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Maharajganj News: पंचायत भवन परिसर में मिट्टी भराई में भी खेल, दो एस्टीमेट से खुली पोल

Mon, 19 Jan 2026 02:21 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 19 Jan 2026 02:21 AM IST
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There was also a game in filling the soil in the Panchayat Bhawan premises, two estimates exposed the truth.
निचलौल ब्लॉक के ग्राम पंचायत भेड़िया में जांच करते हुए डीसी मनरेगा।  
महराजगंज। निचलौल ब्लॉक के ग्राम पंचायत भेड़िया में मनरेगा योजना के तहत कराए गए कार्यों में कथित अनियमितता का मामला गंभीर होता जा रहा है। मनरेगा योजना के तहत बन रहे पार्क में एक ही कार्य के लिए चार अलग-अलग एस्टीमेट बनाकर करीब 32 लाख रुपये के व्यय का आरोप पहले से ही जांच के दायरे में है। अब पंचायत भवन से जुड़ा एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। इससे पूरा मामला और संदिग्ध हो गया है।
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जांच में यह खुलासा हुआ है कि पंचायत भवन परिसर में मिट्टी भराई का कार्य भी दो बार कराया गया। हैरानी की बात यह है कि दोनों बार के लिए अलग-अलग एस्टीमेट तैयार किए गए और दोनों एस्टीमेट दो अलग-अलग जूनियर इंजीनियर (जेई) ने बनाया था।
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इस खुलासे के बाद तकनीकी स्वीकृति, भुगतान प्रक्रिया और कार्य की वास्तविकता को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। दरअसल, प्रारंभिक शिकायत में यह आरोप लगाया गया था कि ग्राम पंचायत भेड़िया में मनरेगा के तहत कराए गए कार्यों में बड़े पैमाने पर अनियमितता बरती गई है। आरोप यह भी था कि मिट्टी भराई जैसे कार्यों का भुगतान किसी फर्म के नाम पर दिखाया गया, जबकि वास्तविक राशि निजी खातों में ट्रांसफर कर दी गई।
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शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा के निर्देश पर पूरे मामले की जांच शुरू कराई गई। जांच की शुरुआत मनरेगा पार्क से हुई तो एक ही पार्क के नाम पर चार अलग-अलग स्टीमेट बनाकर भारी-भरकम भुगतान दिखाने का मामला सामने आया। जब अधिकारियों ने दस्तावेजों की गहन पड़ताल की तो संदेह की सुई पंचायत भवन में कराए गए कार्यों की ओर भी घूमी। अभिलेखों और भुगतान विवरण की जांच करने पर यह तथ्य उजागर हुआ कि पंचायत भवन में कराई गई मिट्टी भराई के लिए भी दो अलग-अलग स्टीमेट तैयार किए गए हैं।
सूत्रों अनुसार, पंचायत भवन में मिट्टी भराई का कार्य एक ही प्रकृति का था। इसके बावजूद दो बार स्टीमेट बनाकर भुगतान दर्शाया जाना पूरे प्रकरण को और गंभीर बनाता है। यह भी जांच का विषय है कि क्या वास्तव में दो बार मिट्टी भराई कराई गई या फिर कागजों में ही कार्य दिखाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त श्रम रोजगार गौरवेंद्र सिंह और सिंचाई विभाग द्वितीय के सहायक अभियंता मन्नू चौधरी दोबारा जांच के लिए ग्राम पंचायत भेड़िया पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने पंचायत भवन परिसर में हुई मिट्टी भराई के कार्य का तकनीकी रूप से नाप-जोख किया।

इस दौरान एस्टीमेट में दर्शाई गई मात्रा, मौके पर मौजूद कार्य की वास्तविक स्थिति और गुणवत्ता का तुलनात्मक आकलन किया गया। इस तकनीकी जांच को पूरे प्रकरण में अहम माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि नाप-जोख के दौरान कार्य की वास्तविक स्थिति और एस्टीमेट में दर्ज आंकड़ों के बीच अंतर की भी पड़ताल की जा रही है।
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