाएगी जो आर्थिक तंगी के चलते सब्जी नहीं खरीद पाते हैं। स्कूलों के बच्चों को इस वाटिका के जरिए मौसमी सब्जियों की उपयोगिता एवं उसके पोषण तत्वों के बारे में जानकारी दी जाएगी। स्वयं सहायता समूह भी पोषण वाटिका का निर्माण करा सकते हैं।
जिले में अब भी लगभग 3500 बच्चे कुपोषण की गिरफ्त में है। वाटिाक के लिए बीज व पौधों के मूल्य के साथ-साथ मजदूरी का भुगतान प्रधान मनरेगा फंड से करेंगे। वाटिका के रखरखाव की जिम्मेदारी प्रधानाचार्य व शिक्षकों की होगी। इसके लिए विद्यालयों के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वाटिका में उगाई गई सब्जियों का इस्तेमाल मध्यान्ह भोजन में किया जाएगा। साथ ही कुपोषित बच्चों को सब्जी मुफ्त में दी जाएगी।
मुख्य विकास अधिकारी पवन अग्रवाल ने कहा कि शासनादेश के मुताबिक पोषण वाटिका बनाने की दिशा में कार्य शुरू करा दिया गया है। संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है कि हव समन्वय स्थापित कर कार्य करें। कुपोषण को दूर करने में यह व्यवस्था कारगर होगी।
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इन विद्यालयों में बनाई जाएगी वाटिका
जिला विद्यालय निरीक्षक अशोक कुमार सिंह ने बताया कि पोषण वाटिका वहीं बनाई जाएगी, जहां सिंचाई की व्यवस्था हो। बलुई-कीचड़ मिट्टी हो, सूर्य की रोशनी पहुंचती हो तथा 200 से 400 वर्ग मीटर भूमि उपलब्ध हो। पोषण वाटिका बनाने में माध्यमिक शिक्षा, पंचायती राज, ग्राम्य विकास विभाग, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग तथा बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग भी सहभागी बनेगा। जिले में 238 माध्यमिक स्कूल हैं। इन्हीं स्कूलों में से चयन किया किया जाएगा।
14 हजार बच्चे कुपोषण से मुक्त
महराजगंज। जिले में कुपोषण मिटाने के लिए हर संभव प्रयास जारी हैं। अभी भी जिले में लगभग 3500 बच्चे कुपोषण के शिकार हैं। जिला कार्यक्रम अधिकारी शैलेंद्र कुमार राय ने बताया कि जिले में वर्ष भर में लगभग 14 हजार बच्चों को कुपोषण से मुक्त किया जा चुका है।
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महराजगंज। जिले से कुपोषण मिटाने के लिए प्रशासन मुस्तैद दिख रहा है। कुपोषण से पार पाने के लिए अब हर माध्यमिक विद्यालयों में एक पोषण वाटिका बनाई जाएगी। यह वाटिका उन्हीं स्कूलों में बनेगी, जहां पर्याप्त भूमि एवं सुरक्षा के लिए बाड़े की व्यवस्था होगी। इसके लिए उद्यान विभाग सब्जियों के बीज व पौधा उपलब्ध कराएगा। वाटिका से कुपोषित किशोर-किशोरियों के ऐसे परिवार को भी सब्जी उपलब्ध कराई जाएगी जो आर्थिक तंगी के चलते सब्जी नहीं खरीद पाते हैं। स्कूलों के बच्चों को इस वाटिका के जरिए मौसमी सब्जियों की उपयोगिता एवं उसके पोषण तत्वों के बारे में जानकारी दी जाएगी। स्वयं सहायता समूह भी पोषण वाटिका का निर्माण करा सकते हैं।
जिले में अब भी लगभग 3500 बच्चे कुपोषण की गिरफ्त में है। वाटिाक के लिए बीज व पौधों के मूल्य के साथ-साथ मजदूरी का भुगतान प्रधान मनरेगा फंड से करेंगे। वाटिका के रखरखाव की जिम्मेदारी प्रधानाचार्य व शिक्षकों की होगी। इसके लिए विद्यालयों के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वाटिका में उगाई गई सब्जियों का इस्तेमाल मध्यान्ह भोजन में किया जाएगा। साथ ही कुपोषित बच्चों को सब्जी मुफ्त में दी जाएगी।
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मुख्य विकास अधिकारी पवन अग्रवाल ने कहा कि शासनादेश के मुताबिक पोषण वाटिका बनाने की दिशा में कार्य शुरू करा दिया गया है। संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है कि हव समन्वय स्थापित कर कार्य करें। कुपोषण को दूर करने में यह व्यवस्था कारगर होगी।
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इन विद्यालयों में बनाई जाएगी वाटिका
जिला विद्यालय निरीक्षक अशोक कुमार सिंह ने बताया कि पोषण वाटिका वहीं बनाई जाएगी, जहां सिंचाई की व्यवस्था हो। बलुई-कीचड़ मिट्टी हो, सूर्य की रोशनी पहुंचती हो तथा 200 से 400 वर्ग मीटर भूमि उपलब्ध हो। पोषण वाटिका बनाने में माध्यमिक शिक्षा, पंचायती राज, ग्राम्य विकास विभाग, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग तथा बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग भी सहभागी बनेगा। जिले में 238 माध्यमिक स्कूल हैं। इन्हीं स्कूलों में से चयन किया किया जाएगा।
14 हजार बच्चे कुपोषण से मुक्त
महराजगंज। जिले में कुपोषण मिटाने के लिए हर संभव प्रयास जारी हैं। अभी भी जिले में लगभग 3500 बच्चे कुपोषण के शिकार हैं। जिला कार्यक्रम अधिकारी शैलेंद्र कुमार राय ने बताया कि जिले में वर्ष भर में लगभग 14 हजार बच्चों को कुपोषण से मुक्त किया जा चुका है।