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Maharajganj News: जर्जर 357 परिषदीय विद्यालयों की देखी जाएगी हकीकत

Tue, 18 Jul 2023 12:47 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 18 Jul 2023 12:47 AM IST
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The reality of dilapidated 357 council schools will be seen
- जिलाधिकारी ने जर्जर स्कूलों के आकलन के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन करते हुए अविलंब रिपोर्ट मांगी
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संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। जिले में जर्जर श्रेणी में शामिल किए गए 357 परिषदीय विद्यालयों की वास्तविकता देखने के लिए प्रशासन ने तीन सदस्यीय टीम गठित कर दी है। टीम चिह्नित किए गए विद्यालयों में जाकर वहां पर कमियों को देखेगी एवं रिपोर्ट तैयार करते हुए सुधारात्मक दृष्टि से किए जाने वाले कार्यों के बारे में जानकारी देगी। इसके बाद भवनों के सुधारात्मक कार्य से लेकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होगी।
जिले में संचालित होने वाले 1695 परिषदीय स्कूलों में से अधिकांश विद्यालय ऐसे हैं जो दिन-प्रतिदिन न सिर्फ पुराने होते जा रहे हैं, बल्कि जर्जर अवस्था में होने के कारण कभी भी ध्वस्त हो सकते हैं। ऐसे में किसी प्रकार की मुश्किलों से बचने के लिए अब इन विद्यालयों की स्थिति को सुधारने की दिशा में पहल की जानी है। विद्यालयों की वास्तविक स्थिति को जानने केे लिए जिला प्रशासन ने अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, सहायक अभियंता लोक निर्माण विभाग व सहायक अभियंता लघु सिंचाई की समिति बनाते हुए कमियों का आकलन करते हुए जल्द से जल्द रिपोर्ट देने को कहा है।
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नौतनवां ब्लॉक के सर्वाधिक विद्यालयों का हुआ है चिह्नीकरण
जिले में नौतनवां ब्लॉक के सर्वाधिक 83, लक्ष्मीपुर के 46, निचलौल के 41, घुघली के 34, मिठौरा के 29, सदर के 27, सिसवा के 26, बृजमनगंज, धानी व पनियरा के 17-17, फरेंदा के 15 व परतावल के सबसे कम पांच विद्यालय का चयन हुआ है। हालांकि चयनित विद्यालयों की सूची में अच्छे भवन वाले विद्यालयों का भी नाम दिख रहा है।
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जिले मेें जर्जर विद्यालयों के रूप में चयनित होने वाले सभी 357 परिषदीय विद्यालयों की हकीकत को जांचने के लिए जिला प्रशासन की ओर से तीन सदस्यीय समिति गठित है। रिपोर्ट के बाद वास्तविक रूप से जर्जर मिलने वाले विद्यालयों को ध्वस्त कराने का कार्य होगा।
श्रवण कुमार गुप्ता, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
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