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Maharajganj News: धान क्रय केंद्रों पर पसरा सन्नाटा, निजी सेंटरों पर कम दाम में किसान बेच रहे धान
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2183 व 2203 रुपये प्रति क्विंटल के स्थान पर किसानों को निजी सेंटरों पर 1500 से 1600 रुपये प्रति क्विंटल तक बेचना पड़ रहा धान
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज/ पनियरा। सरकारी क्रय केंद्रों पर धान की खरीद शुरू हो चुकी है। तौल होने के 72 घंटे के अंदर भुगतान का सरकार और प्रशासनिक अधिकारी किसानों को भरोसा दिला रहे हैं। इसके बाद भी बकाया और रबी की बुआई को देखते हुए किसान सरकारी केंद्रों के बजाय बिचौलियों के यहां धान बेच रहे हैं। सरकारी क्रय केंद्रों पर सन्नाटा है।
सरकार ने धान खरीद के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य, सामान्य धान का 2183 और ग्रेड ए धान का 2203 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया है। किसान जल्द से जल्द उपज बेच कर रबी की फसल तैयार करने के लिए परेशान हैं। किसानों के अनुसार सरकारी केंद्र पर तुरंत रकम नहीं मिलती है। निजी सेंटर पर रकम तुरंत हाथ में आ जाती है। इस वजह से औन-पौने दामों पर धान बेच दिया जा रहा है।
2183 व 2203 रुपये प्रति क्विंटल के स्थान पर अपनी उपज 1500 तो कहीं 1600 रुपये प्रति क्विंटल तक बेचना पड़ रहा है। इससे जहां बिचौलिए व आढ़ती मालामाल हो रहे हैं। पड़ताल के दौरान सेंटरों पर सन्नाटा पसरा रहा। बातचीत में किसानों ने अपनी समस्याओं को बताया।
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11:15 बजे राजकीय धान क्रय केंद्र (बहुदेशीय प्राथमिक ग्रामीण समिति बी पैक्स सतगुर में सन्नाटा पसरा हुआ था।धान तौल के लिए कोई किसान केंद्र पर नहीं आया। केंद्र प्रभारी धान तौल के लिए इंतजार करते हुए दिखे। केंद्र प्रभारी राजेंद्र प्रसाद बताया कि अब तक केवल 20 क्विंटल 40 किलो धान की खरीदारी की गई है। अधिकतर किसान अपनी फसल कटवा नहीं पाए हैं। सतुगर गांव के नरेश ने बताया कि जरूरत पड़ी तो निजी सेंटर पर धान बेचना पड़ा।
11:50 बजे माधोनगर गांव में स्थित खाद्य विभाग की ओर से संचालित राजकीय धान क्रय पनियरा तृतीय व चतुर्थ पर भी कोई किसान नहीं मिला। केंद्र प्रभारी/क्षेत्रीय विपणन अधिकारी रामजनम वर्मा ने बताया कि नौ दिन में सिर्फ चार किसानों ने पनियरा तृतीय पर 44 क्विंटल 20 किलो और पनियरा चतुर्थ पर 44 क्विंटल धान की तौल कराई है। किसान धर्मराज ने बताया कि सरकारी केंद्र पर रकम तुरंत नहीं मिलती है तो जरूरत पड़ने पर निजी सेंटर का ही सहारा है। बुआई के लिए रकम तुरंत चाहिए।
12:15 बजे राजकीय धान क्रय केंद्र साधन सहकारी समिति रतनपुरवा मे कोई किसान धान के तौल के लिए नहीं मिला। केन्द्र मौजूद प्रभारी बुद्धिराम यादव ने बताया कि 140 क्विंटल धान की खरीदारी की गई है। अभी अधिकतर किसानों की धान की फसल की कटाई नहीं हुई है। जिनकी फसल एक-दो दिन में कटी है, वे अभी सूखा रहे हैं। खरीद दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है।
12:45 बजे राजकीय धान क्रय केंद्र साधन सहकारी समिति मुजुरी प्रभारी संजय पांडेय ने बताया कि अभी तक इस केंद्र पर कोई किसान धान की तौल नहीं करवाई है। दिवाली त्योहार के बाद ही धान खरीदारी की उम्मीद की जा सकती है। शांति देवी ने बताया कि उनके धान की खरीद एक प्राइवेट व्यापारी ने 1600 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की है।
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सभी क्रय केंद्र सक्रिय किए गए हैं। नियमित क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया जा रहा है। क्रय केंद्र पर पहुंचने वाले हर किसान का धान खरीदा जाएगा। अगर किसी किसान को समस्या हो तो कंट्रोल रूम बनाया गया है। नंबर भी जारी किया गया है। किसान हेल्पलाइन पर कॉल करके समस्या बता सकते हैं। कॉल करने के बाद किसानों के समस्या का निस्तारण कराएंगे।
