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Maharajganj News: धूप ने झुलसाया, पंखे-कूलर भी नहीं दे सके राहत
Tue, 11 Jun 2024 06:26 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Tue, 11 Jun 2024 06:26 PM IST
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महराजगंज। गर्मी के सितम से लोग बेहाल हो गए हैं। सूर्योदय के कुछ देर बाद ही सूरज आग उगलने लग रहा है। पंखे-कूलर भी राहत नहीं दे पा रहे हैं। देर से उठने के अभ्यस्त अथवा देर रात तक काम करने के बाद नींद के फिराक में जुटे लोगों को दिनचर्या धूप निकलने से पहले ही शुरू कर देनी पड़ रही है। स्थिति यह है कि दिन में जहां नींद लेना संभव नहीं है, वहीं रात के समय भी लोगों की नींद नहीं पूरी हो पा रही हो। मंगलवार सुबह ही चटख धूप ने लोगों को बेहाल कर दिया।
मौसम की बेरुखी लोगों के लिए समस्या का कारण बनी हुई है। सोमवार को दिन में तो तेज धूप ने लोगों को बेहाल किया ही, रात को उमस ने जागने को मजबूर कर दिया। पूरी रात लोग पंखा, कूलर चलाकर सोए जरूर, लेकिन उमस के कारण नींद नहीं आई और वह बिस्तर पर करवट बदलते रहे। सुबह चार बजे हल्की हवा चलने से कुछ राहत मिली, लेकिन तब तक अधिकतर लोग बिस्तर छोड़ चुके थे। तापमान 44 डिग्री रिकार्ड किया गया, लेकिन लोगों ने ताप अधिक महसूस किया।
हवा न चलने के कारण पूरे दिन लोगों को गर्मी झेलनी पड़ी और वह अपना काम निपटाते दिखे। महिलाओं और बच्चों ने तो जैसे दिन में सड़क पर निकलना बंद कर दिया है। दिन डूबने के बाद ही इन्हें देखा जा सकता है। नौकरी पेशा तो तेज धूप में किसी तरह नौकरी कर रहे हैं, लेकिन किसानों को अधिक समस्या हो रही है। ग्रीष्मकालीन उड़द, मूंग अथवा सब्जियों में लोग पानी तो चला रहे हैं, लेकिन पानी तेजी से सूखने के चलते सिंचाई देर तक करनी पड़ रही है। ताल पोखरों में पानी न होने के चलते पशुपालक भी अपने पशुओं को नहलाने व पानी पिलाने में दिक्कत महसूस कर रहे हैं। दूसरी ओर अस्पतालों में मरीज व तीमारदार भी परेशान हैं।
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जवाहर लाल नेहरू स्मारक पीजी काॅलेज के भूगोल विभागाध्यक्ष दिवाकर सिंह ने कहा कि अभी दो से तीन दिन मौसम इसी प्रकार बने रहने का अनुमान है।
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मौसम की बेरुखी लोगों के लिए समस्या का कारण बनी हुई है। सोमवार को दिन में तो तेज धूप ने लोगों को बेहाल किया ही, रात को उमस ने जागने को मजबूर कर दिया। पूरी रात लोग पंखा, कूलर चलाकर सोए जरूर, लेकिन उमस के कारण नींद नहीं आई और वह बिस्तर पर करवट बदलते रहे। सुबह चार बजे हल्की हवा चलने से कुछ राहत मिली, लेकिन तब तक अधिकतर लोग बिस्तर छोड़ चुके थे। तापमान 44 डिग्री रिकार्ड किया गया, लेकिन लोगों ने ताप अधिक महसूस किया।
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हवा न चलने के कारण पूरे दिन लोगों को गर्मी झेलनी पड़ी और वह अपना काम निपटाते दिखे। महिलाओं और बच्चों ने तो जैसे दिन में सड़क पर निकलना बंद कर दिया है। दिन डूबने के बाद ही इन्हें देखा जा सकता है। नौकरी पेशा तो तेज धूप में किसी तरह नौकरी कर रहे हैं, लेकिन किसानों को अधिक समस्या हो रही है। ग्रीष्मकालीन उड़द, मूंग अथवा सब्जियों में लोग पानी तो चला रहे हैं, लेकिन पानी तेजी से सूखने के चलते सिंचाई देर तक करनी पड़ रही है। ताल पोखरों में पानी न होने के चलते पशुपालक भी अपने पशुओं को नहलाने व पानी पिलाने में दिक्कत महसूस कर रहे हैं। दूसरी ओर अस्पतालों में मरीज व तीमारदार भी परेशान हैं।
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जवाहर लाल नेहरू स्मारक पीजी काॅलेज के भूगोल विभागाध्यक्ष दिवाकर सिंह ने कहा कि अभी दो से तीन दिन मौसम इसी प्रकार बने रहने का अनुमान है।