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चौकीदारों ने धरना देकर डीएम को सौंपा ज्ञापन
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चौकीदारों ने धरना देकर डीएम को सौंपा ज्ञापन
चौकीदारों के हित की दिशा में जिम्मेदार गंभीर नहीं : जिलाध्यक्ष
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। चौकीदार संघ के जिलाध्यक्ष बाले खां की अध्यक्षता में सोमवार सुबह 10 बजे कलेक्ट्रेट परिसर में चौकीदारों ने धरना देकर डीएम को ज्ञापन सौंपा। सभी ने एक स्वर में कहा कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया जा रहा है। साथ ही मानदेय में बढ़ोतरी भी नहीं हुई है। ऐसे में घर गृहस्थी चलाना मुश्किल हो गया है।
जिलाध्यक्ष बाले खां ने कहा कि चौकीदार ग्राम स्तर से सूचना की पहली और सबसे मजबूत कड़ी माने जाते हैं। इन्हीं के दम पर ग्रामीण स्तर की सूचनाओं का आदान-प्रदान उच्चाधिकारियों तक होता है, लेकिन चौकीदारों के हित की दिशा में जिम्मेदार गंभीर नहीं हैं। यही कारण है कि चौकीदारों की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं हो सकी। महंगाई के दौर में 2500 रुपये में महीने भर काम नहीं चल पाता है। चौकीदारों को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का दर्जा देने के साथ ही कम से कम 18500 रुपये मानदेय दिया जाए तो बेहतर होगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा चौकीदारों को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी घोषित करने तथा वेतन में वृद्धि करने का वादा किया गया था, लेकिन अब तक सरकार ने ध्यान नहीं दिया। बढ़ती महंगाई के इस दौर में परिवार का खर्च चलाना भी मुश्किल हो गया है। इस दौरान जिला महामंत्री इंद्रजीत, सोमई यादव, प्रेम, रमेश, कोदई, इंदर, शिव कुमार, अनिरुद्ध, सत्तन, रघुनाथ, केदार, उर्मिला आदि मौजूद रहे।
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चौकीदारों के हित की दिशा में जिम्मेदार गंभीर नहीं : जिलाध्यक्ष
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। चौकीदार संघ के जिलाध्यक्ष बाले खां की अध्यक्षता में सोमवार सुबह 10 बजे कलेक्ट्रेट परिसर में चौकीदारों ने धरना देकर डीएम को ज्ञापन सौंपा। सभी ने एक स्वर में कहा कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया जा रहा है। साथ ही मानदेय में बढ़ोतरी भी नहीं हुई है। ऐसे में घर गृहस्थी चलाना मुश्किल हो गया है।
जिलाध्यक्ष बाले खां ने कहा कि चौकीदार ग्राम स्तर से सूचना की पहली और सबसे मजबूत कड़ी माने जाते हैं। इन्हीं के दम पर ग्रामीण स्तर की सूचनाओं का आदान-प्रदान उच्चाधिकारियों तक होता है, लेकिन चौकीदारों के हित की दिशा में जिम्मेदार गंभीर नहीं हैं। यही कारण है कि चौकीदारों की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं हो सकी। महंगाई के दौर में 2500 रुपये में महीने भर काम नहीं चल पाता है। चौकीदारों को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का दर्जा देने के साथ ही कम से कम 18500 रुपये मानदेय दिया जाए तो बेहतर होगा।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा चौकीदारों को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी घोषित करने तथा वेतन में वृद्धि करने का वादा किया गया था, लेकिन अब तक सरकार ने ध्यान नहीं दिया। बढ़ती महंगाई के इस दौर में परिवार का खर्च चलाना भी मुश्किल हो गया है। इस दौरान जिला महामंत्री इंद्रजीत, सोमई यादव, प्रेम, रमेश, कोदई, इंदर, शिव कुमार, अनिरुद्ध, सत्तन, रघुनाथ, केदार, उर्मिला आदि मौजूद रहे।
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