डॉ. पंकज कुमार वर्मा, अपर जिलाधिकारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज/ पनियरा। सरकारी क्रय केंद्रों पर धान की खरीद शुरू हो चुकी है। तौल होने के 72 घंटे के अंदर भुगतान का सरकार और प्रशासनिक अधिकारी किसानों को भरोसा दिला रहे हैं। इसके बाद भी बकाया और रबी की बुआई को देखते हुए किसान सरकारी केंद्रों के बजाय बिचौलियों के यहां धान बेच रहे हैं। सरकारी क्रय केंद्रों पर सन्नाटा है।
सरकार ने धान खरीद के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य, सामान्य धान का 2183 और ग्रेड ए धान का 2203 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया है। किसान जल्द से जल्द उपज बेच कर रबी की फसल तैयार करने के लिए परेशान हैं। किसानों के अनुसार सरकारी केंद्र पर तुरंत रकम नहीं मिलती है। निजी सेंटर पर रकम तुरंत हाथ में आ जाती है। इस वजह से औन-पौने दामों पर धान बेच दिया जा रहा है।
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2183 व 2203 रुपये प्रति क्विंटल के स्थान पर अपनी उपज 1500 तो कहीं 1600 रुपये प्रति क्विंटल तक बेचना पड़ रहा है। इससे जहां बिचौलिए व आढ़ती मालामाल हो रहे हैं। पड़ताल के दौरान सेंटरों पर सन्नाटा पसरा रहा। बातचीत में किसानों ने अपनी समस्याओं को बताया।
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11:15 बजे राजकीय धान क्रय केंद्र (बहुदेशीय प्राथमिक ग्रामीण समिति बी पैक्स सतगुर में सन्नाटा पसरा हुआ था।धान तौल के लिए कोई किसान केंद्र पर नहीं आया। केंद्र प्रभारी धान तौल के लिए इंतजार करते हुए दिखे। केंद्र प्रभारी राजेंद्र प्रसाद बताया कि अब तक केवल 20 क्विंटल 40 किलो धान की खरीदारी की गई है। अधिकतर किसान अपनी फसल कटवा नहीं पाए हैं। सतुगर गांव के नरेश ने बताया कि जरूरत पड़ी तो निजी सेंटर पर धान बेचना पड़ा।
11:50 बजे माधोनगर गांव में स्थित खाद्य विभाग की ओर से संचालित राजकीय धान क्रय पनियरा तृतीय व चतुर्थ पर भी कोई किसान नहीं मिला। केंद्र प्रभारी/क्षेत्रीय विपणन अधिकारी रामजनम वर्मा ने बताया कि नौ दिन में सिर्फ चार किसानों ने पनियरा तृतीय पर 44 क्विंटल 20 किलो और पनियरा चतुर्थ पर 44 क्विंटल धान की तौल कराई है। किसान धर्मराज ने बताया कि सरकारी केंद्र पर रकम तुरंत नहीं मिलती है तो जरूरत पड़ने पर निजी सेंटर का ही सहारा है। बुआई के लिए रकम तुरंत चाहिए।
12:15 बजे राजकीय धान क्रय केंद्र साधन सहकारी समिति रतनपुरवा मे कोई किसान धान के तौल के लिए नहीं मिला। केन्द्र मौजूद प्रभारी बुद्धिराम यादव ने बताया कि 140 क्विंटल धान की खरीदारी की गई है। अभी अधिकतर किसानों की धान की फसल की कटाई नहीं हुई है। जिनकी फसल एक-दो दिन में कटी है, वे अभी सूखा रहे हैं। खरीद दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है।
12:45 बजे राजकीय धान क्रय केंद्र साधन सहकारी समिति मुजुरी प्रभारी संजय पांडेय ने बताया कि अभी तक इस केंद्र पर कोई किसान धान की तौल नहीं करवाई है। दिवाली त्योहार के बाद ही धान खरीदारी की उम्मीद की जा सकती है। शांति देवी ने बताया कि उनके धान की खरीद एक प्राइवेट व्यापारी ने 1600 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की है।
सभी क्रय केंद्र सक्रिय किए गए हैं। नियमित क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया जा रहा है। क्रय केंद्र पर पहुंचने वाले हर किसान का धान खरीदा जाएगा। अगर किसी किसान को समस्या हो तो कंट्रोल रूम बनाया गया है। नंबर भी जारी किया गया है। किसान हेल्पलाइन पर कॉल करके समस्या बता सकते हैं। कॉल करने के बाद किसानों के समस्या का निस्तारण कराएंगे।
डॉ. पंकज कुमार वर्मा, अपर जिलाधिकारी