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मरीजों की भीड़ के आगे व्यवस्था फेल
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भर्ती मरीज की देखरेख करती स्टाफ नर्स।
- फोटो : MAHARAJGANJ
मरीजों की भीड़ के आगे व्यवस्था फेल
जिला अस्पताल: डॉक्टरों की कम संख्या ने बढ़ाईं मुश्किलें
महराजगंज। मरीजों की भीड़ की वजह से जिला अस्पताल की व्यवस्था की पोल खुल गई है। पर्याप्त विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती न होने से मरीजों को समुचित इलाज नहीं मिल पा रहा है। चिकित्सकों के 37 पद स्वीकृत हैं वहीं 22 पर ही तैनाती है।
इन दिनों जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की संख्या काफी बढ़ी है। 26 अगस्त को 805 मरीज ओपीडी में इलाज कराने आए, वहीं 27 अगस्त को 934 मरीज पहुंचे। 29 अगस्त को मरीजों की संख्या बढ़कर 1007 हो गई। 30 अगस्त को 717 तो 31 अगस्त को 787 मरीज ओपीडी में पहुंचे। 1 सितंबर को 805 मरीजों ओपीडी में पहुंचकर इलाज कराए।
अस्पताल में मरीजों की बढ़ती संख्या की वजह से इलाज में परेशानी हो रही है, लेकिन व्यवस्था में सुधार नहीं होने के कारण समस्या बढ़ती जा रही है। मौसम के बदले मिजाज के कारण सेहत पर इसका असर दिख रहा है। सबसे ज्यादा बुखार, खांसी, बदन दर्द के मरीज इलाज करने पहुंच रहे हैं। ओपीडी में प्रत्येक दिन 40 से 50 मरीज बुखार से पीड़ित आ रहे हैं।
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बृहस्पतिवार को संक्रामक रोग वार्ड में बुखार के छह मरीज एवं अन्य बीमारियों से पीड़ित छह मरीज भर्ती मिले। एईएस (एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम) से पीड़ित एक मरीज भी अस्पताल में भर्ती है। चिकित्सकों की टीम पीड़ितों का इलाज कराने में जुटी है। भर्ती मरीजों के विवरण का बोर्ड भी अपडेट नहीं है।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विशाल चौधरी ने बताया कि मौसम में उतार चढ़ाव के वजह से सेहत पर इसका असर दिख रहा है। बच्चों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। बुखार होने पर तुंरत नजदीक के अस्पताल में इलाज कराएं। डॉ. एवी त्रिपाठी ने बताया कि ओपीडी में आने वाले मरीजों का बेहतर ढंग से इलाज किया जा रहा है। बुखार, बदन दर्द से पीड़ित ज्यादा मरीज आ रहे हैं।
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मरीज बोले-भीड़ में होती परेशानी
मोहनापुर के गजेंद्र पासवान ने बताया कि भीड़ होने से डॉक्टर से जांच कराने में परेशानी होती है। कतार में घंटे भर खड़ा रहना पड़ता है। चेहरी की माया ने बताया कि भीड़ में ठीक ढंग से जांच भी नहीं हो पाती है। जल्दी जांच के चक्कर में डॉक्टर किसी तरह से दवा लिखकर छुटकारा पा लेते हैं।
कोट
मरीजों का ठीक ढंग से इलाज किया जा रहा है। सभी चिकित्सकों को दायित्व के प्रति सजग रहने का निर्देश दिया गया है। मरीजों की भीड़ बढ़ी है।
-डॉ. एके द्विवेदी, सीएमएस
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जिला अस्पताल: डॉक्टरों की कम संख्या ने बढ़ाईं मुश्किलें
महराजगंज। मरीजों की भीड़ की वजह से जिला अस्पताल की व्यवस्था की पोल खुल गई है। पर्याप्त विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती न होने से मरीजों को समुचित इलाज नहीं मिल पा रहा है। चिकित्सकों के 37 पद स्वीकृत हैं वहीं 22 पर ही तैनाती है।
इन दिनों जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की संख्या काफी बढ़ी है। 26 अगस्त को 805 मरीज ओपीडी में इलाज कराने आए, वहीं 27 अगस्त को 934 मरीज पहुंचे। 29 अगस्त को मरीजों की संख्या बढ़कर 1007 हो गई। 30 अगस्त को 717 तो 31 अगस्त को 787 मरीज ओपीडी में पहुंचे। 1 सितंबर को 805 मरीजों ओपीडी में पहुंचकर इलाज कराए।
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अस्पताल में मरीजों की बढ़ती संख्या की वजह से इलाज में परेशानी हो रही है, लेकिन व्यवस्था में सुधार नहीं होने के कारण समस्या बढ़ती जा रही है। मौसम के बदले मिजाज के कारण सेहत पर इसका असर दिख रहा है। सबसे ज्यादा बुखार, खांसी, बदन दर्द के मरीज इलाज करने पहुंच रहे हैं। ओपीडी में प्रत्येक दिन 40 से 50 मरीज बुखार से पीड़ित आ रहे हैं।
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बृहस्पतिवार को संक्रामक रोग वार्ड में बुखार के छह मरीज एवं अन्य बीमारियों से पीड़ित छह मरीज भर्ती मिले। एईएस (एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम) से पीड़ित एक मरीज भी अस्पताल में भर्ती है। चिकित्सकों की टीम पीड़ितों का इलाज कराने में जुटी है। भर्ती मरीजों के विवरण का बोर्ड भी अपडेट नहीं है।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विशाल चौधरी ने बताया कि मौसम में उतार चढ़ाव के वजह से सेहत पर इसका असर दिख रहा है। बच्चों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। बुखार होने पर तुंरत नजदीक के अस्पताल में इलाज कराएं। डॉ. एवी त्रिपाठी ने बताया कि ओपीडी में आने वाले मरीजों का बेहतर ढंग से इलाज किया जा रहा है। बुखार, बदन दर्द से पीड़ित ज्यादा मरीज आ रहे हैं।
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मरीज बोले-भीड़ में होती परेशानी
मोहनापुर के गजेंद्र पासवान ने बताया कि भीड़ होने से डॉक्टर से जांच कराने में परेशानी होती है। कतार में घंटे भर खड़ा रहना पड़ता है। चेहरी की माया ने बताया कि भीड़ में ठीक ढंग से जांच भी नहीं हो पाती है। जल्दी जांच के चक्कर में डॉक्टर किसी तरह से दवा लिखकर छुटकारा पा लेते हैं।
कोट
मरीजों का ठीक ढंग से इलाज किया जा रहा है। सभी चिकित्सकों को दायित्व के प्रति सजग रहने का निर्देश दिया गया है। मरीजों की भीड़ बढ़ी है।
-डॉ. एके द्विवेदी, सीएमएस