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Maharajganj News: सचिव को पता नहीं गोसदन में कितने गोवंश
Fri, 30 May 2025 07:34 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Fri, 30 May 2025 07:34 PM IST
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निचलौल। क्षेत्र के मदनपुरा गांव स्थित गोसदन का शुक्रवार को एसडीएम शैलेंद्र गौतम ने निरीक्षण किया। गोसदन के जिम्मेदार गोवंशीय पशुओं से संबंधित स्टॉक रजिस्टर नहीं दिखा सके। पशुओं के लिए रखा गया सूखा भूसा देख एसडीएम ने नाराजगी जताते हुए जिम्मेदारों को कार्य में सुधार लाने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान पहले एसडीएम शैलेंद्र गौतम स्टॉक रूम में पहुंचे, जहां पर ग्राम सचिव जयहिंद शर्मा से गोवंशीय पशुओं से संबंधित स्टॉक रजिस्टर मांगा, लेकिन सचिव स्टॉक रजिस्टर उपलब्ध नहीं करा सके। एसडीएम के पूछने पर सचिव ने बताया कि गोसदन में दो गाय और 40 बछड़े सहित 42 गोवंशीय पशु हैं। गणना की गई तो इनकी संख्या 52 निकली।
सचिव ने कहा कि गोसदन में 14 बोरी पशु आहार, 19 बोरी चोकर के साथ ही एक बोरी नमक उपलब्ध है। वहीं पशुओं को खिलाने के लिए 350 क्विंटल भूसा दान में मिला है, जबकि 100 क्विंटल खरीदा गया है। गोसदन के जिम्मेदारों की करतूत देख एसडीएम तब हैरान हो गए। जब पशुओं के बाड़े में केवल खाने के लिए भूखा रखा गया था।
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इसी बीच मदनपुरा निवासी इजहार अहमद आ पहुंचे। उन्होंने बताया कि साहब गोसदन के जिम्मेदार रात में पशुओं को खुला छोड़ देते हैं। पशु गोसदन से निकलकर फसलों को नष्ट कर देते हैं। एसडीएम ने नाराजगी जताते हुए जिम्मेदारों को कार्य में सुधार लाने की बात कही। वहीं एसडीएम के पूछताछ में ग्राम प्रधान कृष्ण मुरारी ने बताया कि गोसदन का देखरेख केयरटेकर इंद्रावती, भुआल और गूंजा करती हैं।
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निरीक्षण के दौरान पहले एसडीएम शैलेंद्र गौतम स्टॉक रूम में पहुंचे, जहां पर ग्राम सचिव जयहिंद शर्मा से गोवंशीय पशुओं से संबंधित स्टॉक रजिस्टर मांगा, लेकिन सचिव स्टॉक रजिस्टर उपलब्ध नहीं करा सके। एसडीएम के पूछने पर सचिव ने बताया कि गोसदन में दो गाय और 40 बछड़े सहित 42 गोवंशीय पशु हैं। गणना की गई तो इनकी संख्या 52 निकली।
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सचिव ने कहा कि गोसदन में 14 बोरी पशु आहार, 19 बोरी चोकर के साथ ही एक बोरी नमक उपलब्ध है। वहीं पशुओं को खिलाने के लिए 350 क्विंटल भूसा दान में मिला है, जबकि 100 क्विंटल खरीदा गया है। गोसदन के जिम्मेदारों की करतूत देख एसडीएम तब हैरान हो गए। जब पशुओं के बाड़े में केवल खाने के लिए भूखा रखा गया था।
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इसी बीच मदनपुरा निवासी इजहार अहमद आ पहुंचे। उन्होंने बताया कि साहब गोसदन के जिम्मेदार रात में पशुओं को खुला छोड़ देते हैं। पशु गोसदन से निकलकर फसलों को नष्ट कर देते हैं। एसडीएम ने नाराजगी जताते हुए जिम्मेदारों को कार्य में सुधार लाने की बात कही। वहीं एसडीएम के पूछताछ में ग्राम प्रधान कृष्ण मुरारी ने बताया कि गोसदन का देखरेख केयरटेकर इंद्रावती, भुआल और गूंजा करती हैं।