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Maharajganj News: लगातार गर्दन झुकाकर काम करने पर होता है दर्द
Sun, 04 May 2025 12:51 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sun, 04 May 2025 12:51 AM IST
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महराजगंज। मोबाइल और लैपटाॅप पर अधिक देर तक वक्त गुजारने पर गर्दन में दर्द की समस्या हो रही है। हड्डी रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ी है।
वहीं फिजियोथेरेपी अनुभाग में ऐसी समस्या से पीड़ित मरीज पहुंच रहे हैं। इन दिनों रोजाना करीब 10 मरीज गर्दन में दर्द की समस्या से पीड़ित आ रहे हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में पिछले एक महीने में 150 से 200 मरीज इस समस्या से पीड़ित होकर पहुंचे थे। कोरोना काल के बाद वर्क फ्रॉम होम, ऑनलाइन पढ़ाई और मोबाइल के अत्यधिक उपयोग ने इस सिंड्रोम को बढ़ावा दिया है।
युवा सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार, गर्दन झुकाकर काम करने से शरीर का पोश्चर बिगड़ता है और रीढ़ की हड्डी का झुकाव बढ़ने लगता है, जिससे गर्दन, कंधों और सिर में दर्द होता है।
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जिला अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. विकास ने बताया कि लंबे समय तक गर्दन झुकाकर मोबाइल फोन और लैपटॉप के इस्तेमाल से गर्दन और रीढ़ की हड्डियों में कमजोरी की शिकायतें बढ़ रही हैं।
खासकर युवा कम उम्र में ही गर्दन और पीठ दर्द से जूझ रहे हैं। डॉक्टर से इसे टेक्स्ट नेक सिंड्रोम या टेक नेक बता रहे हैं। इसके कारण गर्दन, पीठ के ऊपरी हिस्से और कंधों में दर्द रहता है। समय पर इलाज नहीं हुआ तो यह समस्या गंभीर हो जाती है। फिर यह सर्वाइकल दर्द, हाथों में सुन्नता और गंभीर मामलों में हाथ कंधों के लकवाग्रस्त होने का कारण बन सकता है।
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वहीं फिजियोथेरेपी अनुभाग में ऐसी समस्या से पीड़ित मरीज पहुंच रहे हैं। इन दिनों रोजाना करीब 10 मरीज गर्दन में दर्द की समस्या से पीड़ित आ रहे हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में पिछले एक महीने में 150 से 200 मरीज इस समस्या से पीड़ित होकर पहुंचे थे। कोरोना काल के बाद वर्क फ्रॉम होम, ऑनलाइन पढ़ाई और मोबाइल के अत्यधिक उपयोग ने इस सिंड्रोम को बढ़ावा दिया है।
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युवा सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार, गर्दन झुकाकर काम करने से शरीर का पोश्चर बिगड़ता है और रीढ़ की हड्डी का झुकाव बढ़ने लगता है, जिससे गर्दन, कंधों और सिर में दर्द होता है।
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जिला अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. विकास ने बताया कि लंबे समय तक गर्दन झुकाकर मोबाइल फोन और लैपटॉप के इस्तेमाल से गर्दन और रीढ़ की हड्डियों में कमजोरी की शिकायतें बढ़ रही हैं।
खासकर युवा कम उम्र में ही गर्दन और पीठ दर्द से जूझ रहे हैं। डॉक्टर से इसे टेक्स्ट नेक सिंड्रोम या टेक नेक बता रहे हैं। इसके कारण गर्दन, पीठ के ऊपरी हिस्से और कंधों में दर्द रहता है। समय पर इलाज नहीं हुआ तो यह समस्या गंभीर हो जाती है। फिर यह सर्वाइकल दर्द, हाथों में सुन्नता और गंभीर मामलों में हाथ कंधों के लकवाग्रस्त होने का कारण बन सकता है।