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Maharajganj News: 32 करोड़ रुपये से बनेगी सड़क
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जर्दी डोमरा बांध पर क्षतिग्रस्त ईंट खड़ंजा।
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। अनंतपुर रिंग बंधे से लेकर अक्टहवा पुल तक 18 किलोमीटर लंबी पक्की सड़क का निर्माण जल्द होगा। इस परियोजना के लिए सिंचाई विभाग की ओर से डीपीआर तैयार हो चुका है।
सड़क के निर्माण पर 32 करोड़ रुपये की लागत आएगी। यह सड़क तटबंध के किनारे बसे ग्रामीणों के लिए आवागमन को सुगम बनाने के साथ-साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बांध की सुरक्षा को भी आसान बनाएगी।
जानकारी के अनुसार, पनियरा क्षेत्र में रोहिन नदी के किनारे बसे ग्रामीणों को बंधे की सड़क स्थिति बेहद खराब होने से आवागमन में दिक्कत होती है। जर्दी-डोमरा बांध से बड़हरा-लाला होते हुए लक्ष्मीपुर और रानीपुर से अक्टहवा पुल तक ईंट खड़ंजा वाली सड़क बारिश के मौसम में कीचड़युक्त हो जाती हैं, जिससे आवागमन लगभग असंभव हो जाता है। इसी तरह, रानीपुर से डोमरा होते हुए अक्टहवा तक की आठ किलोमीटर लंबी सड़क जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। सड़क की बदहाली से तटबंध के किनारे बसे सैकड़ों परिवार प्रभावित होते हैं।
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राहत की बात यह है कि सिंचाई विभाग द्वितीय ने इस सड़क को पक्का बनाने के लिए डीपीआर तैयार किया है। अनंतपुर रिंग बंधे से लाला बड़हरा, लक्ष्मीपुर, रानीपुर और अक्टहवा पुल तक करीब 18 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण प्रस्तावित है, जिसे जल्द ही स्वीकृति के लिए शासन को भेजा जाएगा। पनियरा क्षेत्र महराजगंज जिले का एक ऐसा इलाका है जहां रोहिन नदी बहती हैं और बाढ़ का खतरा हमेशा संभावना बना रहता है। यहां के तटबंध न केवल बाढ़ से सुरक्षा प्रदान करते हैं, बल्कि ग्रामीणों के लिए मुख्य आवागमन मार्ग भी हैं। लेकिन वर्षों की उपेक्षा के कारण ये सड़क अब खतरे की घंटी बजा रही है। जर्दी-डोमरा बांध की कच्ची सड़क पर ईंट खड़ंजा तो लगाया गया है लेकिन यह भी पहली बारिश में ही खराब हो गया।
ग्रामीण आलोक ने बताया कि बंधे की सड़क जगह-जगह गड्ढायुक्त हो चुकी है। बारिश के मौसम में तो हालत ऐसी हो जाती है कि गाड़ी चलाना मुश्किल हो जाता है। गंगा पासवान ने बताया कि जर्दी-लाला बड़हरा सिवान से अनंतपुर रिंग बांध तक सड़क की स्थिति बेहद खराब है। सुतितपुर और लाला बड़हरा के लोग बांध के रास्ते आने-जाने को मजबूर होते हैं। यह रास्ता इतना जोखिम भरा है कि कभी-कभी दुर्घटना भी हो जाती हैं।
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महराजगंज। अनंतपुर रिंग बंधे से लेकर अक्टहवा पुल तक 18 किलोमीटर लंबी पक्की सड़क का निर्माण जल्द होगा। इस परियोजना के लिए सिंचाई विभाग की ओर से डीपीआर तैयार हो चुका है।
सड़क के निर्माण पर 32 करोड़ रुपये की लागत आएगी। यह सड़क तटबंध के किनारे बसे ग्रामीणों के लिए आवागमन को सुगम बनाने के साथ-साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बांध की सुरक्षा को भी आसान बनाएगी।
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जानकारी के अनुसार, पनियरा क्षेत्र में रोहिन नदी के किनारे बसे ग्रामीणों को बंधे की सड़क स्थिति बेहद खराब होने से आवागमन में दिक्कत होती है। जर्दी-डोमरा बांध से बड़हरा-लाला होते हुए लक्ष्मीपुर और रानीपुर से अक्टहवा पुल तक ईंट खड़ंजा वाली सड़क बारिश के मौसम में कीचड़युक्त हो जाती हैं, जिससे आवागमन लगभग असंभव हो जाता है। इसी तरह, रानीपुर से डोमरा होते हुए अक्टहवा तक की आठ किलोमीटर लंबी सड़क जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। सड़क की बदहाली से तटबंध के किनारे बसे सैकड़ों परिवार प्रभावित होते हैं।
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राहत की बात यह है कि सिंचाई विभाग द्वितीय ने इस सड़क को पक्का बनाने के लिए डीपीआर तैयार किया है। अनंतपुर रिंग बंधे से लाला बड़हरा, लक्ष्मीपुर, रानीपुर और अक्टहवा पुल तक करीब 18 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण प्रस्तावित है, जिसे जल्द ही स्वीकृति के लिए शासन को भेजा जाएगा। पनियरा क्षेत्र महराजगंज जिले का एक ऐसा इलाका है जहां रोहिन नदी बहती हैं और बाढ़ का खतरा हमेशा संभावना बना रहता है। यहां के तटबंध न केवल बाढ़ से सुरक्षा प्रदान करते हैं, बल्कि ग्रामीणों के लिए मुख्य आवागमन मार्ग भी हैं। लेकिन वर्षों की उपेक्षा के कारण ये सड़क अब खतरे की घंटी बजा रही है। जर्दी-डोमरा बांध की कच्ची सड़क पर ईंट खड़ंजा तो लगाया गया है लेकिन यह भी पहली बारिश में ही खराब हो गया।
ग्रामीण आलोक ने बताया कि बंधे की सड़क जगह-जगह गड्ढायुक्त हो चुकी है। बारिश के मौसम में तो हालत ऐसी हो जाती है कि गाड़ी चलाना मुश्किल हो जाता है। गंगा पासवान ने बताया कि जर्दी-लाला बड़हरा सिवान से अनंतपुर रिंग बांध तक सड़क की स्थिति बेहद खराब है। सुतितपुर और लाला बड़हरा के लोग बांध के रास्ते आने-जाने को मजबूर होते हैं। यह रास्ता इतना जोखिम भरा है कि कभी-कभी दुर्घटना भी हो जाती हैं।